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Module 3d

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Tiffin Box Carrier

Module 3.4

कुटीर उद्योग – 4

डब्बा-वाला

 

डब्बावाला कौन है?

डब्बावाला का शाब्दिक अर्थ है डिब्बे लिए हुआ व्यक्ति। यह व्यक्ति भारत के मुंबई  शहर में एक ऐसी अनोखी रोजगार सेवा में कार्यरत है  जिसका व्यवसाय है उपनगरों के आवासों से दोपहर के ताजा पकाये भोजन के डिब्बे एकत्र करना  और  संबंधित व्यक्तियों के कार्यस्थलों तक पहुंचाना और फिर खाली डिब्बे वापस ग्राहक के निवास पर लौटाना ।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

“टिफ़िन” एक पुराने ज़माने की अंग्रेज़ी में दोपहर के भोजन या दोपहर के नाश्ते के लिए शब्द है। डिब्बेवाला कभी कभी टिफ़िनवाला भी कहा जाता है । यह वास्तव में मुंबई में एक अति विशिष्ट सेवा है जो एक सदी से भी अधिक पुरानी है और इस शहर के सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है।

डिब्बेवाला की अवधारणा तब उत्पन्न हुई थी जब भारत और पाकिस्तान ब्रिटिश शासन के अधीन था। कई ब्रिटिश लोग जो कॉलोनी स्थापित करने आए थे, उन्हें स्थानीय खाना पसंद नहीं था अतः उनके घर से सीधे कार्यस्थल में दोपहर का भोजन लाने के लिए एक सेवा की स्थापना की गई। हालांकि आजकल भारतीय पुरुष व्यवसायी ही डिब्बावालों के मुख्य ग्राहक हैं, पर अमीर परिवारों के स्कूल जानेवाले बच्चों के लिए भी दोपहर के भोजन के वितरण के लिए इनकी सेवाएँ  ली जा रही हैं। कुछ स्थितियों में इन सेवाओं में खाना पका कर ले जाना भी शामिल हो सकता है। यह मुख्य रूप से या तो घर का बना खाना या कुछ मामलों  में एक रेस्तरां से भोजन लेकर पहुंचाना भी हो सकता है। यह काम आम तौर पर एक मासिक शुल्क पर किया जाता है।

यह सेवा 1880 में प्रारंभ हुई थी । 1890 में, महादेव हवाजी बच्छे ने 100 पुरुषों के साथ दोपहर के भोजन के वितरण की सेवा शुरू की।1930 में उन्होंने अनौपचारिक डब्बावाला यूनियन बनाने  का प्रयास किया। बाद में 1956 में एक धर्मार्थ ट्रस्ट के अंतर्गत नूतन मुंबई टिफिन डिब्बा सप्लायर्स ट्रस्ट नाम से इसे पंजीकृत किया गया। इस ट्रस्ट की वाणिज्यिक शाखा 1968 में मुंबई टिफिन डिब्बा सप्लायर्स एसोसिएशन के रूप में पंजीकृत की गई । संघ के वर्तमान अध्यक्ष सोपान लक्ष्मण मारे हैं।

कार्यविधि

एक डिब्बेवाला आमतौर पर साइकिल पर डिब्बे या तो एक कार्यकर्ता के घर से या डिब्बे तैयार करने वाले रेस्तराँ से इकट्ठे करता है। हर डिब्बे पर कुछ विशेष प्रकार के पहचान चिह्न होते हैं। हर डिब्बेवाला उन्हें एक निश्चित छँटाई की जगह ले जाता है, जहां वह और अन्य डिब्बेवाले दोपहर के भोजन के डिब्बे कई प्रकार के समूहों को बांटते हैं। ये समूहीकृत डिब्बे गंतव्य डिब्बों की पहचान-चिह्नों के साथ रेलगाड़ियों के डिब्बे में डाले जाते हैं । आम तौर पर वहाँ रेलगाड़ी में डिब्बे के लिए एक नामित कार होती है। इन चिह्नों में रेल से डिब्बे उतारने के लिए स्टेशन का नाम और उस इमारत का पता शामिल होता है जहां डिब्बा वितरित किया जाना है। प्रत्येक स्टेशन पर एक स्थानीय डिब्बेवाले को डिब्बे सौंप दिए जाते हैं। खाली डिब्बे दोपहर के भोजन के बाद फिर से एकत्र कर उनके घरों को वापस पहुँचा दिए जाते हैं ।

            यह सेवा लगभग हमेशा निर्बाध होती है, मानसून जैसे गंभीर मौसम के दिनों में भी। स्थानीय डिब्बेवाला और जनता के लोग एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं  और इनमें आपस में विश्वास का अटूट रिश्ता है । डिब्बेवाले  आम तौर पर स्थानीय क्षेत्रों से अच्छी तरह परिचित होते हैं, और शॉर्टकट और अन्य कम व्यस्त मार्गों का उपयोग करके  समय पर अपना माल देने में सफल होते हैं।

प्रौद्योगिकी का प्रयोग

अब डिब्बेवालों ने अब नई प्रौद्योगिकी को गले लगाना शुरू कर दिया है, और अब इन्हें एस.एम.एस. के माध्यम से वितरण के लिए बुकिंग की अनुमति भी है। वेबसाइट पर ग्राहक की ऑनलाइन प्रतिक्रिया को अहम स्थान  दिया जाता है। इस प्रणाली की सफलता सामूहिक कार्य और समय प्रबंधन पर निर्भर करती है। इस व्यापक वितरण-शृंखला में समर्पण और प्रतिबद्धता इतनी है कि वहाँ किसी तरह के दस्तावेज़ीकरण की कोई ज़रूरत नहीं है। एक साधारण रंग की कोडिंग प्रणाली गंतव्य स्थान और प्राप्तकर्ता के लिए एक आई.डी. प्रणाली के रूप में काम करता है। प्रत्येक डिब्बेवाले को एक न्यूनतम पूंजी के योगदान की आवश्यकता है – दो साइकिल, टिफिन के लिए एक लकड़ी की टोकरी,सूती सफ़ेद कुर्ता – पाजामा, सफ़ेद ट्रेडमार्क और गांधी टोपी।

आर्थिक विश्लेषण

प्रत्येक डिब्बेवाला को उसकी भूमिका की परवाह किए बिना दो से चार हजार रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाता है। एक अनुमान के अनुसार हर दिन  175,000 या 200,000 दोपहर के भोजन के डिब्बे लगभग 5,000 डिब्बेवालों  द्वारा ले जाए जाते हैं वह भी एक अत्यंत मामूली शुल्क के साथ और अत्यंत समय की पाबंदी के साथ। हाल के सर्वेक्षण के अनुसार वितरण के सभी कर्मचारियों के अनपढ़ होने के बावजूद हर 6 लाख डिब्बों के वितरण में एक प्रतिशत से भी कम गलती की संभावना देखने में आई है।

अंतरराष्ट्रीय पहचान

प्रिंस चार्ल्स ने अपनी भारत यात्रा के दौरान डिब्बेवालों के साथ मुलाकात को अपने कार्यक्रम में नियोजित किया जिस पर बीबीसी ने एक वृत्तचित्र बनाया। लंदन में अप्रैल 2005 में प्रिंस चार्ल्स ने केमिला पार्कर बाउल्स के साथ अपनी शादी में उन्हें भी आमंत्रित किया था। जबरदस्त प्रचार के कारण कुछ डिब्बेवालों को भारत के कुछ शीर्ष बिजनेस स्कूलों में अतिथि-व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जोकि एक असामान्य बात है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट है कि 125 साल पुराना डिब्बेवाला उद्योग प्रतिवर्ष 5-10% की दर से बढ़ने की दिशा में प्रयासरत है।

उपयोगी शब्दार्थ

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

शाब्दिक अर्थ m

अनोखी रोजगार सेवा f

कार्यरत

संबंधित व्यक्ति m/f

कार्यस्थल m

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि f

अति विशिष्ट सेवा f

अभिन्न अंग m

अवधारणा m

मासिक शुल्क m

वाणिज्यिक शाखा f

कार्यविधि f

छँटाई की जगह f

समूहीकृत

नामित

गंतव्य m

निर्बाध

अटूट रिश्ता m

प्रौद्योगिकी f

प्रतिक्रिया f

अहम स्थान m

समर्पण m

प्रतिबद्धता f

दस्तावेज़ीकरण m

न्यूनतम पूंजी f

आर्थिक विश्लेषण m

भूमिका f

समय की पाबंदी f

सर्वेक्षण m

संभावना f

वृत्तचित्र m

अतिथि-व्याख्यान m

असामान्य

प्रयासरत

literal meaning

unique employment service

busy

concerned person

work place

historical background

very special service

integral part

concept

monthly fee

commercial branch

working method

sorting place

collected

assigned

destination

without obstruction

solid relationship

technology

reaction

important place

dedication

commitment

documenting

minimum capital

economic analysis

role

time restriction

survey

probability

documentary film

guest lecture

special, extraordinary

engaged, busy

Linguistic and Cultural Notes

1.Although English avoids use of passive, In Hindi the passive is used to avoid mentioning mentioning the logical subject of the sentence. Although suh a need exists in many social situations it is especially true of jouranism where writers want to mention something without attributing it to the source of information. The current unit contains plenty of such examples. Some examples are – एक सेवा की स्थापना की गई, दोपहर के भोजन के वितरण के लिए इनकी सेवाएं ली जा रही हैं, यह काम आम तौर पर एक मासिक शुल्क पर किया जाता है, इस ट्रस्ट की वाणिज्यिक शाखा 1968 में मुंबई टिफिन डिब्बा सप्लायर्स एसोसिएशन के रूप में पंजीकृत की गई.

2 Necessity is the mother of invention. India’s population is almost four times the population of the United States while its area is only about one-third the area of the United States. Among other reasons, the population density of India has caused stiff competition to earn livelihood and has compelled people to think of new ideas for their survival. One such idea evolved into the huge business of tiffin carriers in Mumbai. This well-organized indigenous business provides employment to approximately 5000 workers.

3. Words and affixes from Sanskrit and Perso-Arabic sources are often not mixed to create new words. But it may be due to communicative needs or due to the developing composite culture of India  we do see some mixing across borders. One such example in theis unit is दस्तावेज़ीकरण.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

विशिष्ट

कार्यरत

अवधारणा

कार्यविधि

रिश्ता

स्थान

पूंजी

खास, विशेष

व्यस्त

विचार

कार्यप्रणाली

संबंध

जगह, स्थल

संपत्ति, पैसा

Structurally Related Words (Derivatives)

शब्द, शब्दावली, शब्दसूची, शाब्दिक, शब्दशः

संबंध, संबंधी, संबंधित, संबद्ध

इतिहास, ऐतिहासिक, ऐतिहासिकता

विशेष, विशेषता, विशेषज्ञ, विशेषज्ञता, विशिष्ट, विशिष्टता, वैशिष्ट्य

भिन्न, भिन्नता, भिन्न भिन्न, विभिन्न, अभिन्न, अभिन्नता

धारणा, अवधारणा

मास, मासिक

वनिक्, वाणिज्य, वाणिज्यिक

नाम, नामित

बाधा, बाधक, निर्बाध

क्रिया, प्रक्रिया, प्रतिक्रिया, प्रतिक्रियात्मक, सक्रिय, सक्रियता, निष्क्रिय, निष्क्रियता

अर्पण, समर्पण

Comprehension Questions

1. Which of the following is not stated or implied in the text?

a. Tiffin service started more than 125 years ago.

b. People have great confidence in tiffin carriers.

c. Tiffin carriers receive high-profile attention.

d. The tiffin system operates with computers and vans.

2. Who are the tiffin-carriers’ main customers for whom they carry the meals?

a. business men

b. school children

c. all  professionals

d. rich people

Supplementary Material Module 3

Reading

1. NIRMA

Original article available at

http://en.wikipedia.org/wiki/Nirma http://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE

Listening

1.TEDxSSN – Dr. Pawan Agrawal – Mumbai Dabbawala

http://www.youtube.com/watch?v=N25inoCea24

DabbaWalas – Amazing Meal Delivery in India (Dabbawalas)

http://www.youtube.com/watch?v=fTkGDXRnR9I

2. Lijjat

Uploaded on Mar 15, 2009

स्वाद का लंबा सफर                            

http://www.youtube.com/watch?v=CN2p8j13kuM

Things  you didn’t know about lijjat papad

3. Nirma

http://www.youtube.com/watch?v=wrl_T_llU4o

4. Nirma Situation Analysis

http://www.youtube.com/watch?v=hzt9NxYNAoA

uploaded on Sep 7, 2010

SItuation Analysis Report of Nirma as a declining brand

Discussion Ideas Module 3

1.  In groups of 2 or3, discuss what lessons can be learned from India’s Tiffin Box carriers and how these lessons can be applied to improve logistics and transportation industries in India.

2.  Perform a role play between Lijjit पापड़ management and female cooperative members. The members are seeking more income as the cost of living rises. At the same time the company is facing greater competition from other food manufacturers. Within 5-7 minutes, each party should present its point of view and then try to reach agreement.

3.  What is going to be the effect on cottage industries as multinationals enter India? Will they benefit and flourish? Will the competition between them destroy the local industry?

4.  Develop a product for a cottage industry and create a marketing campaign which explains why it is better through your small local business than through the MNCs.

5.  Debate the value of preserving cottage industries versus allowing full competition from multinationals.  What should be the regulatory role of the government?  What level of protectionism may be detrimental?

6.  Discussion:  Family business is an important component of the Indian economy.  What strengths and challenges does that bring, especially in the face of globalization?

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