Module 11

Module Eleven – Interesting Business Stories

दूरदर्शी व्यवसायी

Business People with a Vision

a. Some interesting business story – Amir Khan

Module 11.1

 

दूरदर्शी व्यवसायी

Business People with a Vision

 

आमिर ख़ान

Amir Khan

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Analyzing traits of Amir Khan’s persona that led to his phenomenal success


Text

आमिर खान

आमिर खान हिन्दुस्तान के एक बेहतरीन अभिनेता हैं। सन् 1965 में जन्मे आमिर खान ने अपना कैरियर सन् 1970 में एक  बाल कलाकार के रूप में सिर्फ़ 5 वर्ष की उम्र में शुरू किया। वहां से उनकी सफलता की कहानी सन् 1988 में सिर्फ़ 23 वर्ष की उम्र में कयामत से कयामत तक फिल्म की रिलीज़ के साथ शुरू हुई। उसके बाद तो सन् 1992 से सन् 1999 तक उनकी एक के बाद एक सफल फिल्में रिलीज़ हुई – ‘जो जीता वही सिकन्दर, हम हैं राही प्यार के, अंदाज़ अपना अपना, रंगीला, राजा हिन्दुस्तानी, इश्क, गुलाम, सरफरोश

          आमिर ने कॉमेडी, एक्शन, ड्रामा और रोमांस के हर अभिनय में कमाल का काम किया। हांलाकि आमिर बहुत ही कम फिल्मों में काम करते हैं लेकिन आज वे अलग अलग किरदार निभाने और अलग अलग तरह की फिल्में करने में भारत के एक संपूर्ण एक्टर के रूप में जाने जाते हैं। दूसरी फिल्म राख’ (जो एक आर्ट फ़िल्म थी) के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। सन् 2007 में एक डायरेक्टर के रूप में भी वो हमारे सामने आये और उनके निर्देशन में बनी फिल्म तारे ज़मीं पर, बॉक्स आफिस पर एक बहुत बड़ी कामयाब फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में वे एक सामाजिक समस्या को सामने लाए और उन्होंने लोगों के दिलों को छू लिया। आमिर खान की फ़िल्म लगानतो आस्कर के लिए चुनी गई। किसी भी चरित्र को पर्दे पर एक विश्वसनीय तरीके से निभाने की एक विलक्षण प्रतिभा है उनमें।

          आमिर खान परफेक्शनिस्ट हैं और वे कोई भी फिल्म शुरू करने से पहले पूरा स्क्रिप्ट चाहते हैं और एक समय में एक ही फ़िल्म पर काम करते हैं। सन् 2003 में आमिर खान को भारत सरकार ने पद्मभूषण के अवॉर्ड से सम्मानित किया। आमिर खान हमेशा से कहते रहे हैं कि वो किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट का फैसला करने से पहले अपने दिल की आवाज़ सुनते हैं। तभी तो हाल ही में रिलीज़ हुई उनकी फिल्म थ्री ईडियट्स ने एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इस फिल्म ने उनकी अपनी ही फिल्म गज़नी का रिकॉर्ड तोड़ा है और करोड़ों रुपयों का व्यवसाय किया है।

             उनमें ज़बरदस्त मार्कीटिंग की प्रतिभा है। उनकी हर फिल्म की सफलता का आधार मार्कीटिंग नीति रही है। थ्री ईडियट्स ने तो शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसे मुद्दे को उठाया है जिसकी चर्चा देश के गाँव गाँव और शहर शहर में हुई।

             एक बात और, आमिर खान समाज के लिए भी बहुत कुछ करते आये हैं। वे एड्स पर बन रही एक फ़िल्म में भी अभिनय किया। 2012 वर्ष में उन्होंने सत्यमेव जयते नामक अपने बड़े ज़ोरदार कार्यक्रमों की शृंखला के माध्यम से वर्तमान भारत की सामाजिक कुरीतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया और इससे समाज के विविध वर्गों में बड़ी चर्चा भी हुई और ज़बरदस्त प्रतिक्रिया भी हुई। 

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

बेहतरीन उत्कृष्ट, excellent
अभिनय acting
निर्देशन direction
विश्वसनीय विश्वास-योग्य, यकीन करने लायक, trustworthy
ऐतिहासिक सफलता historic success
मुद्दा issue
शृंखला series
सामाजिक कुरीतियां social evils
प्रतिक्रिया reaction

Structural Review

1. आज वे …. जाने जाते हैं This is a passive voice construction. The logical subject of this sentence is implied which could have been लोगों के द्वारा. In a passive voice construction in Hindi, the verb undergoes a transformation along the following lines – main verb is in the perfective form followed by the passive marker जाना and the number and gender of the verb phrase follow the general rule of verb agreement.
2. इस फिल्म में वे एक सामाजिक समस्या को सामने लाए

 

When the verb of a sentence is transitive and in perfective form, the subject is marked with the postposition ने. Logically, the verb लाना ‘to bring’ should be a transitive verb as one always brings something (object). However, in Hindi लाना is an exception and it behaves like an intransitive verb. The reason for this could be the fact that लाना is derived from ले आना, where the intransitive आना has preserved its character in the merged form लाना.
3. ऐतिहासिक

 

 

This is the adjectival form of इतिहास and it follows the rule for creating adjectival forms from Sanskrit based nouns. The initial becomes as in व्यपार/व्यापारिक and अर्थ/आर्थिक, इ,ई,ए become as in नीति/नैतिकविश्व/वैश्विक, इतिहास/ऐतिहासिक and वेतन/वैतनिक, उ,ऊ become as in उद्योग/औद्योगिक, and at the end of the word the suffix क is added.

Cultural Notes

1. पद्मभूषण

 

This is the third highest civilian honor awarded by the Government of India to deserving luminaries every year – भारत रत्नपद्म विभूषण, पद्मभूषण, पद्मश्री are the awards belonging to this series of presitigious honors.
2. सत्यमेव जयते

 

This is a quotation from Sanskrit, which means ‘truth alone triumphs’.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Which English words used in this unit are not easily replaceable by Hindi equivalents?
2. Have you seen any films or documentaries by Aamir Khan? If not, look for one on Youtube. Provide a summary of the content in your own words.
3. किसी भी चरित्र को पर्दे पर एक विश्वसनीय तरीके से निभाने की एक विलक्षण प्रतिभा है उनमें

What are the possibilities for moving around various components of the sentence?

4. सन् 2007 में एक डायरेक्टर के रूप में भी वो हमारे सामने आये

The personal pronoun वो used in the abovementioned sentence has another variant वे. Describe your understanding of one usage over the other.

5. Read the second paragraph and replace as many words as possible with ‘synonyms’.

Comprehension Questions

1. Which statement is not based on the text about Amir Khan?

a. He started his career at the age of 23.

b. He is known for his versatility.

c. He knows how to market his films.

d. He has dealt with many social issues.

2. Amir Khan received a big award for which film?

a. lagaan

b. tare zamiin par

c. Three Idiots

d. raakh

b. Some interesting business story – Kiran Majumdar

Module 11.2

 

दूरदर्शी व्यवसायी

Business People with a Vision

 

 

किरन मजूमदार

Kiran Majumdar

Text Level

 

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Analyzing personality traits of Kiran Majumdar for her success


Text

किरन मजूमदार                 

जन्म – बंगलौर, 23 मार्च 1953

भारत की सबसे बड़ी बायोटेक्नोलॉजी कंपनी बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष व प्रबन्धक निदेशक किरन मजूमदार शॉ सन् 2004 में भारत की सबसे धनी महिला बन गयीं। आपको सन् 1989 में पद्मश्री और सन् 2005 में पद्मभूषण के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्होंने बैंगलोर के बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल और माउंट कारेमल कॉलेज में अपनी शुरुआती पढ़ाई की। सन् 1973 में उन्होंने बैंगलोर यूनिवर्सिटी से प्राणीशास्त्र में बी.एस.सी. की डिग्री प्राप्त की। उसके बाद वे मेलबॉर्न आस्ट्रेलिया की बेलारत यूनिवर्सिटी में गयीं और वहाँ पर उन्होंने एक मास्टर ब्रूअर के रूप में योग्यता हासिल की।

किरन मजूमदार शॉ ने अपना प्रोफेशनल कैरियर सन् 1974 में कार्ल्टन एंड यूनाइटेड बेवरेजेस में एक ट्रेनी की हैसियत से शुरू किया था। सन् 1978 में आयरलैंड के बायोकॉन बायोकेमिकल्स लिमिटेड में एक ट्रेनी मैनेजर के रूप मे वे जुड़ीं। उसी वर्ष उन्होंने बायोकॉन बायोकेमिकल्स के साथ मिलकर बायोकॉन इंडियाकी स्थापना की, वो भी सिर्फ़ दस हज़ार रुपयों की पूँजी से। शुरू में उन्हें अपने व्यवसाय में पूंजी लाने के लिए काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। बैंक उन्हें ऋण देने में हिचकिचा रहे थे क्योंकि उस समय बायोटेक्नोलॉजी एक बिल्कुल नया क्षेत्र था और वे एक महिला उद्यमी थीं, जो कि उस समय एक आम बात नहीं थी।

बायोकॉन शुरू में पपीते से एन्ज़ाइम निकालते थे। किरन मजूमदार शॉ की देखरेख में बायोकॉन एक इंडस्ट्रीयल एन्ज़ाइम कंपनी के रूप में बदल गया और आगे चलकर यह कंपनी एक इंटीग्रेटेड बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी के रूप में बदल गयी जिसके साथ नीतिगत रिसर्च कार्य-कलाप भी जुड़े थे। आज बायोकॉन भारत के अग्रणी बायोटेक उद्यम के रूप में पहचाना जाता है। सन् 2004 में बायोकॉन का इश्यू आया जो 30 गुना से भी अधिक ओवर-सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू के बाद किरन मजूमदार शॉ ने कंपनी के स्टॉक का 40% हिस्सा अपने पास रखा जिसने उन्हें भारत की सबसे धनी महिला बना दिया। उनके पास 2100 करोड़ रुपयों क नेटवर्थ था।

किरन मजूमदार शॉ को पद्मश्री और पद्मभूषण के अलावा अनेक प्रतिष्ठित एवॉर्ड प्राप्त हुए जिनमें शामिल हैं – ‘ई टी बिज़नेस वूमन आफ द ईयर, बेस्ट वूमन एन्टरप्रिनार, मॉडेल एम्प्लॉयर, अरन्स्ट एंड यंग का लाइफ साइसेज़ और हेल्थकेअर के लिए एन्टरप्रिनार आफ द ईयर एवॉर्ड, लीडिंग एक्सपोर्टर, आउटस्टैंडिंग सिटीज़न, ‘टेक्नोलॉजी पायोनियर आदि आदि।

सामाजिक कार्यों में योगदान के क्षेत्र में 2004 में किरन मजूमदार ने बायोकॉन फ़ाउंडेशन की स्थापना की। फ़ांउडेशन की गतिविधियां समाज के कमज़ोर हिस्सों में स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान करती है। भारत के विभिन्न भागों में स्थापित सात केन्द्रों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख लोगों को सहायता दी जाती है। उन्होंने 2007 में बंगलौर में नारायण हृदयालय के साथ मिलकर 1400 बेड का कैंसर केयर सेंटर बनाया है। उन्होंने हैदराबाद के इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस के सेंटर फ़ार लीडरशिप इनोवेशन एंड चेंज के अंतर्गत एक बायोकॉन सैल की स्थापना की है जहां इनोवेशन मैनेजमेंट पर शोध होता है।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

शुरुआती प्रारंभिक, initial
प्राणीशास्त्र biology
हैसियत capacity
हिचकिचाना to hesitate
योगदान contribution
गतिविधियां activities
शोध अनुसंधान m, research

Structural Review

1. हासिल करना This is a pseudo verb in Hindi but functions like a real verb where the verb करना is conjugated. In Hindi, making transitive verbs with करना and intransitive verbs with होना is common. Before करना or होना, an appropriate noun or adjective is used. For example – बात करना, इंतज़ार करना, मदद करना, मरम्मत करना (all with nouns), and साफ़ करना, शुरू करना, समाप्त करना, हासिल करना (all with adjectives).
2. भारत के विभिन्न भागों में …… सहायता दी जाती है

 

This is a passive voice construction where the verb देना is in the perfective feminine singular form and the passive voice marker जाना is conjugated in the present habitual to indicate a constantly occurring situation.
3. उन्होंने …. बनाया है

 

 

The perfective form of a transitive verb necessitates the use of ने after the subject of the same sentence. Unlike other postpositions, the postposition ने has no meaning of its own; it’s a grammatical necessity.

Cultural Notes

1. Recent coinages Many new words have been coined to match English words. Some examples in this lesson are प्रबन्धक, निदेशक, प्राणीशास्त्र, उद्यम, उद्यमी.
2. Use of English words

 

There are hundreds of words for which good Hindi equivalent is not available. In such situations, English words are freely used in Hindi text of which there are several examples in this unit.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Find more information about Kiran Majumdar from the Internet and other sources. Share your information with others.
2. सन् 2004 में बायोकॉन का इश्यू आया जो 30 गुना से भी अधिक ओवर-सब्सक्राइब हुआ

Use your multiple resources and try to re-state this sentence in whatever measure possible without the help of English words.

3. The following collocations are from this unit. Think of some more from other contexts. देखरेख, कार्य-कलाप, स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं
4. Look at the preponderance of English words used in this unit. Which ones are dispensable and at what cost?
5. नीतिगत रिसर्च कार्य-कलाप

The first word in the above phrase is a compound word made up of two words. Try to get the literal meaning of its two components and then its contexualized composite meaning. Try to come up with a few more words that are compounded with  -गत.

Comprehension Questions

1. Kiran Mazumdar studied or worked in how many countries?

a. 1

b. 2

c. 3

d. 4

2. What is not stated or implied about Kiran Mazumdar in the text?

a. She is a  great philanthropist.

b. She is the richest woman in India.

c. She is a great leader in her industry.

d. She is a great researcher herself.

c. Some interesting business story – Kishor Biyani

Module 11.3

 

दूरदर्शी व्यवसायी

Business People with a Vision

 

किशोर बियानी

Kishor Biyani

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Analyzing and leaning from Kishore Biryani’s success


Text

रिटेल के राजा किशोर बियानी

किशोर बियानी एक भारतीय व्यवसायी हैं। वे फ़्यूचर ग्रुप के प्रमुख कार्यकारी निदेशक और पैंटालून के प्रबंधक निदेशक हैं। फ़्यूचर ग्रुप भारत के 90 नगरों में और 60 देहाती केन्द्रों में फैला हुआ हे। इस ग्रुप के सब स्थानों की रिटेल जगह को यदि जोड़ा जाए तो वह लगभग 1 करोड़ 70 लाख (17 मिलियन) वर्ग फ़ुट है। इतने बड़े रिटेल बाज़ार के संस्थापक हैं श्री किशोर बियानी !

मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे किशोर बियानी ने स्टोन वॉश कपड़े को रिटेल व्यापारियों को बेचने से अपने व्यापारिक जीवन की शुरुआत की। कुछ ही वर्षों में पैंटलून्स, बिग बाजार, सेंट्रल और अन्य कई रिटेल मॉडल शुरू कर उन्होंने भारतीय रिटेल व्यापार को एक नया आयाम और नई दिशा दी।

किशोर बियानी की सोच यह रही कि वे मुंबई के निवेशक से लेकर मेरठ के किसान तक की जेब में रखे हर नए पैसे को अपने रिटेल व्यापार की तरफ आकर्षित कर सकें। बियानी शॉपिंग मॉल बनाने एवं उपभोक्ता ब्रांड्स बनाने से बीमा बेचने तक हर उस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे है जहाँ उपभोक्ता है और जो पैसा खर्च करता है। रिटेल के राजा के रूप में मशहूर किशोर बियानी अनेक पुरस्कारों एवं सम्मानों से विभूषित हुए हैं। पैंटलून्स को अमेरिका के नेशनल रिटेल फेडरेशन ने अंतरराष्ट्रीय रिटेलर 2007 से सम्मानित किया है।

किशोर बियानी का जन्म 9 अगस्त, 1961 को हुआ था। शुरू में स्टोनवॉश फैब्रिक में इन्हें सफलता मिली थी, उससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया था। ऐसे समय में वे कुछ नया करने का अवसर देख रहे थे। किशोर ऐसा कुछ करना चाहते थे जिसके माध्यम से देशभर के अधिक से अधिक लोगों के साथ जुड़ा जा सकता है। छब्बीस वर्ष की उम्र में उन्होंने मैंजवेअर प्राइवेट लिमिटेड का शुभारंभ सन् 1987 में किया। शुरू के पाँच वर्ष उन्होंने वस्त्र-उद्योग को समझने में बिताए। फिर किशोर बियानी ने अपनी शुरुआत रेडीमेड कपड़ों के निर्माता के रूप में की और दो ब्रांड शुरू किए। असके बाद सीधी मार्केटिंग में उतरे और फिर दस वर्ष बाद आधुनिक रिटेल में आ गए। इस दौरान कंपनी का नाम भी मैंजवेअर से बदलकर पहले पैंटलून फैशन और उसके बाद पैंटलून रिटेल हो गया।

वे कपड़ों के व्यवसाय में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाये। नये युग में उसे फैशन का नाम दे दिया गया। लोग दर्जी के पास जाने की बजाय सिले-सिलाए रेडीमेड कपड़े खरीदने के लिए रेडीमेड स्टोरों में जाने लगे थे। मार्केटिंग, विज्ञापन और ब्रांड निर्माण की बहुत अच्छी समझ रखने वाले किशोर बियानी एक बड़ा नाम हो गया। उन्होंने स्वयं का ब्रांड तैयार करने और उसका विज्ञापन करने में काफी पैसे का निवेश किया। ब्रांड पैंटलून को स्थापित करके उन्होंने अपनी कामयाबी की बुनियाद डाली।

8 अगस्त 1997 को कोलकाता के गरियाहाट में पैंटलून का पहला स्टोर खुला। फिर एक के बाद एक सारे हिन्दुस्तान में स्टोरों की संख्या बढ़ती गई। वर्ष 2000 के आरंभ तक उन्होंने बिग बाजार पर सक्रिय रूप से कार्य करना शुरू कर दिया था। किशोर भाई कम बोलने वाले व्यक्ति हैं। वह बहुत ज़्यादा बोलने या दिखावा करने में विश्वास नहीं करते हैं। उनकी ईमानदारी ने भी निवेशकों का विश्वास जीतने में उनकी मदद की।

आज बिग बाजार के स्टोरों पर किसी भी दिन और किसी भी समय ग्राहकों की लंबी कतारें और धक्का-मुक्की

देखी जा सकती है। किशोर भाई के जीवन का एक ही सिद्धांत रहा है नियमों को बदलो, मूल्यों को बनाए रखो, अपने सपनों के पीछे भागो, किंतु अपने आप पर विश्वास कायम रखो। किशोर बियानी की कामयाबी का सफर जारी है – हिन्दुस्तान के गाँव-गाँव और शहर-शहर में।

             किशोर बियानी की सफलता की कहानी अमेरिका के वाल स्ट्रीट जरनल, लंदन के द टाइम्स,फ़ोर्ब्ज़, ब्लूमबर्ग बिज़नेस वीक, आउटलुक बिज़नेस, द इकनामिक टाइम्स आदि अनेकानेक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है। उन्होंने दीपायन बैश्य के साथ मिलकर एक किताब लिखी  है जिसका शीर्षक है – इट हैंपंड इन इंडिया। इस किताब में उनके रिटेल बाज़ार की क्रांति का विवरण है।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

मध्यमवर्गीय परिवार middle class family
आयाम dimension
दिशा direction
निवेशक investor
उपभोक्ता consumer
विभूषित होना to be decorated
आत्मविश्वास self-confidence
शुभारंभ auspicious beginning
वस्त्र-उद्योग fabric/clothes industry
क्रांतिकारी परिवर्तन revolutionary change
बुनियाद नींव f, foundation
सक्रिय रूप से actively
धक्का-मुक्की stampede

Structural Review

1. वे कपड़ों के व्यवसाय में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाये Although the verb लाना can take an object and is therefore a transitive verb, it does not take ने with the subject. It’s an exception.
2. नये युग में उसे फैशन का नाम दे दिया गया

 

The verb phrase दे दिया गया is a passive voice construction where the verb is दे देना. For making a passive, दे देना is transformed into a perfective form followed by the passive marker जाना in the appropriate tense, gender. The logical subject लोगों के द्वारा is implied.

Cultural Notes

1. देहाती केन्द्र

 

India has 40 cities, about 1560 towns, and more than 6 lakh villages. About 70% of India’s population lives in villages with most villages lacking modern amenities. The term देहाती केन्द्र refers to countryside that includes villages.
2. 1 करोड़ 70 लाख

 

 

Indian number system is different. 100= एक सौ; 1000= एक हज़ार; 100,000= एक लाख and then it continues by 100’s: 100 लाख= एक करोड़ and then it goes on to अरब; खरब; नील; पद्म; शंख, महाशंख.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. What are the key components of a successful retail business?
2. Compare the retail business in India with the retail business in the United States.
3. Give Hindi synonyms of the following.

भारतीय, व्यवसायी, शुरुआत, परिवार, कोशिश, प्रवेश, सफलता, समय, उम्र, रेडिमेड कपड़े, वर्ष, परिवर्तन, कम बोलने वाले, विश्वास, ईमानदारी, जीवन, सिद्धांत, किताब

4. उनकी ईमानदारी ने भी निवेशकों का विश्वास जीतने में उनकी मदद की

What is the true verb in this sentence and with which word does the verb agree with for gender and number?

5. Of सफर and सफ़र, which one is more standard in spelling and pronunciation? Try to explore the historical element in this. Discuss this point with others for reaching a satisfactory conclusion.

Comprehension Questions

1. What is not true about Kishore Biyani according to the text?

a. He discovered some new marketing techniques.

b. He believed that rules can be changed if necessary.

c. His success has been noticed in other countries also.

d. His business is limited to selling ready-made garments.

2. According to the text, which of the following statements is correct?

a. Kishore Biyani’s business enterprises are franchises.

b. Kishore Biyani entered into partnership for some ventures.

c. Kishore Biyani owned all of the ventures he had created.

d. Kishore Biyani’s business was a public limited company.

d. Some interesting business story – Dr. Varghese Kurian

Module 11.4

 

दूरदर्शी व्यवसायी

Business People with a Vision

 

डा. वर्गिस कुरियन

Dr. Varghese Kurian

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Analyzing reasons and circumstances that made Dr. Kurian a national icon


Text

डा. वर्गिस कुरियन

(26 नवंबर 1921 – 11 सितंबर  2012)

भारत में वर्गिस कुरियन को फादर आफ द व्हाइट रेवॉल्यूशन यानी श्वेत क्रांति के पिता के नाम से जाना जाता है। डॉ. वर्गिस कुरियन को लोग भारत का मिल्कमैन भी कहते हैं। दुनिया के सबसे बड़े डेअरी डेवलपमेंट प्रोग्राम की संकल्पना डॉ. वर्गिस कुरियन ने ही की थी, जिसे आपरेशन फ्लड का नाम दिया गया। आप गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड के चेयरमेन थे और जिसका नाम अमूल ब्रांड के साथ जुड़ा है।

1921 में कोज़ीकोड केरल में जन्मे डॉ. वर्गिस कुरियन ने सन् 1940 में लोयोला कॉलेज से और फिर मद्रास विश्वविद्यालय से फिजिक्स में मेकेनिकल इंजीनियरिंग की स्नातक डिग्री हासिल की। तदनंतर वे जमशेदपुर के टाटा स्टील टेक्नीकल इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग में परास्नातक की डिग्री प्राप्त करके भारत सरकार की छात्रवृत्ति पर अमेरिका चले गये जहां उन्होंने मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में विशिष्ट योग्यता के साथ मास्टर्स किया।

डॉ. वर्गिस कुरियन 1949 में अमेरिका से भारत लौटे और वे भारत सरकार के डेरी विभाग से जुड़ गये जिसके अंतर्गत मई 1949 में वे आणंद गुजरात की एक छोटी-सी फैक्टरी में डेअरी-इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुए। उसी समय एक नवनिर्मित कोआपरेटिव डेरी कैरा डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड एक निजी और अग्रणी कंपनी पोलसन डेअरी के साथ मिलकर अपने अस्तित्व को कायम रखने के लिए संघर्ष कर रही थी।

इस चुनौती से उत्साहित होकर डॉ. वर्गिस कुरियन ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी और नवनिर्मित कोआपरेटिव के चेयरमेन श्री त्रिभुवनदास पटेल से एक प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उनके इसी निर्णय ने आगे चलकर अमूल को जन्म दिया और बाकी का इतिहास तो जग ज़ाहिर है। यह क्रांति दो गांवों से शुरू हुई और आज 16,000 से अधिक गांव इस दुग्ध योजना में भाग ले रहे हैं। इन गांवों में लगभग 32,000 परिवार इस योजना में दूध का योगदान कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें समुचित दाम अदा किया जाता है। सन् 1965 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने, डॉ. वर्गिस कुरियन के नेतृत्व में नेशनल डेअरी डेवलपमेंट बोर्ड बनाया ताकि देश भर में अमूल की सफलता की कहानी को फैलाया जा सके। 1973 में डेअरी द्वारा बनाये जानेवाले उत्पादों को बेचने के लिए डॉ. वर्गिस कुरियन ने गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन की स्थापना की और थोड़े समय में ही डॉ. वर्गिस कुरियन के मार्गदर्शन में भारत दुग्ध-उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा देश बन गया।

अपने जीवनकाल में अनेक पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया गया। इन्हें रामन मैगासे अवॉर्ड जैसे अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। भारत सरकार ने उन्हें समय समय पर पद्मश्री (1965) पद्म भूषण (1966) और पद्मविभूषण (1999) से सम्मानित किया। 2007 में इन्दौर मध्यप्रदेश के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने उन्हें डाक्टरेट की उपाधि से विभूषित किया। डा. कुरियन 91 वर्ष की आयु में 11 सितंबर 2012 को अपना पार्थिव शरीर छोड़कर सदा के लिए इस संसार से विदा हो गए।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

तदनंतर तत्पश्चात्, उसके बाद, after that
परास्नातक post-graduate
विशिष्ट योग्यता special credit
नियुक्त होना to be appointed
अस्तित्व existence
संघर्ष करना to struggle
नवनिर्मित newly formed
जग ज़ाहिर known to the whole world
समुचित appropriate
पार्थिव शरीर mortal body
विदा होना to depart

सफर

Structural Review

1. दुग्ध योजना Such compound nouns are produced only with Sanskrit words. Although दूध योजना is possible but it would be a sub-standard usage. The standard usage would be दुग्ध-योजना।. If we want to use दूध then it sounds better if we say दूध की योजना। A similar usage in this unit is दुग्ध-उत्पाद.
2. डॉ. वर्गिस कुरियन ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी

 

छोड़ देना is a compound verb. Basically the question is – what’s the difference between छोड़ना and छोड़ देना? Compound verbs are a very significant element of Hindi grammar. There are eight specific verbs that can be attached to ‘compatible’ main verbs. The meaning of the main verb prevails and the second member of the compound verb (जाना, लेना, देना, उठना, बैठना, रहना, पड़ना। डालना) adds a specific nuance to the meaning of the main verb.
3. तदनंतर

 

 

 

This is a combination word borrowed from Sanskrit. It is made of two smaller words – तद् + अनंतर. In Sanskrit तद् means वह/उस and it is not used independently in Hindi. The second word, अनंतर, is occasionally used in high style Hindi and means के बाद or बाद में.

Cultural Notes

1. पार्थिव शरीर

 

Although in Indian philosophy all five elements of Nature are believed to be constituents of all worldly things, including human body, the earth is often believed to be the main constituent. So the adjectival form of पृथ्वी is पार्थिव. Compare with the following couplet from Kabir –

                             मिट्टी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदे मोय

                             इक दिन ऐसा आएगा मैं रोंदूंगी तोय

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Find out more about Dr. Kurian and make a presentation about his life, insight, and achievements.
2. Try to deconstruct the following words for getting to their etymological depth.

परास्नातक, नवनिर्मित, जग ज़ाहिर, योगदान, तत्कालीन, जीवनकाल

3. जिसे आपरेशन फ्लड का नाम दिया गया

जिसके लिए उन्हें समुचित दाम अदा किया जाता है

Convert these sentences into the active voice.

4. डा. कुरियन एक बड़ा नाम हो गया

डा. कुरियन एक बड़ा नाम हुआ

What is the difference in meaning of the two sentences?

5. भारत सरकार ने उन्हें सम्मानित किया

Convert this sentence into passive voice.

Comprehension Questions

1. Based on the text, what do we learn about Dr. Kurian?

a. He implemented an idea he had learned at Michigan.

b. He implemented a new idea he had discovered.

c. He improved upon the ideas of an existing cooperative.

d. He let the idea evolve from farmers’ ongoing struggle.

2. Where did Dr. Kurian start his career?

a. United States

b. Kerala

c. Gujarat

d. New Delhi

Skip to toolbar