Module 4

Module Four – Interviews/Consultations

साक्षात्कार, परामर्श लेना / देना

Interviews / Consultations

a. Interviewing for a job

Module 4.1              

व्यावसायिक वार्ता

Business Talk

 

नौकरी के लिए साक्षात्कार

Interviewing  for a Job

 

Text Level

 

Intermediate High

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Interviewing for a job in culturally appropriate ways

Text

(उत्तम इंस्टिट्युट ऑफ मैंनेजमेंट स्टडीज़ में प्रबंधन संकाय के अंतर्गत मानव संसाधन प्रबंधन विषय को पढ़ाने के लिए साक्षात्कार हो रहे हैं । संस्थान के निदेशक डॉ. विक्रांत शास्त्री अपने कक्ष में बैठे हैं । साक्षात्कार  के लिए पैनल में संस्थान के चेयरमैन डॉ. संजीव कुमार व विषयविशेषज्ञ के तौर पर डॉ. राहुल वोरा भी मौज़ूद हैं । बाह्य-विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. आर. सी. गुप्ता भी उपस्थित हैं । सुश्री आकांक्षा शुक्ला को साक्षात्कार के लिए अंदर भेजा जाता है और वह निदेशक महोदय के कक्ष में दाखिल होती हैं)

आकांक्षा शुक्ला क्या मैं अंदर आ सकती हूँ?

डॉ. विक्रान्त शास्त्री- आइए , आकांक्षा जी ! आइए , बैठिए ।

आकांक्षा शुक्ला धन्यवाद ! आप सभी को मेरा नमस्कार !

       (सभी सदस्य सिर हिलाकर अभिवादन स्वीकार करते हैं )

डॉ.आर.सी. गुप्ता आपने एम.बी.ए. की डिग्री किस वर्ष में हासिल की थी?

आकांक्षा शुक्ला सर! सन् 2008 में ।

डॉ. आर.सी. गुप्ता आपकी विशेषज्ञता किस क्षेत्र में है?

आकांक्षा शुक्ला सर ! मेरी प्रमुख विशेषज्ञता मानव-संसाधन प्रबंधन में है और मैंने इसके साथ साथ मार्कीटिंग-प्रबंधन में भी विशेषज्ञता हासिल की है ।

डॉ.आर.सी. गुप्ता – लेकिन आपने एम.बी.ए. की शिक्षा किस संस्थान से पूरी की है?

आकांक्षा शुक्ला – सर! मैंने हिंदुस्तान कॉलेज़ ऑफ इंजीनीयरिंग से 75% अंकों के साथ एम.बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की है ।

डॉ. विक्रान्त शास्त्री सन 2008 में एम.बी.ए. की परीक्षा पास करने के बाद पिछले दो वर्षों से आप क्या कर रही थीं?

आकांक्षा शुक्ला- सर ! मैंने अपने सारे कार्य-अनुभवों के बारे में विस्तार से अपने बायो-डेटा में उल्लेख किया है । आप चाहें तो —

              (डॉ. विक्रांत शास्त्री बीच में टोकते हैं )

डॉ. विक्रान्त शास्त्री- (मुस्कराते हुए) बायो-डेटा में लिखे होने से क्या प्रश्न करने का अधिकार —

आकांक्षा शुक्ला ( शर्मिंदा होते हुए ) नहीं सर ! माफ़ करें । मेरे कहने का मतलब यह नहीं था।

मैं —

डॉ. विक्रान्त शास्त्री – ठीक है । माफ़ी न माँगें ।

आकांक्षा शुक्ला- सर ! मैंने जुलाई 2008 में अपनी एम.बी.ए. की परीक्षा पास करने के बाद रिलायंस मनी के एच.आर.विभाग में पहले 6 महीने प्रशिक्षु के तौर पर और जनवरी 2009 से दिसंबर 2009 तक एच.आर.एक्ज़ीक्युटिव के तौर पर काम किया है । जनवरी 2010 में मुझे प्रोन्नत करके सहायक मैनेजर एच.आर. बनाया गया ।

डॉ.आर सी. गुप्ता –आपका कैरियर इतनी अच्छी तरह चल रहा था ऐसे में आपने व्यावसायिक जगत को छोड़कर शिक्षण के क्षेत्र में आने का विचार क्यों बनाया?

आकांक्षा शुक्ला – सर ! व्यावसायिक जगत में पिछले दो वर्षों में मैंने जो कुछ सीखा उसे विद्यार्थियों के बीच बाँटने के उद्देश्य से ही मैं शिक्षण के क्षेत्र में आना चाहती हूँ ।

डॉ. विक्रान्त शास्त्री – लेकिन शिक्षण का तो आपको कोई पूर्व अनुभव तो नहीं है ।

आकांक्षा शुक्ला – सर ! मैं रिलायंस मनी में भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देती रही हूँ ।

डॉ.आर सी.गुप्ता – किस तरह का प्रशिक्षण?

आकांक्षा शुक्ला – सर ! मैंने नए कर्मचारियों को कंपनी की नीतियों के साथ साथ समय समय पर प्रेरणात्मक मुद्दों पर भी  प्रशिक्षण दिया है । मेरे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की लोकप्रियता ने ही मुझे शिक्षण के क्षेत्र को पूर्णकालिक कैरियर बनाने की प्रेरणा दी है ।

डॉ. विक्रान्त शास्त्री- आकांक्षा ! हमारी संस्था में नियुक्ति से पूर्व आपको एक डेमो क्लास पढ़ानी होगी ।

आकांक्षा शुक्ला – क्यूँ नहीं सर ! लेकिन क्या मैं डेमो-क्लास का विषय जान सकती हूँ?

डॉ.आर सी. गुप्ता – विषय का चुनाव आप स्वयं कर सकती हैं लेकिन विषय का संबंध मानव संसाधन प्रबंधन से होना चाहिए और स्तर स्नातकोत्तर कक्षाओं के समकक्ष तो होना ही चाहिए ।

आकांक्षा शुक्ला – सर ! तो मैं द्वितीय सेमेस्टर में पढ़ा‌ए जा रहे मानव संसाधन प्रबंधन विषय के ऑडिट अध्याय पर अपना डेमो देना चाहूँगी ।

डॉ. विक्रान्त शास्त्री- यह तो बहुत ही रोचक होगा । कब ले सकती हैं यह क्लास?

आकांक्षा शुक्ला – सर ! जब आप चाहें ।

डा. संजीव कुमार – अगर आपका चयन होता है तो आप कितने वेतन की अपेक्षा रखती हैं?

आकांक्षा शुक्ला – सर ! मुझे इस समय 45,000/ मिल रहा है और मैं कम से कम 10% बढ़ोत्तरी की आशा तो करती हूँ ।

डा. राहुल वोरा – यानी कि 50,000/ मासिक?

आकांक्षा शुक्ला- हाँ सर ! कम से कम 50,000 मासिक ।

डॉ. विक्रान्त शास्त्री – क्या  आपकी माँग कुछ ज़्यादा नहीं है ।

आकांक्षा शुक्ला – सर ! नई नौकरी में कम पाने की नहीं कुछ अधिक पाने की इच्छा होती है ।

डॉ. संजीव कुमार – शास्त्रीजी !  अनुभव और योग्यता को देखते हुए इनकी माँग मान लेने में कोई हानि नहीं है।

डॉ. संजीव कुमार – आकांक्षा जी ! आप बाहर इंतज़ार करें । हम अभी आपको अपने निर्णय से अवगत कराते हैं।

आकांक्षा शुक्ला- धन्यवाद सर ! अगर मुझे आपके यहाँ काम करने का अवसर देंगे तो यह मेरा सौभाग्य होगा । नमस्कार ।

(आकांक्षा बाहर जाती है और सभी सदस्य आपस में चर्चा करने में व्यस्त हो जाते हैं)

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

प्रबंधन संकाय m

management faculty

मानव संसाधन प्रबंधन m

human resource management

साक्षात्कार m

interview

निदेशक m/f

director

विषयविशेषज्ञ m/f

subject matter expert

सुश्री

Ms.

अभिवादन m

greeting

उत्तीर्ण करना

to pass (an exam.)

कार्य-अनुभव m

काम का तजुर्बा m, work-experience

प्रशिक्षु m/f

intern, trainee

टोकना

to interrupt

व्यावसायिक जगत m

कारोबारी दुनिया f, business world

शिक्षण m

पढ़ाना, teaching

प्रशिक्षण m

training

पूर्णकालिक

full-time

स्नातकोत्तर

post graduate

चयन m

चुनाव m, selection

अवगत कराना

सूचित करना, जानकारी देना, to inform

Structural Review

1.

प्रबंधन संकाय, मानव संसाधन प्रबंधन, साक्षात्कार, बाह्य-विशेषज्ञ, प्रशिक्षु, प्रोन्नत करना, स्नातकोत्तर

These are some examples of recently coined words to match their English equivalents. Their usage is gradually increasing in various circles. In the spoken style, the use of their English equivalents is still common, more so in big cities.

2.

मौज़ूद / मौजूद

The correct form is मौजूद. Since ज़ and फ़ are social markers, the form मौज़ूद is a hypercorrection of मौजूद.

 

3.

छोड़कर

 

Verb stem + कर / के /करके

All three variants are used but the use of कर is the standard usage, के is more spoken style, and करके is more colloquial.

4.

(मैं) डेमो देना चाहूँगी

 

 

verb infinitive form + चाहना

The infinitive form stays constant and चाहना is conjugated in the appropriate tense, gender and number.

5.

जब आप चाहें

Here the verb चाहना is an idependent verb and therefore it is conjugated in appropriate tense, gender, and number.

6.

सभी सदस्य आपस में चर्चा करने में व्यस्त हो जाते हैं

 

Contrast हो जाते हैं vs. होते हैं. The former implies a change of state while the latter implies a state of being. The former is known as a compound verb as opposed to the latter which is a simple verb.

Cultural Notes

1.

Formality of the Interview

 

In most Indian contexts, an interview requires use of the formal register in professional contexts. In comparison, interviews in the United States employs a blend of formal and informal registers. For instance, in the case include taking short-listed candidates to a dinner and seeing their performance in social settings beyond the strictly formal context.

2.

Social hierarchy and level of formality

 

 

Hierarchy in age and social status is an accepted phenomenon in Indian society. In job interviews, interviewees are often expected to show respect through expressions like ‘sir’ and by not explicitly disagreeing with their interviewers. However, in the corporate culture, the social distance between the interviewees and the interviewers has been reduced. Younger people can be seen in the corporate world using informal and friendly expressions toward their seniors and it is perceived as opportunities for expressing self-confidence and egalitarianism.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

Write five great questions that you would like to ask an applicant in a job interview. Your questions should yield the greatest depth of information about the interviewee.

 

2.

What advice would you provide to someone who is going for a job interview in a big family business in India?

3.

What advice would you provide to someone who is going for a job interview in a multinational company in India.

4.

Role-play the dialogue of this unit with another student.

5.

मैंने अपने बायो-डेटा में उल्लेख किया है

मुझे आपके यहाँ काम करने का अवसर देंगे तो…..

Convert the above two sentences into the passive voice.

Comprehension Questions

1. Based on the text, why is Akanksha Shukla interested in a teaching position?

            a. She is aware of the high reputation of the Uttam Institute.

            b. She can get a higher salary at the Uttam Institute.

            c. She is not happy in her position at Reliance.

            d. She is interested in a teaching position.

2. What went wrong during the intereview?

a. Akanksha Shukla embarrassed the interviewer.

b. The interviewer embarrassed Akanksha Shukla.

c. Akanksha Shukla was not able to answer a question.

           d. Akanksha Shukla started interviewing the interviewer. 

b. Interviewing for an internship

Module 4.2

व्यावसायिक वार्ता

Business Talk

 

प्रशिक्षु के लिए साक्षात्कार

Interviewing for an internship

 

Text Level

 

Intermediate High

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Interviewing job applicants in culturally and professionally appropriate ways

Text

(इंस्टीट्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़, पुणे के एम.बी. ए. के छात्रों के कैंपस प्लेसमेंट के तहत  साक्षात्कार हो रहे हैं। श्री विजय कपूर, जो कि विप्रो बी.पी.ओ. के कैंपस प्लेसमेंट मैनेजर हैं अपनी सहयोगी सुश्री निशा शर्मा के साथ छात्रों का चयन करने आए हैं । एक बार में दो छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा रहा है । सबसे पहले कुमारी दीपा पुंज व अंबुज जैन को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है)

दीपा व अंबुज जैन सर ! क्या हम अंदर आ सकते हैं?

विजय कपूर- आइए, बैठिए !

दीपा व अंबुज जैन धन्यवाद सर !

             (दोनों अंदर आ कर बैठ जाती हैं)

विजय कपूर दीपा पुंज और अंबुज जैन ।

दोनों जी हाँ, सर !

विजय कपूर मैं हूँ विजय कपूर, विप्रो बी.पी.ओ. का कैंपस प्लेसमेंट मैनेजर । मैंने यह कंपनी आज से छह साल  पहले अपनी एम.बी. ए. की पढ़ाई पूरी करने के बाद ज्वाइन की थी और ऐसे ही एक कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए मैं चुना गया था । उस समय मेरा चुनाव एक प्रशिक्षु के तौर पर हुआ था और कंपनी की प्रोन्नति की शानदार नीतियों के कारण मात्र छह साल में एक प्रशिक्षु से एक स्वतंत्र कैंपस प्लेसमेंट मैनेजर बन गया हूँ । क्या आप दोनों भी इस कंपनी में प्रशिक्षु के तौर पर आना चाहेंगी?

अंबुज जैन जी हाँ, सर!

विजय कपूर दीपा ! तुम चुप क्यों हो?

दीपा पुंज – सर ! मैं जब तक अपनी जॉब प्रोफ़ाइल और कार्य के घंटों के बारे में संतुष्ट नहीं हो जाती तब तक कुछ कह नहीं सकती ।

विजय कपूर अच्छा ! तो दीपा कंपनी में तुम्हारी जॉब प्रोफ़ाइल होगी एक कॉलिंग एक्ज़ीक्युटिव की । चयन होने पर एक साल तक तुम लोग परिवीक्षक के रूप में कार्य करोगे । उसके बाद तुम्हारे कार्य का मूल्यांकन करके तुम्हें स्थायी किया जाएगा । जहाँ तक कार्य-स्थल का सवाल है तुम्हें दिल्ली, पुणे, या बैंगलूर में से किसी एक शहर को चुनना होगा । शुरू के एक साल तुम लोगों को अनिवार्य रूप से रात की शिफ़्ट, रात यानी 10.00 बजे से सुबह 6.00 तक कार्य करना होगा । एक साल के बाद तुम्हारे स्थायी होने पर तुम्हें दिन की शिफ़्ट भी दी जा सकती है । लेकिन ज़रूरी नहीं कि ऐसा हो ही ।

दीपा पुंज- धन्यवाद सर! जहाँ तक तीनों शहरों में से एक शहर चुनने का सवाल है वह ठीक है, लेकिन रात की शिफ़्ट में मैं कार्य नहीं कर सकती । मेरे परिवार वाले कभी इस बात के लिए राज़ी नहीं होंगे । फिर मेरी ससुराल में तो नौकरी की अनुमति भी बड़ी मुश्किल से मिली है ।    

विजय कपूर- यह तो  बड़ी अजीब समस्या है । आजकल बी. पी. ओ. उद्योग में हज़ारों लड़के-लड़कियाँ रात की शिफ़्ट में कार्य कर रहे हैं ।

दीपा पुंज- बात यह है कि मेरा ससुराल एक संयुक्त परिवार है और सासससुर, जेठजेठानी सब साथ ही रहते हैं । घर में बच्चे भी हैं ही  । ऐसे में ज़िम्मेदारी सबको मिल कर ही निभानी होती है ।

निशा शर्मा – वो तो ठीक है दीपा जी कि हर परिवार के नियम और संस्कार अलग अलग होते ज़रूर हैं पर नौकरी में यह सब नहीं देखा जाता । नई नौकरी में तो कोई समझौता नहीं हो सकता ।

विजय कपूर ये सब आपकी अपनी समस्याएँ हैं । कंपनी से इसका कोई संबंध नहीं है । अगर आपको इस काम में कठिनाई हो तो हमारी ओर से कोई बाध्यता नहीं है । आप अपना निर्णय बदलें तो हम फिर से विचार करेंगे।

दीपा पुंज सर !  मैं सब समझ रही हूँ । वैसे मुझे समय देने के लिए धन्यवाद ! क्या मैं जा सकती हूँ?

निशा जैन हमें आपको न लेने पर दुख है पर अब इसके अलावा कोई चारा नहीं । आप जा सकती हैं ।

(दीपा उठ कर चली जाती है)

विजय कपूर- हाँ ! अंबुज, अब तुम बताओ ।

अंबुज जैन सर! मेरी कोई समस्या नहीं है । मैं आपकी कंपनी में कार्य करने के लिए तैयार हूँ ।

विजय  कपूर – तो कंपनी में वायस टेस्ट अर्थात स्वर-परीक्षण हेतु हम आपका चुनाव कर रहे हैं । बाहर इंतज़ार करो कुछ देर में तुम्हें  बुलाया जाएगा ।

निशा जैन कोई आपका सवाल हो तो पूछिए ।

अंबुज जैन सर! यह जानना था कि मुझे पे कितनी मिलेगी?

विजय कपूर अच्छा किया जो पूछ लिया । अपने कैरियर को लेकर तुम वाक़ई गंभीर हो ।

निशा शर्मा – तुम्हें शुरू में एक साल तक प्रतिमाह 15,000 मिलेंगे । स्थायी होने पर यह वेतन सारे हित लाभ मिलाकर करीब 30,000 तक पहुँच जाएगा ।

अंबुज जैन – धन्यवाद सर !

विजय कपूर – तुम बाहर इंतज़ार करो । आगे की औपचारिक कार्रवाई खन्ना जी पूरी करेंगे ।

                  (अंबुज जैन बाहर चली जाती है)

निशा शर्मा – चलिए , अब दूसरी टीम को बुलाते हैं ।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

प्रोन्नति f

promotion

संतुष्ट

satisfied

परिवीक्षक m/f

monitor

कार्य-स्थल m

work-site

समझौता m

compromise

कोई चारा नहीं

no other option

स्वर-परीक्षण m

voice testing

औपचारिक कार्रवाई f

formal proceeding

हित लाभ m

perks

Structural Review

1.

 बुलाया जा रहा है;

.. बुलाया जाता है;  .. दी जा सकती है

These are passive constructions, which are preferred when the writer or speaker does not want to mention the subject of the sentence. Structurally, the main verb takes the perfective form followed by the passive marker जाना, which is conjugated in the appropriate tense, gender and number.

2.

तुम लोगों को …. कार्य करना होगा; सबको मिल कर ही निभानी होती है

These are ‘have to’ constructions as they correspond to the English meaning ‘you have to …’ or ‘they have to …’ In the present tense, the first sentence will be तुम लोगों को कार्य करना है; in the past tense it will be तुम लोगों को कार्य करना था; and, in the future tense तुम लोगों को कार्य करना होगा.

3.

ये सब आपकी अपनी समस्याएँ हैं

 

 

अपना is a reflexive pronoun which is used in the sense of ‘one’s own’ and refers to the same person as the subject. When both the subject and the possessive pronoun of the same sentence refer to the same person, the possessive pronoun in Hindi becomes अपना /अपने/अपनी. In a sentence like ‘he is going to his house’, if the word ‘his’ refers to ‘his own’ the possessive pronoun will be reflexive अपने but if it means  ‘someone else’s house then the possessive pronoun will be non-reflexive उसके.

4.

अच्छा किया जो पूछ लिया

If somebody asks what is the subject in this sentence, the answer is obvious from the context. The subject is आपने. One may ask why not just आप, why आपने? The use of ने after the subject is a grammatical requirement and has nothing to do with meaning. The rule is as follows – if the verb is both transitive and in the perfective form the subject of the same sentence requires the postposition ने.

5.

(आपने) अच्छा किया जो पूछ लिया

What does the verb agree with in the sentence? The rule of verb-agreement is as follows – the verb in the Hindi sentence agrees either with the subject or with the object of the sentence whichever is without a postposition. If both are without a postposition then it agrees with the subject and if both have postpositions then the verb stays in its neutral form, which is masculine singular. In the current example, the verb will not agree with the subject आप as it has a postposition and there is no object; therefore the verb is in the neutral form.

Cultural Notes

1.

Family Needs vs. Individual needs

 

In the traditional Indian setting, individualism is not as strong as in the United States. It is customary for family considerations to prevail over individual considerations. 

2.

Honorific titles for women

श्रीमती = Mrs.

कुमारी  = Miss

सुश्री     = Ms.

3.

संयुक्त परिवार

 

The joint family system is the traditional social system about multiple generations living together under the same roof. However, these days the joint family system is being challenged due to growing individualism and the need to change locations for jobs.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

Role-play the above dialogue without the help of any written text.

2.

 A discussion – Young women should be exempted from night shifts if necessary.

3.

Discuss opportunities where young professional females can work from home.

4.

 Make a list of English words, acronyms, etc. in this unit and see which can or cannot be expressed in Hindi.

5.

एक बार में दो छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा रहा है

मैं चुना गया था

Convert the above sentence into the active voice.

Comprehension Questions

1.Which of the following options best describes Mr. Kapoor’s attitude?

            a. arrogant

            b. uncaring

            c. courteous

            d. formal

2.What was Deepa’s problem?

            a. long hours

            b. night shift

            c. nature of work

            d. salary

c. Consulting with someone

Module 4.3       

व्यावसायिक वार्ता

Business Talk

  

व्यावसायिक परामर्श

Business Consultation

 

Text Level

 

Intermediate High

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Consulting for a business start-up

Text

(श्री राजकुमार गुप्ता और उनका बेटा एक नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और इस संदर्भ में राज गुप्ता अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री राजेश मल्होत्रा से परामर्श करने उनके संजयनगर स्थित ऑफ़िस पहुँचे)

राजेश मल्होत्रा – नमस्कार, गुप्ता जी ! आइए, बैठिए !

रा.गुप्ता नमस्कार राजेश जी !

         (भीतर आकर हाथ मिलाता है और बैठता है)

राजेश मल्होत्रा – बहुत दिन बाद दर्शन हुए । आप क्या कहीं बाहर गए हुए थे?

राज गुप्ताक्या बताऊँ, हर दूसरे दिन दिल्ली के चक्कर लग रहे हैं । वक़्त ही नहीं मिल रहा ।

राजेश मल्होत्रा दिल्ली के चक्कर? क्यों? कोई ख़ास बात?

रा.गुप्ता मल्होत्रा साहब ! आजकल वकील, डॉक्टर और पुलिस के साथ साथ सी.ए.को भी आदमी सिर्फ़ ज़रूरत पड़ने पर ही याद करता है ।

राजेश मल्होत्राज़रूरत नहीं, मजबूरी पड़ने पर कहिए ।

               ( दोनों हँस पड़ते हैं ) 

राज गुप्ताएक काम के सिलसिले में मुझे बहुत ज़रूरी सलाह लेनी थी ।

राजेश मल्होत्रा कैसा काम? खुल कर बताइए ।

राज गुप्ताअरे ! चाय-वाय के लिए नहीं पूछिएगा?

राजेश मल्होत्रा ओह ! बातों के चक्कर में मैं तो भूल ही गया था । बताइए क्या लेंगे ठंडा या गरम?

राज गुप्ताऐसा कीजिए । गरम आने तक ठंडा भी चलेगा । चलिए, ठंडा ही मँगा लीजिए ।

राजेश मल्होत्रा अरे रामू ! दो कोल्ड ड्रिंक लेकर आना !

राज गुप्ताराजेश जी ! छोटा बेटा वार्टन से एम.बी.ए. करके लौटा है । कहता है एक रेस्तराँ चेन खोलना चाहता है ।

राजेश मल्होत्रा रेस्तराँ चेन क्यों ? आप का खानदानी काम भी तो अच्छा खासा चल रहा है । क्या उसे वो काम पसंद नहीं ?

राज गुप्ता हाँ, जूते का कारख़ाना इतना फ़ायदा दे रहा है । इधर तो विदेश तक माल की माँग है पर पढ़-लिख कर बच्चे नए विचार लेकर आते हैं । नई पीढ़ी की नई सोच होगी ही । कहता  है  मॉल्ज़ का ज़माना है । कहता है कि आजकल दुकान पर कौन जाता है?

राजेश मल्होत्रा और नहीं तो क्या? फूड-चेन्ज़ के ज़माने में फ़ास्ट फूड के शौकीन भी खूब पैदा हो गए हैं । आजकल छुट्टी के दिन या वीकएंड में इन जगहों पर तिल धरने तक की जगह नहीं होती । 

राज गुप्ता उसके कई दोस्त भी यही सलाह दे रहे हैं कि अपना कुछ करो । यह कतई घाटे का सौदा नहीं होगा। एक मौके की जगह भी मिल गई है ।

राजेश मल्होत्रा चलो, यह तो साबित हो गया कि यह आपका बेटा अपने किसी बड़े व्यवसाय में ही दिलचस्पी रखता है और नफ़े नुकसान के बारे में सोच रहा है ।

राज गुप्ताकैसे?

राजेश मल्होत्रा अभी से नफ़े-नुकसान का हिसाब जो रख रहा है ।

राज गुप्ताभई ! बनिए का बेटा पेट से ही सब सीख कर आता है । मछली को तैरना सिखाना नहीं पड़ता ।

           (दोनों ज़ोर का ठहाका लगाते हैं । रामू कोल्ड ड्रिंक लेकर आता है)

राजेश मल्होत्राअब बताइए मैं क्या सेवा कर सकता हूँ?

राज गुप्ता प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग  के बारे में सलाह करने आया था ।

राजेश मल्होत्रा देखिए आपके सामने दो विकल्प हैं पहला कोई नई चेन खोलने का । दूसरा किसी चलते हुए व्यवसाय को ख़रीदने का ।

राज गुप्तादोनों में से कौनसा विकल्प अच्छा रहेगा?

राजेश मल्होत्रा देखिए गुप्ताजी ! दोनों के अलग अलग फ़ायदे  हैं । नए काम में ख़र्चा और मेहनत बहुत अधिक होगी । क्योंकि आजकल चेन-रेस्तराँ का चलन काफ़ी बढ़ गया है, ऐसे में किसी बढ़िया ग्रुप की फ्रेंचाइज़ लेकर काम करने की भी सोच सकते हैं । अपना ब्रांड बनाने में काफ़ी समय लगता है ।

राज गुप्ताअगर चलते हुए किसी रेस्तराँ को या उसकी किसी एक फ़्रेंचाइज़ को एक मुश्त खरीदना हो तो —

राजेश मल्होत्रा देखिए, इसमें चल-अचल संपत्ति से ज़्यादा ख्याति या गुडविल की कीमत चुकानी पड़ती है । कुल मिलाकर यह सौदा नए रेस्तराँ खोलने से ज़्यादा महँगा पड़ता है लेकिन यह ठीक है कि ग्राहकों को नए सिरे से जोड़ने की कवायद से मुक्ति मिल जाती है ।

राज गुप्ताआपकी राय में किसमें ज़्यादा फ़ायदा है?

राजेश मल्होत्रासर ! मैंने दोनों विकल्पों के बारे में आपको सही सही राय दी है । एक बात अवश्य है कि नए रेस्तराँ चेन को खोलने के लिए बैंक आसानी से फाइनेंस के लिए तैयार हो सकता है । पुराने चलते हुए रेस्तराँ को खरीदने में फाइनेंस इतनी आसानी से नहीं मिल पाएगा।

राज गुप्ता यह तो बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है आजकल बिना फाइनेंस के कोई भी व्यवसाय शुरू नहीं हो सकता । फाइनेंस व लिमिट बाँधे बिना पूँजी का लगातार फ़्लो संभव नहीं है ।

राजेश मल्होत्रा यह तो सही कहा आपने । वैसे भी किसी रेस्तराँ को बनाने या खरीदने में कम से कम दस करोड़ का निवेश निश्चित है और किसी भी व्यक्ति के लिए निजी तौर पर इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करना असंभव है ।

राज गुप्ता आज की हमारी बातचीत काफ़ी अच्छी रही । अगर इजाज़त हो तो कल मैं अपने बेटे को लेकर एक बार फिर आ जाऊं? आज वह  बैंक से लोन की जानकारी लेने गया हुआ है वरना साथ ही आ जाता।

राजेश मल्होत्रा कल तक कोई और बात ध्यान में आएगी तो उस पर भी ग़ौर कर लेंगे ।

राज गुप्ता कहिए कल किस समय आएँ?

राजेश मल्होत्रा आप इसी समय आ जाएँ । आपके लिए तो समय निकालना ही पड़ेगा । निश्चिन्त रहें । यह भी अपना ही काम है । हाँ, आने से पहले एक फ़ोन अवश्य कर लें । 

राज गुप्ता अवश्य, तो इज़ाज़त दें ।

राजेश मल्होत्रा ठीक है, कल मिलते हैं ।

राज गुप्ता नमस्कार ।

राजेश मल्होत्रा नमस्कार ।

(दोनों हाथ मिलाते हैं और गुप्ता जी विदा होते हैं)

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

संदर्भ m

प्रसंग m, प्रकरण m, context

चक्कर m

trip, confusion

मजबूरी f

compulsion

पीढ़ी f

पुश्त f, generation

घाटा m

हानि f, loss

साबित होना

सिद्ध होना, to be proved

विकल्प m

option

एक मुश्त

in one shot, in one lump sum

चल-अचल संपत्ति f

movable – immovable property

कवायद f

drill, exercise, hard work of no use, बेकार की मेहनत

मुक्ति f

आज़ादी f, स्वतंत्रता f, स्वातंत्र्य m, freedom

महत्वपूर्ण पहलू m

important aspect

निवेश m

investment

Structural Review

1.

बहुत दिन बाद दर्शन हुए !

क्या लेंगे ठंडा या गरम?

These are samples of ritual sentences that reflect social warmth.  These and many others are exchanged as courtesy expressions in informal conversation between acquaintances and friends.  

2.

तिल धरने तक की जगह नहीं होती ।

This is an idiom which literally means that there is no place even to place a sesame seed, implying that the place is very crowded.

3.

वरना साथ ही आ जाता

 

 

The verb ending in –ता without any tense marker (है, हैं, था, etc.) is called the hypothetical or contrary-to-fact construction. This often occurs in an if clause, e.g., अगर वह खाली होता तो मेरे साथ आ जाता, अगर मेरे पास इतने पैसे होते तो मुझे बैंक से उधार लेने की कोई ज़रूरत ही नहीं थी.

4.

किस समय आएँ ?

इसी समय आ जाएँ

The subjunctive form is used for making a polite request in the form of a suggestion. Subjunctive constructions can also be used for asking a question or seeking permission to do something.

Cultural Notes

1.

अरे ! चाय-वाय के लिए नहीं पूछिएगा?

 

Such a question coming from the guest himself suggests that the relationship between the two interlocutors is close and informal.

2.

तो इज़ाज़त दें ।

ठीक है, कल मिलते हैं।

नमस्कार ।

These are typical ways of winding down the conversation and taking leave.

3.

इज़ाज़त

 

 

The standard pronunciation is इजाज़त. Some Hindi speakers over-use the Urdu sounds and because of their ignorance of the original Urdu spellings.

4.

Use of जी after one’s name

The honorific जी can be used after one’s first name or after one’s last name.The use of जी after the last name is a little more formal than the use of जी after the first name.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

Collectively build a business plan for creating a chain of Indian restaurants with a difference.

2.

Frame five questions you would like to ask a consultant for your project for opening a chain of Indian restaurants.

3.

Make a list of courtesy expressions used in this lesson.

4.

Critique the following statement –

बनिए का बेटा पेट से ही सब सीख कर आता है

5.

View the statement अपना ब्रांड बनाने में काफ़ी समय लगता है and discuss pros and cons of starting a new business vs. purchasing a running business.

Comprehension Questions

1. How was Raj Gupta in his responses to Rajesh Malhotra’s sarcastic commnents?

a. accepting

b. friendly ‘small talk’

c. tit-for-tat

d. offensive

2.   What was the outcome of the meeting for Raj Gupta?

          a. He had all his questions answered for the project.

          b. For him, nothing concrete emerged from the meeting.

          c.  He was happy with the information he had received.

          d. He was not happy and wanted to make another appointment.

d. Checking with a reference

Module 4.4    

            

व्यावसायिक वार्ता

Business Talk

 

 

व्यक्ति-विशेष से किसी की जाँच

Checking with Someone for a Personal Reference

 

Text Level

 

Intermediate High

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Eliciting and providing a professional reference for a job applicant

Text

(अनमोल चावला आइडिया मोबाइल कंपनी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मार्केटिंग हेड हैं । उन्होंने भारती ऐयरटेल में उत्तरी क्षेत्र के हेड के पद पर आवेदन किया है । भारती ऐयरटेल ने उनका चयन तो कर लिया है लेकिन कुछ औपचारिकता शेष है । अनमोल चावला ने श्री विक्रांत शास्त्री के नाम का हवाला दिया है । भारती ऐयरटेल के मानव-संसाधन विभाग के अधिकारी शारीक़ इक़बाल इसलिए उनके संबंध में टेलीफ़ोन पर जाँच कर रहे हैं।)

शारीक़ इक़बाल हैलो ! क्या मैं श्री विक्रांत शास्त्री से मुखातिब हूँ?

विक्रान्त शास्त्री जी हाँ ! मैं विक्रांत शास्त्री बोल रहा हूँ । 

शारीक़ इक़बाल सर ! मैं भारती एयरटेल के एच.आर. विभाग से शारीक़ इक़बाल बोल रहा हूँ।  क्या मैं आपका थोड़ा वक़्त ले सकता हूँ बशर्ते आप फ़्री हों ।

विक्रान्तशास्त्री बोलिए, शारीक़ साहब ! जहाँ तक मुझे याद आता है कोई बिल-विल तो बाक़ी नहीं है मुझ पर।  

शारीक़ इक़बाल सर ! क्यूँ शर्मिंदा कर रहे हैं क्या एयरटेल वाले आपको किसी और काम से याद नहीं कर सकते?

विक्रान्त शास्त्री क्यूँ नही,क्यूँ नहीं । बताएँ, कैसे याद किया?

शारीक़ इक़बाल बात यह है शास्त्री जी ! आइडिया मोबाइल के श्री अनमोल चावला ने अपनी नई जॉब के लिए आपके नाम का हवाला दिया है —

विक्रान्त शास्त्री क्या अनमोल ने आइडिया छोड़ दिया?

शारीक़ इक़बाल छोड़ तो नहीं दिया, लेकिन छोड़ने  की सोच ज़रूर रहे हैं ।

विक्रान्त शास्त्री यह तो आइडिया कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा लॉस  होगा और आपकी कंपनी के लिए गेन ।   

यह तो ठीक है कि आपकी कंपनी में उसे अपने फ़ोकस और अपने स्किल को तराशने में ज़्यादा मदद मिल सकेगी।

शारीक़ इक़बाल शुक्रिया सर ! पर मैं अनमोल के बारे में

विक्रान्त शास्त्री क्या मैंने जो कहा वो काफ़ी नहीं है?

शारीक़ इक़बाल काफ़ी है भी और नहीं भी ।

विक्रान्त शास्त्री अगर काफ़ी नहीं है तो पूछिए क्या जानना चाहते हैं  उसके बारे में?

शारीक़ इक़बाल सर ! आप अनमोल चावला को कब से जानते हैं?

विक्रान्त शास्त्री करीब दस वर्षों से ।  आइडिया कंपनी जब एस्कोटेल हुआ करती थी ।  तभी से अनमोल उनके लिए अनमोल हुआ करता था ।  मुझे आज तक याद है सन 1999 का वह दिन जब एक बेहद शर्मीले युवक ने पहले ही दिन मुझसे कनेक्शन के लिए संपर्क किया था ।  

शारीक़ इक़बाल बीच में टोकने के लिए माफ़ी चाहूँगा । यह कब की बात है? तब आप कहाँ थे सर?

विक्रान्त शास्त्री उन दिनों मैं कोकाकोला में था और अनमोल आया था हमारे यहाँ कार्पोरेट कनेक्शन्स के लिए।

शारीक़  इक़बाल काफ़ी पुरानी बात है लेकिन उस डील का क्या हुआ? मेच्योर हुई थी या नहीं?

विक्रान्त शास्त्री नई- नई नौकरी होने पर भी अनमोल के लचीले रुख के कारण वो डील एक सप्ताह के भीतर ही पूरी हो गई थी । करीब 100 कनेक्शन्स लिए थे हमने उससे ।

शारीक़ इक़बाल क्या बीच में उन्होंने कभी —

विक्रान्त शास्त्री – दो एक साल पहले, समय  ठीक से याद नहीं है, अनमोल कुछेक महीने के लिए रिलायंस  में गया था, लेकिन उसकी अनुपस्थिति में कंपनी यानी आइडिया कंपनी को नए नए आइडिया आने बंद हो गए थे ।  फिर क्या था कंपनी ने सारा ज़ोर लगाकर उसे वापस बुला लिया था ।

शारीक़ इक़बाल  –  सर ! क्या यह जुलाई 2000 की बात है?

विक्रान्त शास्त्री शायद आप ठीक फ़रमा रहे हैं ।  

शारीक़ इक़बाल सर ! यह तो स्पष्ट है कि आपके विचार में अनमोल एक भरोसेमंद नौजवान  है । लेकिन उसकी ज़िंदगी और वफ़ादारी  के बारे में आप कुछ और जानकारी देते तो —

विक्रान्त शास्त्री देखिए, शारीक जी ! मैं उसे पिछले दस ग्यारह सालों से जानता हूँ ।  आज उत्तर प्रदेश में आइडिया मोबाइल को नंबर वन बनाने में उसका योगदान कम नहीं है । वैसे वह एयरटेल में जाने की सोच ज़रूर रहा है पर आइडिया वाले उसे इतनी आसानी से छोड़ने को राज़ी होंगे – ऐसा लगता तो नहीं ।   

शारीक़ इक़बाल- सर ! इस बारे में कुछ भी कहना ज़ल्दबाज़ी होगा ।

विक्रान्त शास्त्री हाँ, यह तो ठीक ही कह रहे हैं आप । लेकिन कंपनी के आला अफ़सर भी आइडिया को अनमोल और अनमोल को आइडिया का पर्याय मानते हैं ।

शारीक़ इक़बाल सर ! लगता है कि आप अनमोल के बारे में बहुत ही उम्दा राय रखते हैं ।

विक्रान्त शास्त्री आप सच कह रहे हैं ।  वाक़ई अनमोल को व्यावसायिक तौर पर मैं कुशल व्यक्ति मानता हूँ ।

शारीक़ इक़बाल सर ! मैंने आपका कीमती वक़्त लिया मगर यह बेहद ज़रूरी था ।  वरना मैं बेवजह  आपको तक़लीफ़ नहीं देता ।  

विक्रान्त शास्त्री अरे ! नहीं, ऐसी कोई बात नहीं । आप जब चाहें मुझे ऐसी तक़लीफ दे सकते हैं । 

शारीक़ इक़बाल शुक्रिया सर ! नमस्कार ।  

विक्रान्त शास्त्री नमस्कार !

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

आवेदन करना

अर्ज़ी देना/भेजना, to apply (for a job)

हवाला m

reference

बशर्ते

on the condition

संपर्क करना

संबंध स्थापित करना, to contact

लचीला रुख m

flexible attitude

अनुपस्थिति f

ग़ैरहाज़िरी f, absence

फ़रमाना

to say (formal Urdu expression)

भरोसेमंद

विश्वसनीय, trustworthy

योगदान m

contribution

पर्याय m

पर्यायवाची, synonym

अनमोल

invaluable

Structural Review

1.

कैसे याद किया?

Unlike in English, the subject of a sentence can be left out in Hindi provided it is retrievable from the context. Here the understood subject is आपने.

2.

श्री अनमोल चावला ने …. आपके नाम का हवाला दिया है

The use of ने after the subject in this sentence is triggered due to two factors – the verb करना of the same sentence is transitive and is also in perfective form.

 

3.

कुछेक

 

= कुछ+एक. This collocation has come to mean ‘some / a few.

4.

लेकिन उसकी ज़िंदगी और वफ़ादारी  के बारे में आप कुछ और जानकारी देते तो

There are two elements that are left understood in the context – the first is the word अगर, and the second is a full sentence after the word तो, which would have been something like तो अच्छा होता.

Cultural Notes

1.

Use of English words

There are many English words used in various professions for which there is no good Hindi equivalent. Words like टेलीफ़ोन, मोबाइल, बिल, कंपनी, कार्पोरेट have already been assimilated, but words like मार्कीटिंग हेड, फ़ोकस, कनेक्शन are also good candidates for assimilation. However, words like लॉस, मेच्योर could have been easily replaced by Hindi words.

2.

Relationship between the two interlocutors

It seems from the language that both of them knew each other and their relationship is not merely professional. In such relationships there is always some scope for humor.

3.

Use of Urdu words

 

 

The use of some typically Urdu words is common in Hindi speech. If the speaker is a Muslim, there is a greater likelihood of this but non-Muslims also use such words. Some such words in this lesson are बशर्ते, मुख़ातिब. Many other words of Urdu origin have been fully assimilated into Hindi and Hindi speakers use them without being aware of their origin.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1.

Role-play the above dialogue in your own words. Make sure to insert humor at appropriate points in your conversation.

2.

If you were a reference for someone and you have nothing positive to say about him how would you express yourself diplomatically?

3.

Frame five questions that you would like to ask on the phone from a reference.

4.

How important is it to find out the social background of a prospective employee?

5.

Reconstruct the covert subject in the following sentences:

सर ! क्यूँ शर्मिंदा कर रहे हैं

बताएँ, कैसे याद किया?

छोड़ तो नहीं दिया, लेकिन छोड़ने  की सोच ज़रूर रहे हैं

ऐसा लगता तो नहीं

Comprehension Questions

1. How was Mr. Shastri’s attitude in providing information about Anmol Chawla?

a. cooperative

b. evasive

c. probing

d. condescending

2.Who mentioned a negative point about Anmol Chawla?

          a. Shaariq Iqbal

          b. Vikrant Shastri

          c. someone else

          d. no one

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