Module 10

Module Ten – Business stories of Rich & Famous

प्रसिद्ध और अमीर लोगों के व्यवसाय की कहानियाँ

Stories of the Rich and Famous

a. Business story of rich and famous – Ratan Tata

Module  10.1

 

प्रसिद्ध और अमीर लोगों के व्यवसाय की कहानियाँ

Business Stories of Rich and Famous

 

 

 

रतन  टाटा

Ratan Tata

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Learning steps to international success


Text

रतन  टाटा

रतन टाटा का जन्म 28 दिसम्बर 1937 को मुंबई में हुआ और वे  टाटा समूह के वर्ष 1991 से 2012 तक अध्यक्ष थे । 2012 में अध्यक्षीय पद से निवृत्त होने के बाद वे अवैतनिक सलाहकार के रूप में अब भी समूह से संबद्ध हैं ।  टाटा समूह भारत का  सबसे बड़ा  व्यापारिक समूह है जिसकी स्थापना जमशेदजी टाटा ने की और उनके परिवार की पीढ़ियों ने इसका विस्तार किया और इसे दृढ़ बनाया । रतन टाटा एक शर्मीले व्यक्ति हैं, समाज की झूठी चमक दमक में विश्वास नहीं करते ।  वे सालों से मुंबई के कोलाबा जिले में किताबों एवं कुत्तों से भरे हुए एक बेचलर फ्लैट में रह रहे हैं ।

जमशेदजी टाटा (3 मार्च, 1839  – 19 मई,1904)  वर्तमान में भारत के विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक थे । उनका जन्म सन् 1839 में गुजरात के एक छोटे से कस्बे नवसेरी में हुआ था । उनके पिता जी का नाम नुसीरवानजी था व उनकी माता जी का नाम जीवन बाई टाटा था । पारसी पादरियों के अपने खानदान में नुसीरवानजी पहले व्यवसायी थे । भाग्य उन्हें बंबई ले आया जहाँ उन्होंने व्यवसाय में कदम रखा । जमशेदजी 14 साल की नाज़ुक उम्र में ही उनका साथ देने लगे । जमशेदजी ने एल्फिंस्टन कालेज में प्रवेश लिया और अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने हीरा बाई दबू से विवाह कर लिया था । वे 1858 में स्नातक हुए और अपने पिता के व्यवसाय से पूरी तरह जुड़ गए ।

उद्योग का आरम्भ

वह दौर बहुत कठिन था । अंग्रेज़ अत्यंत बर्बरता से 1857 की  क्रान्ति को कुचलने में सफल हुए थे । 29 साल की  उमर तक जमशेदजी अपने पिता जी के साथ ही काम करते रहे ।1868 में उन्होंने 21, 000 रुपयों के साथ अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया । सबसे पहले उन्होंने एक दिवालिया तेल कारखाना ख़रीदा और उसे एक रुई के कारखाने में तब्दील कर दिया और उसका नाम बदल कर रखा – एलेक्जेंडर मिल ।  दो साल बाद उन्होंने इसे खासे मुनाफे के साथ बेच दिया । इस पैसे के साथ उन्होंने नागपुर में 1874 में एक रुई का कारखाना लगाया। महारानी विक्टोरिया ने उन्हीं दिनों क्वीन विक्टोरिया का खिताब हासिल किया था और जमशेदजी ने भी वक़्त को समझते हुए कारखाने का नाम एम्प्रेस मिल रखा ।

महान दूरदर्शी

जमशेदजी एक अलग ही व्यक्तित्व के मालिक थे । उन्होंने न केवल कपड़ा बनाने के नए नए तरीक़े ही अपनाए बल्कि अपने कारखाने में काम करने वाले श्रमिकों का भी खूब ध्यान रखा । उनके भले के लिए जमशेदजी ने अनेक नई व बेहतर श्रम-नीतियाँ अपनाई । इस नज़र से भी वे अपने समय से कहीं आगे थे । सफलता को कभी केवल अपनी जागीर नहीं समझा बल्कि उनके लिए उनकी सफलता उन सब श्रमिकों के साथ साझी थी जो उनके लिए काम करते थे । जमशेद जी के अनेक राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी नेताओं से नजदीकी संबंध थे । उन में प्रमुख थे दादाभाई नौरोजी और फिरोजशाह मेहता । जमशेदजी की सोच पर इनका काफी प्रभाव था ।

   उनका मानना था कि आर्थिक स्वतंत्रता ही राजनीतिक स्वतंत्रता का आधार है । जमशेद जी के दिमाग में तीन बड़े विचार थे – एक, अपनी लोहा व स्टील कंपनी खोलना ; दूसरा, एक जगत प्रसिद्ध अध्ययन केंद्र स्थापित करना, व तीसरा, एक जलविद्युत परियोजना संयंत्र लगाना । दुर्भाग्यवश उनके जीवन काल में तीनों में से कोई भी सपना पूरा न हो सका । पर वे बीज तो बो ही चुके थे, एक ऐसा बीज जिसकी जड़ें उनकी आने वाली पीढ़ी ने अनेक देशों में फैलायीं । उनका एक और सपना था जो वे पूरा होता देख सके और वह था – होटल ताज महल। यह दिसंबर 1903 में 4,21,00,000 रुपये के शाही खर्च से तैयार हुआ । इसमें भी उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी सोच को दिखाया था । उन दिनों स्थानीय भारतीयों को बेहतरीन यूरोपियन होटलों में घुसने नहीं दिया जाता था । ताजमहल होटल इस दमनकारी नीति का करारा जवाब था ।1904 में जर्मनी में उन्होंने अपनी आख़िरी सांस ली।

       1971  में रतन टाटा को राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लिमिटेड (नेल्को) का डायरेक्टर-इन-चार्ज नियुक्त किया गया था ।  एक ऐसी कंपनी जो कि सख्त वित्तीय कठिनाई की स्थिति में थी । रतन ने सुझाव दिया कि कम्पनी को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की बजाय उच्च प्रौद्योगिकी वाले उत्पादों के विकास में निवेश करना चाहिए । उस समय उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स नेल्को के बाज़ार में उनकी हिस्सेदारी 2% थी, और घाटा बिक्री का 40% था । ऐसी ऐतिहासिक वित्तीय प्रदर्शन की वजह से जे.आर.डी. अधिक निवेश के अनिच्छुक थे । परंतु जब रतन ने कार्य भार संभाला, जे.आर.डी. ने रतन के सुझाव का अनुसरण किया  । 1972 से 1975 तक अंततः नेल्को ने अपनी बाज़ार में हिस्सेदारी 20% तक बढ़ा ली और अपना घाटा भी पूरा कर लिया । 1975 में भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपात स्थिति घोषित कर दी जिसकी वजह से आर्थिक मंदी आ गई । इसके बाद 1977 में यूनियन की समस्यायें हुईं। इसलिए मांग के बढ़ जाने पर भी उत्पादन में सुधार नहीं हो पाया । अंततः टाटा ने यूनियन की हड़ताल का सामना किया। सात माह के लिए तालाबंदी कर दी गई । रतन ने हमेशा नेल्को की मौलिक दृढ़ता में विश्वास रखा लेकिन उद्यम आगे और न बढ़ सका ।

1977 में रतन को एम्प्रेस्स मिल सौंपा गया। यह टाटा नियंत्रित कपड़ा मिल थी । जब उन्होंने कम्पनी का कार्य भार संभाला, यह टाटा समूह की बीमार इकाइयों में से एक थी  । चूँकि कम श्रम गहन उद्यमों की प्रतियोगिता ने एम्प्रेस जैसी कई उन कंपनियों को अलाभकारी बना दिया था जिनकी श्रमिक संख्या बहुत ज्यादा थी और जिन्होंने आधुनिकीकरण पर बहुत कम खर्च किया था । रतन के आग्रह पर  कुछ निवेश किया गया लेकिन यह पर्याप्त नहीं था । चूंकि मोटे और मध्यम सूती कपड़े के लिए बाजार प्रतिकूल था और एम्प्रेस का कुल उत्पादन मोटे और मध्यम सूती कपड़े का ही था, परिणामतः एम्प्रेस को भारी नुकसान होने लगा । टाटा का मुख्यालय बॉम्बे हाउस अन्य ग्रुप कंपनियों से फंड को हटाकर ऐसे उपक्रम में लगाने का इच्छुक नहीं था जिसे लंबे समय तक देखभाल की आवश्यकता हो । इसलिए कुछ टाटा निर्देशकों , मुख्यतः नानी पालखीवाला ने ये फैसला लिया कि टाटा को  मिल समाप्त कर देनी चाहिए, जिसे अंत में 1986 में बंद कर दिया गया । रतन इस फैसले से बेहद निराश थे, और बाद में हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि एम्प्रेस मिल को जारी रखने के लिए सिर्फ़ 50 लाख रुपये की जरूरत थी ।

रतन टाटा वर्ष 1981 में टाटा इंडस्ट्रीज और समूह की अन्य होल्डिंग कंपनियों के अध्यक्ष बनाए गए जहाँ वे समूह के कार्यनीतिपरक विचार समूह को रूपांतरित करने के लिए उत्तरदायी बने तथा उच्च प्रौद्योगिकी व्यापारों में नए उद्यमों के प्रवर्तक बने ।

1991 में उन्होंने जेआरडी से ग्रुप चेयरमेन का कार्य भार संभाला । टाटा ने पुराने लोगों को बाहर निकाल दिया और युवा प्रबंधकों को जिम्मेदारियां दी गयीं । तब से लेकर उन्होंने  टाटा ग्रुप के आकार को ही बदल दिया है जो आज भारतीय शेयर बाजार में किसी भी अन्य व्यापारिक उद्यम से अधिक बाजार पूँजी रखता है ।

रतन के मार्गदर्शन में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (CTS ) सार्वजनिक निगम बनी और टाटा मोटर्स न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई । 1998 में टाटा मोटर्स ने उनके संकल्पित टाटा इंडिका को बाजार में उतारा ।

31 जनवरी को रतन टाटा की अध्यक्षता में टाटा संस ने कोरस समूह को सफलतापूर्वक अधिग्रहीत किया जोकि एक एंग्लो-डच एल्यूमीनियम और इस्पात की निर्माता कंपनी है । इस अधिग्रहण के साथ रतन टाटा भारतीय व्यापार जगत में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति बन गये । इस विलय के फलस्वरूप दुनिया को पांचवां सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक संस्थान मिला ।

 रतन टाटा का सपना उनकी टाटा नैनो कार 2008

   रतन टाटा का सपना था कि एक लाख रुपए की लागत की कार बनायी जाए ।  नई दिल्ली में ऑटो एक्सपो में 10 जनवरी, 2008 को इस कार का उद्घाटन करके उन्होंने अपने सपने को पूर्ण किया । टाटा नैनो के तीन मॉडलों की घोषणा की गई और रतन टाटा ने सिर्फ़ एक  लाख रूपये की कीमत की कार बाजार को देने का वादा पूरा किया । साथ ही इस कीमत पर कार उपल्बध कराने के अपने वादे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा “वादा एक वादा है  ।26 मार्च 2008 को टाटा मोटर्स ने रतन टाटा के अधीन टाटा मोटर्स ने फोर्ड मोटर कंपनी से जगुआर और लैंड रोवर को खरीद लिया । ब्रिटिश विलासिता की प्रतीक जगुआर और लैंड रोवर 1.15 अरब पाउंड ($ 2.3अरब)  में खरीदी गई ।

पुरस्कार और मान्यता

भारत के 50वें  गणतंत्र दिवस समारोह पर सन 2000 में रतन टाटा को तीसरे नागरिक अलंकरण पद्मभूषण से सम्मानित किया गया ।  बाद में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक अलंकरण पद्मविभूषण से भी सम्मानित किया गया । रतन टाटा ने 2007 में टाटा परिवार की ओर से परोपकार का कारनैगी पदक प्राप्त किया । वे नैसकॉम ग्लोबल लीडरशिप पुरस्कार-2008 को प्राप्त करने वालों में से एक थे । ये पुरस्कार उन्हें 14 फरवरी 2008 को मुम्बई में हुए एक समारोह में दिया गया ।

     रतन टाटा भारत में विभिन्न संगठनों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे और वे प्रधानमंत्री की व्यापार एवं उद्योग परिषद के सदस्य भी रहे । मार्च 2006  में उन्हें आर्थिक शिक्षा के क्षेत्र में राबर्ट हैटफ़ील्ड सम्मान से सम्मानित किया गया जो कार्नेल विश्वविद्यालय सर्वोच्च प्रतिष्ठित व्यवसायी व्यक्तियों को प्रदान करती है ।

      रतन टाटा के विदेशी संबंधों में मित्सुबिशी निगम, अमेरिकन इंटरनेशनल-समूह , जेपी मॉर्गन चेज़ और  बूज एलन हैमिल्टन के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड की सदस्यता शामिल है । वे रैंड निगम और अपनी  मातृसंस्था कॉर्नेल विश्वविद्यालय और दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के न्यासी मंडल के भी सदस्य हैं ।

  वे दक्षिण अफ्रीका गणराज्य की अंतरराष्ट्रीय निवेश परिषद के बोर्ड सदस्य हैं और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के एशिया-पैसिफिक सलाहकार समिति के एक सदस्य हैं । टाटा एशिया पैसिफिक पॉलिसी के रैंड केंद्र के सलाहकार बोर्ड, पूर्व-पश्चिम केन्द्र के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स में हैं और बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के भारत एड्स इनिशीएटिव कार्यक्रम बोर्ड पर हैं । फरवरी 2004 में रतन टाटा को चीन के झोज्यांग प्रान्त में हांग्जो  शहर में मानद आर्थिक सलाहकार की उपाधि से सम्मानित किया गया ।

    उन्हें लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से मानद डॉक्टरेट की उपाधि हासिल हुई और नवम्बर 2007 में फॉर्च्यून पत्रिका ने उन्हें व्यापार क्षेत्र के 25  सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया । मई 2008 में टाटा को टाइम पत्रिका की 2008 की विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया । टाटा की 1 लाख रुपए की छोटी कारनैनोके लिए सराहना की गई । वे उन महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक हैं जिन्होंने अपने वायदे का पालन किया ।

(स्रोत – http://www.iloveindia.com/indian-heroes/ratan-tata.html)

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

स्नातक

graduate

बर्बरता

निर्दयता f, cruelty

क्रान्ति

revolution

दिवालिया

bankrupt

खिताब

title, honor

दूरदर्शी

दूरद्रष्टा, visionary, far-sighted person

श्रम-नीति

labor policy

आर्थिक स्वतंत्रता

economic independence

जलविद्युत परियोजना

hydro-electric project

राष्ट्रवादी सोच

राष्ट्रवादी चिंतन m, nationalist thinking

दमनकारी नीति

oppressive policy

लाभांश

dividend

अनुसरण करना

to follow

प्रतिकूल

उलटा, opposite direction

उत्तरदायी

responsible

मार्गदर्शन

guidance

Structural Review

1.

जमशेदजी ने  अपनी पढ़ाई के दौरान ही

अपना/ अपने/ अपनी are reflexive pronouns. When the subject and the possessive pronoun in the same sentence refer to the same person, then the possessive pronoun in Hindi is a reflexive pronoun. Compare the following two sentences of English – He is going to his house. Here the possessive pronoun ‘his’ can mean either ‘his own’ or ‘someone else’s’. In the former sense, ‘he’ and ‘his’ refer to the same person and therefore ‘his’ in that sentence will be reflected as a reflexive pronoun in  Hindi. However, a reflexive pronoun would be grammatically incorrect in the second sentence where the subject and the possessive pronoun refer to two different persons.

2.

 

उन्होंने हीरा बाई दबू से विवाह कर लिया था

Here कर लेना is a compound verb where लेना adds a special shade to the meaning of करना. In this case, the effect of करना is related to the person in the subject place. Contrast it with the use of a compound verb कर देना in the following sentence where the effect of करना is related not to the person in the subject place but to the object विवाह in the sentence. Example: उनके पिता ने उनका विवाह हीरा बाई दबू से कर दिया था.

3.

संकल्पित

 

 

Many new words have been created in Hindi in the last century to match up with professional English terms. This was achieved with the help of prefixes and in some cases with suffixes attached to existing words. Examples: कल्पना (imagination), प्रकल्पना (presumption), संकल्पना (conceptualization), etc.  So, संकल्पित means ‘conceptualized’.

Cultural Notes

1.

वे सालों से मुंबई के कोलाबा जिले में किताबों एवं कुत्तों से भरे हुए एक बेचलर फ्लैट में रह रहे हैं

In Indian society, a simple lifestyle, is valued by many, especially on the part of those who can afford to live luxuriously.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

Select any one paragraph from this unit and re-write it in your own words changing as many words as possible but without changing the essential meaning. Would replacing Hindi words with English borrowings be acceptable?

2.

There are two spellings for the Hindi word for ‘international’ – अंतर्राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय. Look through the Internet and a couple of different Hindi dictionaries to find out if there is a problem in accepting the former usage in the sense of ‘international’.

3.

Do some research about the word अधिग्रहीत used in this unit. See if Hindi dictionaries accept this word. If you google this word you are likely to find out that many writers use it. This seems to be a conflict between grammar and usage. Discuss your summary and your ideas with others.

4.

A word कार्यनीतिपरक is used in this unit. Create a few  more words with the suffix परक?

5.

रतन टाटा का सपना था कि एक लाख रुपए की लागत की कार बनायी जाए

Can you transform this sentence into active voice?

Comprehension Questions

1. Based on the text, what describes Jamshed Tata’s persona?

            a. shy

            b. carefree

            c. humane

            d. businessman

2. How many businesses were acquired under Ratan Tat’a leadership as mentioned in the text?

            a. 1

            b. 2

            c. 3

            d. 4

b. Business story of rich and famous – Krishnakant Birla

Module  10.2

 

प्रसिद्ध और अमीर लोगों के व्यवसाय की कहानियाँ

Business Stories of Rich and Famous

 

 

 

कृष्णकुमार बिड़ला

Krishna Kumar Birla

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Learning about the connection between social consciousness and business


Text

बिरला परिवार भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक एवं औद्योगिक परिवारों में से एक है । इस परिवार के अधीन वस्त्र उद्योग, आटोमोबाइल्स, सूचना प्रौद्योगिकी आदि हैं । बिरला परिवार ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नैतिक एवं आर्थिक रूप से समर्थन किया । इस परिवार की गांधीजी के साथ घनिष्ठ मित्रता थी ।

बिेरला समूह के संस्थापक बलदेवदास बिड़ला थे जो राजस्थान के सफल मारवाड़ी समुदाय के सदस्य थे। उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम दिनों में वे अपना पारिवारिक व्यवसाय आरम्भ करने के लिये कोलकाता चले आये और उस समय चल रहे भारत के स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन के साथ निकट से जुड़ गये । बलदेव बिड़ला के चार पुत्रों में एक थे घनश्याम दास बिड़ला और उनका पुत्र था कृष्ण कुमार बिड़ला। यह लघु कथा कृष्ण कुमार बिड़ला के बारे में ही है। कृष्ण कुमार बिड़ला का जन्म राजस्थान में 12 अक्तूबर 1918 को हुआ था । अध्ययन के क्षेत्र में स्नातक तक शिक्षा हासिल कर चुके के.के. बिड़ला भारतीय चीनी उद्योग के संस्थापक सदस्यों में से एक थे । इस उद्योग से वह 1940 में जुड़े थे । भारत के सबसे बड़े उद्योग समूह की स्थापना करने वाले बिड़ला का इंडस्ट्रियल अंपायर हर क्षेत्र में अपनी पैठ दर्शाता है । इसमें चीनी, उर्वरक रसायन, भारी उद्योग, कपड़ा जहाजरानी और अखबार आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं ।

हिन्दुस्तान टाइम्स तथा बिड़ला ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष के. के. बिड़ला ने भारतीय उद्योग जगत में नए आयाम स्थापित किये । उन्हें एक बेहतर सोशियलाइट और एक उत्कृष्ट लोकोपकारी के तौर पर भी जाना जाता है । लगातार तीन कार्यकाल के लिए 18 वर्ष तक राज्यसभा के सदस्य रह चुके बिड़ला 1961 में कोलकाता के शेरिफ निर्वाचित हुए थे । 1997 में उन्हें पांडिचेरी विश्वविद्यालय ने डाक्टर आफ लैटर्स की उपाधि दी थी।

बिड़ला कई चैम्बर आफ कामर्स जैसे इंडियन शूगर मिल्स एसोसिएशन, फेडरेशन आफ इंडियन चैम्बर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री [एफआईसीसीआई] तथा इंडियन चैम्बर आफ कामर्स [आईसीसी] के अध्यक्ष थे।

पिलानी स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलोजी एंड साइंस के चांसलर बिड़ला जुअरी चम्बल ग्रुप आफ कंपनीज के ग्रुप चेयरमैन थे जिसका सालाना टर्नओवर 10,000 करोड़ रुपये का है । वह भारत के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े उर्वरक समूह जुअरी चम्बल पारादीप के अध्यक्ष थे । इस समूह में 40 से अधिक कंपनियां हैं ।

बिड़ला ने के. के. बिड़ला फाउंडेशन की स्थापना की । यह फाउंडेशन भारतीय साहित्य खासकर हिंदी को बढ़ावा देने वैज्ञानिक अनुसंधान, कला, सामाजिक कार्यो और भारतीय दर्शन में उत्कृष्टता के लिए सालाना अवार्ड देता है ।

हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए इस फाउंडेशन की ओर से हर साल सरस्वती सम्मान, व्यास सम्मान, बिहारी पुरस्कार, शंकर पुरस्कार, वाचस्पति पुरस्कार और जी. डी. बिड़ला पुरस्कार दिए जाते हैं ।

कृष्णकांत बिड़ला ने अगस्त 2008 शनिवार को सुबह लगभग 7.30 बजे कोलकाता स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली । भारतीय उद्योग जगत को एक नई दिशा देने वाले दिग्गज के. के. बिड़ला का देहांत हो गया और इसी के साथ भारतीय उद्योग जगत का एक महत्वपूर्ण स्तंभ ढह गया । उनके जाने के बाद बिड़ला समूह के अलग अलग संस्थानों का कार्यभार परिवार के अलग अलग सदस्यों ने संभाल लिया।

(स्रोत – http://en.wikipedia.org/wiki/Krishna_Kumar_Birla)

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

घनिष्ठ

close, intimate

पैठ f

intrusion

उर्वरक m

fertilizer

जहाजरानी m

shipping

भारतीय दर्शन  m

Indian philosophy

उत्कृष्टता f

excellence

दिग्गज m

giant, legend

स्तंभ m

खंभा, pillar

Structural Review

1.

बिड़ला

a variant of बिरला.

2.

बिड़ला ने भारतीय उद्योग जगत में नए आयाम स्थापित किये

 

Here the pseudo verb is स्थापित करना. The actual verb is करना, which is both in the perfective and transitive. The fulfillment of these two conditions has triggered the postposition ने after the subject of the same sentence.

3.

देहांत हो गया

 

 

News of death can be conveyed through various expressions in Hindi. The basic and unrefined way is मर गए. Respectful ways of expressing news of the deceased, are (उनका) शरीरांत हो गया, (उनका) स्वर्गवास हो गया, (उन्होंने) अंतिम सांस ली, (उनके) प्राण पखेरु उड़ गए, (वे) संसार से विदा हो गए, (वे) सिधार गए, (वे) दुनिया में नहीं रहे, (वे) आज हमारे बीच नहीं हैं, (वे) ब्रह्मलोक में लीन हो गए, (वे)पंचत्व को प्राप्त हुए.

Cultural Notes

1.

Expression of Respect in Hindi

Besides the respect marking titles (श्री, श्रीमती, सुश्री) and respect marking particles coming after one’s name, like जी, महोदय, साहब, pluralisation is a frequent linguistic device used to for achieve the same purpose. Every word referring to that person in the context is placed in plural. Example: लगातार तीन कार्यकाल के लिए 18 वर्ष तक राज्यसभा के सदस्य रह चुके बिड़ला 1961 में कोलकाता के शेरिफ निर्वाचित हुए थे1997 में उन्हें पांडिचेरी विश्वविद्यालय ने डाक्टर आफ लैटर्स की उपाधि दी थी (See the plural words in bold). In case of women, the rule is slightly different.

2.

सालाना अवार्ड देता है

One could have easily said सालाना पुरस्कार देता है. The use of English word here is writer’s personal preference.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

What are the basic words from which the following are derived? Can you figure out the rule for making such derivatives?

व्यावसायिक, औद्योगिक, नैतिक, पारिवारिक

2.

भारतीय उद्योग जगत को एक नई दिशा देने वाले दिग्गज के. के. बिड़ला

Can you comment on the word दिग्गज in the above context? What is the literal meaning and what is the figurative meaning?

3.

Which English words used in this unit can be replaced with Hindi equivalents?

4.

इस फाउंडेशन की ओर से हर साल सरस्वती सम्मान, व्यास सम्मान, बिहारी पुरस्कार, शंकर पुरस्कार, वाचस्पति पुरस्कार और जी. डी. बिड़ला पुरस्कार दिए जाते हैं

How would we say the above sentence in the active voice?

5.

उनके जाने के बाद बिड़ला समूह के अलग अलग संस्थानों का कार्यभार परिवार के अलग अलग सदस्यों ने संभाल लिया

उनके जाने के बाद बिड़ला समूह के अलग अलग संस्थानों का कार्यभार परिवार के अलग अलग सदस्यों ने संभाला।

Using the above sentences as examples how would you describe the difference between संभाला and संभाल लिया?

Comprehension Questions

1. Which of the following is the weakest descriptor for K.K. Birla?

            a. philantrhopist

            b. business leader

            c. politiican

            d. patriot

2. Strictly based on the text, how many times has K.K.Birla been honored by other organizations?

            a. 0

            b. 1

            c. 2

            d. 3

c. Business story of rich and famous – Adi Godrej

Module 10.3

 

प्रसिद्ध और अमीर लोगों के व्यवसाय की कहानियाँ

Business Stories of Rich and Famous

 

 

आदि गोदरेज

Adi Godrej

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Assessing Mr. Godrej’s personality and his international success


Text

   

   आदि गोदरेज भारतीय उद्योग के माननीय प्रतिरूपों में से एक है और वे गोदरेज समूह के अध्यक्ष हैं । आदि गोदरेज एक व्यवसायी परिवार में पैदा हुए थे । उनके पिता का नाम बुर्जिओर्जी गोदरेज और उनकी माँ का नाम जय गोदरेज था।

       आदि गोदरेज ने 17 साल की उम्र में भारत छोड़ दिया और प्रौद्योगिकी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया । हालांकि उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग का अध्ययन किया पर बाद में प्रबंधन की ओर आने  की योजना बनाई । भारत लौटने के बाद आदि गोदरेज परिवार के व्यापार में शामिल हो गए । उन्होंने  प्रबंधन ढांचे को आधुनिक और व्यवस्थित किया और सुधार की प्रक्रिया लागू की । आदि गोदरेज ने नियंत्रित  अर्थव्यवस्था के दौर के समय गोदरेज समूह को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया । 

      उदारीकरण की प्रक्रिया के बाद आदि गोदरेज को कंपनी की नीतियों के पुनर्गठन को वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करना पड़ा ।  2000 के आरंभ में समूह में एक 10 साल के पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद हर व्यवसाय एक कंपनी और एक सीईओ के साथ गोदरेज परिवार के बाहर एक स्वतंत्र व्यवसाय हो गया ।
   आदि गोदरेज के  नेतृत्व के तहत गोदरेज समूह परोपकारी गतिविधियों में भी शामिल रहा है। गोदरेज भारत में विश्व वन्यजीव कोष के प्रमुख समर्थक हैं । उन्होंने मुंबई की विखरोली बस्ती में एक हरा व्यावसायिक परिसर विकसित किया है जो150 एकड़ के सदाबहार जंगल में फैला है और इसमें कंपनी के कर्मचारियों के बच्चों के लिए एक स्कूल भी शामिल है ।

   तैंतीस साल से उनकी सचिव के अनुसार वे समय की पाबंदी के कायल हैं और बेहद व्यवस्थित व्यक्ति हैं । वे अपनी सोच में बिल्कुल स्पष्ट हैं और तुरंत निर्णय लेने में सक्षम हैं ।  इतना ही नहीं “ वे “निरंतर फीडबैक के लिए तैयार रहते हैं “ और लगातार दूसरों से भी सीखते रहते हैं ।

    आदि गोदरेज का विश्वास है कि हर संस्था को वैश्विक स्तर की संस्थाओं से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए । उनकी कंपनी अपनी आय का 10% भारत के बाहर किए जा रहे कार्यों  से प्राप्त करती है और अगले दस वर्ष में इसे 25% तक बढ़ाने का इरादा रखती है ।  वैश्विक अर्थव्यवस्था  के  संदर्भ में  गोदरेज परिवर्तन, तकनालॉजी, और विकास  के हामी हैं । उनका नारा है  ‘  ‘sales is vanity, profit is sanity and cash is reality’.  

    अपने जीवन में वे जिन लोगों से वे प्रभावित हैं उनमें ब्रिटेन की प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर, उद्योगपति जमशेद जी टाटा और धीरुभाई अंबानी प्रमुख हैं । मार्गरेट थैचर इसलिए क्योंकि उन्होंने ब्रिटेन को एक नया स्वरूप प्रदान किया; जमशेद जी टाटा इसलिए क्योंकि वे अपने आप में एक संस्था थे और धीरुभाई तो एक प्रेरक पड़ोसी थे।

   यद्यपि उनके ऑफ़िस  के कार्य 50 देशों मे फैले हुए हैं और प्रतिनिधि ऑफ़िस मलयेशिया,सिंगापुर, वियतनाम, ओमान, श्रीलंका, बांग्लादेश आदि में होने से उन्हें अक्सर यात्रा पर रहना पड़ता है ।  वे अक्सर यूरोप,अमेरिका और सुदूर पूर्व तक भी जाते रहते हैं

उनके  बहु-आयामी व्यक्तित्व  का अन्य पक्ष है खेलों का  शौक –  पर क्रिकेट और फुटबॉल जैसे सामूहिक खेल  नहीं , बल्कि साहसिक खेल जैसे वाटर स्पोर्ट्स , वाटर सर्फ़िंग,वाटर स्कीइंग । ब्रिज भी उन्हें पसंद है ।  वैसे उनका सबसे  पसंदीदा खेल है पैराग्लाइडिंग ।   

(स्रोत – http://www.businesstravellerindia.com/2003)

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

प्रबंधन m

management

ढांचा m

structure

व्यवस्थित करना

to organize

प्रक्रिया f

process

उदारीकरण m

liberalization

पुनर्गठन

reorganization

विश्व वन्यजीव कोष m

World Wildlife Fund

व्यावसायिक परिसर m

business complex

कायल

firm believer, convinced

प्रतिस्पर्धा f

मुकाबला m, प्रतिद्वंद्विता f,competition

हामी

supporter

बहुआयामी व्यक्तित्व  m

बहुआयामी शख़्सियत f, multi-dimensional personality

Structural Review

1.

प्रतिरूप

With various prefixes many new words have been generated from the basic word रूप. Examples: प्रतिरूप, स्वरूप, विरूप, प्रारूप, कुरूप, सुरूप, निरूपण.

2.

प्रक्रिया

 

With various prefixes many new words have been generated from the basic word क्रिया, Examples: प्रक्रिया, सक्रिय, निष्क्रिय. सक्रियता, निष्क्रियता.

3.

बहु-आयामी

 

 

This is a new coinage in Hindi to match the English word multi-dimensional. Technically according to the Sandhi rules of Sanskrit (which often apply to Hindi), the final vowel of the first word and the initial vowel of the second word should have joined to produce a form बह्वायामी. However, in the interest of simplification, Hindi has relaxed some Sandhi rules and therefore बहु-आयामी is an acceptable form.

4.

वे अक्सर यूरोप,अमेरिका और सुदूर पूर्व तक भी जाते रहते हैं

Here the use of the verb रहना gives the sense of repetitiveness or frequency. The structure is Vता+रहना where the final part is conjugated.

Cultural Notes

1.

परोपकारी गतिविधियां

Philanthropy has been an integral part of big businesses in India and in other countries.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

What is the closest paraphrase can you come up with for the following:

“sales is vanity, profit is sanity and cash is reality”

2.

What can be a good Hindi equivalent of CEO?

3.

How can we express the word ‘feedback’ in Hindi? If not one word let’s paraphrase it.

4.

Do some research and present some additional information about Adi Godrej.

5.

Make a short presentation about some popular Godrej products.

Comprehension Questions

1. What is not true of Adi Godrej?

            a. His academic training was in engineering.

            b. His achievements have influenced many people.

            c. His interest in sports is very exhaustive.

            d. His group has supported preservation of wild life.

2. What is not true about Adi Godrej?

            a. He is a strong supporter of  globalization of business.

            b. His Godrej Group has dealings with businesses in 50 countries.

            c. He put many businesses outside the family orbit after liberalization.

            d. He is a very goal-oriented business administrator.

d. Business story of rich and famous – Rahul Bajaj

Module  10.4

 

प्रसिद्ध और अमीर लोगों के व्यवसाय की कहानियाँ

Business Stories of Rich and Famous

 

 

 

राहुल बजाज

Rahul Bajaj

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Learning personality traits that contributed to Rahul Bajaj’s success


Text

बजाज समूह की स्थापना 1926 में हुई जिन दिनों   ब्रिटिश से भारत की स्वतंत्रता का आंदोलन तेज़ी  पर था । इस समूह के संस्थापक जमनालाल बजाज महात्मा गांधी के एक निकट सहयोगी थे । सन् 1942 में जमनालाल बजाज के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने से उन के पास अपने व्यापार के लिए अधिक समय नहीं था । इसलिए उनके  बेटे कमलनयन बजाज व्यवसाय के प्रभारी थे ।
 अब राहुल बजाज अपने पारिवारिक व्यवसाय बजाज समूह  के अध्यक्ष  हैं । उनका यह पारिवारिक व्यवसाय भारत में शीर्ष 10 व्यापारिक घरानों के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखता है । बजाज समूह विविध ऑटोमोबाइल से लेकर घरेलू उपकरणों, प्रकाश व्यवस्था, लोहा और इस्पात, बीमा, यात्रा और वित्त आदि से संबद्ध है । बजाज ब्रांड  यूरोप में एक दर्जन से अधिक देशों में और दक्षिण अमेरिका, अमेरिका और एशिया में भी जाना जाता है।  बजाज समूह की 27 कंपनियों में उनकी प्रमुख कंपनी बजाज ऑटो शामिल है ।

   राहुल बजाज भारत के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में से एक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय कौशल और उद्यमशीलता की भावना के लिए उनका काफी सम्मान है।
     राहुल बजाज हारवर्ड के सेंट स्टीफ़न और कैथेड्रल के एक पूर्व छात्र हैं । उन्होंने 1965 में बजाज समूह की बागडोर संभाल ली थी । उनके नेतृत्व के तहत बजाज ऑटो कारोबार की प्रमुख कंपनी की आय रु. 72 लाख से रु. 46 अरब तक पहुँच गई । राहुल बजाज ने लाइसेंस परमिट राज के कठिन दिनों में अपनी कंपनी को भारत की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में से एक बनाया । उन्होंने अकुर्दि और वालुज में नए कारखानों की स्थापना की । बजाज ऑटो 1980 के दशक में भारत में चेतक ब्रांड स्कूटर का निर्माता था ।
     भारत में उदारीकरण की शुरुआत ने बजाज ऑटो के लिए बड़ी चुनौती उत्पन्न की । उदारीकरण  के कारण होंडा जैसी शीर्ष कंपनियों से सस्ते आयात और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के खतरे सामने आए । राहुल बजाज बंबई क्लब के उदारीकरण के विरोध के नेता के रूप में प्रसिद्ध हो गए । इस बीच सबजाज स्कूटर की माँग घटी क्योंकि  लोग मोटरसाइकिल में अधिक रुचि रखते थे और प्रतिद्वंद्वी हीरो होंडा इनमें सर्वश्रेष्ठ था ।

    2001 के मंदी और शेयर बाजार में पतन के कारण बजाज कंपनी संकट में आ गई और यह भविष्यवाणी होने लगी थी कि बजाज ऑटो के दिन गिने-चुने रह गए हैं । हालांकि बजाज ऑटो ने फिर खुद का नवीनीकरण  सकिया । छकन  में विश्वस्तरीय कारखाने की स्थापना  की । अनुसंधान और विकास में निवेश किया और  बजाज पल्सर मोटरसाइकिल ले आए  जो आजकल  अपने क्षेत्र में एक अग्रणी ब्रांड माना जाता है ।

    बजाज ऑटो बजाज समूह की एक प्रतिनिधि नामी कंपनी है । इसका अनुमानित मूल्य 1.32  बिलियन अमेरिकी डॉलर आँका गया है। उनकी कुल अनुमानित आय 1.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर मानी गई  है और उन्हें फोर्ब्स द्वारा भारत के 40 अमीर लोगों में 20 वाँ  स्थान दिया गया है। बाद में राहुल बजाज महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए भी चुने गए और 2001 में भारत के सर्वोच्च दूसरे सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किए गये ।

Glossary

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सहयोगी m/f

साथी, associate

प्रभारी m/f

caretaker, head

विविध

अलग-अलग, various

उपकरण m

instrument, appliance

व्यवसाय कौशल m

व्यावसायिक कुशलता f, business efficiency

उद्यमशीलता f

professionalism

चुनौती f

challenge

प्रतिद्वंद्वी m/f

प्रतिस्पर्धी, competitor

नवीनीकरण m

renewal, refurbishment

अनुमानित मूल्य m

estimated price

Structural Review

1.

प्रभारी, दशक, संस्थापक, उद्योगपति, उद्यमशीलता, आयात, निर्यात, निवेश, नवीनीकरण

All of these words are new coinages in Hindi and are now extensively used.

 

2.

अंतरराष्ट्रीय

 

This is also spelled as अंतर्राष्ट्रीय. Occasionally we also see अंतर्राष्ट्रिय which seems to demonstrate Marathi language’s influence.

Cultural Notes

1.

अनुसंधान और विकास

Research and development is a necessary part of any manufacturing business in today’s corporate culture.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

Notice the following collocations in this unit and try to suggest a few more that you migh have come across in your earlier readings.

स्वतंत्रता आंदोलन, गिने-चुने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, महत्वपूर्ण स्थान

2.

Paraphrase the first paragraph of this unit in your own words.

3.

उन्होंने अकुर्दि और वालुज में नए कारखानों की स्थापना की

Justify the number and gender of the verb की in this sentence.

4.

जो आजकल  अपने क्षेत्र में एक अग्रणी ब्रांड माना जाता है

Transform the above setence into the active voice.

5.

राहुल बजाज बंबई क्लब के उदारीकरण के विरोध के नेता के रूप में प्रसिद्ध हो गए

राहुल बजाज बंबई क्लब के उदारीकरण के विरोध के नेता के रूप में प्रसिद्ध हुए

Compare the two sentences and explain the nuanced difference due to slightly different verb forms.

Comprehension Questions

1. What is Rahul Bajaj’s current status?

            a. the founder of Bajaj Auto

            b. a member of Rajya Sabha

            c. the leader of anti-liberalization

            d. the chairman of Bajaj Group

2. What is not true in the following?

            a. Jamnalala Bajaj is Rahul Bajaj’s father.

            b. Rahul studied in the United States.

            c. The Bajaj Group business is doing well.

            d. Bajaj Group had stiff compettion with Honda.

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