Module 6

Module Six – Traveling for Business

व्यवसाय-संबंधी यात्रा

Traveling for Business

a. Locally to another company site

Module  6.1

 

व्यवसाय के लिए यात्रा

Business Travel

 

 

 

स्थानीय यात्रा

Local Travel

Text Level

 

Advanced

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Interacting with one’s local superiors about business travel locally


Text

(लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड, भारत के प्राइवेट सेक्टर की एक बहुत बड़ी और बहुत ही प्रतिष्ठित कंपनी है। उनके अपने सिस्टम बरसों से चले आ रहे हैं। सतीश मेनन उनके कम्युनिकेशन विभाग में कार्यरत हैं। श्री जयराम उनके बॉस है। इस संस्था के भारत के मुंबई शहर में ही कई साइट्स है। हेड ऑफिस मुंबई के प्रमुख रेल्वे स्टेशन वी. टी. (बोरीबंदर) के पास ही बेलार्ड एस्टेट में है और फैक्टरी 25 किलेमीटर दूर अंधेरी ईस्ट के पास पवई में है। सतीश को हफ़्ते में चार या पाँच बार बेलार्ड एस्टेट से पवई जाना होता है। इसके अलावा भी उन्हें मुंबई शहर में ही प्रिंटर्स के पास रिकॉर्डिंग स्टूडियोज़ और फिल्म शूट्स के लिए टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और लोकल ट्रेन से सफ़र करना होता है। उन्हें अपने बॉस से अपने ट्रैवल वाउचर्स पर हस्ताक्षर लेने होते हैं। श्री सतीश और श्री जयराम की बातचीत के कुछ अंश)

जयराम सतीश, आज दोपहर 12 बजे तुम्हें पवई जाकर देशपांडे सर से मिलना है । वे तुम्हें अपने स्विचगियर के नये प्रोडक्ट की ब्रीफ़ देंगे। वहाँ तुम लंच भी कर लेना। उसके बाद दोपहर 3 बजे खार के प्रियंका स्टूडियो में शॉर्ट फिल्म के वॉइस-ओवर की रिकॉर्डिंग है, वह ज़रा देख लेना।  ठीक से सुपरवाइज़ करना। वहाँ के बाद बांद्रा में अपना जो प्रकाश प्रिंटर्स है, वहाँ ब्रोशर के कलर-प्रूफ भी चेक कर लेना और कल सुबह ठीक 9 बजे मुझे रिपोर्ट करना।

सतीश अच्छा सर। मैं वक्त पर सब काम कर लूँगा। मेरे कल के ये वाउचर्स साइन कर दीजिए।

जयराम श्योर।           

सतीश थैंक यू सर।

(इसके बाद सतीश  वी. टी. से अंधेरी लोकल ट्रेन से जाते हैं। अंधेरी स्टेशन उतर कर वह पूर्व दिशा की तरफ़ आते हैं। लार्सन एंड टूब्रो के पवई फैक्टरी में देशपांडे सर से ब्रीफ़ लेते हैं। लंच वहीं की कैंटीन में करते हैं। वहाँ से लौटने के लिए पवई से वे खार पहुंचते हैं। काम ख़तम करके वे बांद्रा की प्रिंटिंग प्रेस में आते हैं। वहाँ से काम ख़त्म करके वे अपने घर लौटने ही वाले थे कि उनका सैल-फ़ोन बजता है। उनके बॉस श्री जयराम जी का फ़ोन है)

जयराम हैलो सतीश ।

सतीश – गुड आफ़्टरनून, सर।

जयराम अभी अभी अपने चंडीगढ़ दफ्तर से ईमेल आया है। वहाँ तुम्हें अगले हफ्ते मंगलवार 30 मार्च को पहुँचना होगा। वहाँ कपूर साहब को बहुत ज़रूरी काम है।

सतीश वहाँ मुझे कब तक रहना होगा।

जयराम चंडीगढ़ में तुम्हें दो दिन रहना होगा। देखो तो तुम कल सुबह इधर आ जाओ। चंडीगढ़ की तुम्हारी मीटिंग के बारे में हम कुछ बातचीत कर लेंगे।

सतीश ओ के. सर। लेकिन कल की बजाए मैं आपको परसों दोहपर मिलूं तो आपके लिए कैसा रहेगा?

जयराम – ठीक है, चलेगा।

(दो दिन के बाद जयराम के दफ़्तर में)

जयराम ये लो सतीश, तुम्हारी चंडीगढ़ के लिए प्लेन की टिकटें और यह है एक ज़रूरी फ़ाइल। अगले एक दो दिन में ज़रा इसे अच्छी तरह स्टडी कर लो। तुम्हारे जाने से पहले हम एक बार फिर उसके बारे में बातचीत कर लें तो अच्छा रहेगा।

तुम्हारे सफ़र के बारे में ऐसा है कि तुम 30 मार्च को चंडीगढ़ पहुँचोगे। वहाँ एयरपोर्ट पर तुम्हें लेने के लिए कंपनी की गाड़ी और ड्राइवर आयेगा। वो तुम्हें अपने चंडीगढ़ दफ्तर ले जायेगा। वहाँ जाकर तुम वी. के. कपूर जी की सेक्रेटरी मनजीत कौर से मिल लेना। वो तुम्हें सब समझा देगी। तुम्हारे रहने की व्यवस्था दफ्तर के पास ही के कोहिनूर होटल में करा दी गयी है। वहाँ काम खतम करके गुरुवार शाम तक तुम मुंबई लौट आओगे और अगले दिन शुक्रवार 2 अप्रैल, सुबह ठीक 9 बजे तुम मुझे रिपोर्ट करोगे।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

स्थानीय local
यात्रा f सफ़र, travel
प्रतिष्ठित इज़्ज़तदार, माननीय, respected
विभाग m महकमा m, department
कार्यरत working
हस्ताक्षर m.pl दस्तख़त m, signatures
पूर्व पूरब, east
दिशा f direction

Structural Review

1. सतीश को हफ़्ते में चार या पाँच बार बेलार्ड एस्टेट से पवई जाना होता है Contrast जाना है vs. जाना होता है

While the former implies going one time, the latter implies repetitive going i.e.  going there with some degree of regularity.

Other examples from the above text –

लोकल ट्रेन से सफ़र करना होता है

उन्हें …. ट्रैवल वाउचर्स पर हस्ताक्षर लेने होते हैं

The verbs in these sentences are present habitual with habitual meaning.

2. वहाँ तुम लंच भी कर लेना This is an imperative construction implying non-instant action. In other words, it conveys an action that is likely to take place in the near future.

See other examples from the above text.

वह ज़रा देख लेना।  

ठीक से सुपरवाइज़ करना

Cultural Notes

1. वहाँ तुम लंच भी कर लेना This kind of usage may be used for a junior or a younger person but it won’t be appropriate for a senior person.
2. Use of English words

 

The spoken language in most professional contexts and other formal domains is replete with English words. In fact, such a mixed language has become the norm.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. What is your experience of local traveling in India? How is it different from local traveling in America?
2. Air travel in India is much more frequent now than it used to be. What factors would you attribute to this frequency?
3. What clues can you point out in the above dialogue that tell us about who is senior and who is junior at the workplace?
4. The events in this unit are in a timed sequence. Make a list of linguistic connectors between sentences or events of this unit.
5. सतीश को हफ़्ते में चार या पाँच बार बेलार्ड एस्टेट से पवई जाना होता है

सतीश को हफ़्ते में चार या पाँच बार बेलार्ड एस्टेट से पवई जाना है

Study the two sentences above and explain the difference in meaning, if any.

Comprehension Questions

1.Based on the text, how does Satish feel about his job?

            a. overworked

b. unappreciated

c. enjoyable

d. none of the above

2.Which of the following best describes Jayram’s attitude?

a. interfering

b. overbearing

c. polite

d. administrative

b. To another city within India

Module  6.2

 

व्यवसाय के लिए यात्रा

Business Travel

 

 

भारत में दूसरे शहर की यात्रा

Domestic Travel

Text Level

 

Intermediate High

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Interacting with strangers traveling together in culturally appropriate ways


Text

(श्री रचित मल्होत्रा सन फ़र्मा में नॉर्थ इंडिया के सेल्स-हेड हैं और दिल्ली में बसे हैं। सेल्स एक्ज़ीक्युटिव की भर्ती के लिए शताब्दी एक्सप्रेस से चंड़ीगढ़ जा रहे हैं. ट्रेन में रज़िया शेख जो कि चंड़ीगढ़ से एम.बी.ए. कर रही है, अपने पिता श्री चाँद मोहम्मद शेख के साथ यात्रा कर रही है। रचित सामनेवाली सीट पर अपने लैपटॉप पर व्यस्त है और चाय के घूँट भी भर रहे हैं। रज़िया किसी किताब में मग्न है। चाँद मोहम्मद रचित के साथ बातचीत छेड़ने की कोशिश कर रहे हैं)

चाँद मोहम्मद शेख   आज मौसम कल के मुकाबले ज़्यादा गरम है।

रचित मल्होत्रा ठीक कह रहे हैं आप। गरमी आज कुछ ज़्यादा ही है।

चाँद मोहम्मद शेख – चंड़ीगढ़ जा रहे हो?

रचित मल्होत्रा   जी हाँ अंकल ! और आप?

चाँद मोहम्मद शेख – हम लोग भी चंड़ीगढ़ ही जा रहे हैं। मेरी बेटी वहाँ एम.बी. ए. कर रही है।

रज़िया शेख    (रचित से ) हैलो !

रचित मल्होत्रा  हैलो ! एम.बी.ए. कहाँ से कर रही हैं?

रज़िया शेख  सर ! एफ.एम.एस से।

रचित मल्होत्रा – कहाँ से एफिलिएटेड है?

रज़िया शेख  पंजाब यूनिवर्सिटी से।

रचित मल्होत्रा फुल टाइम है या एक्ज़ीक्युटिव प्रोग्राम?

रज़िया शेख  सर ! फुल टाइम है .

रचित मल्होत्रा कौनसा सेमेस्टर है?

रज़िया शेख  सर ! फाइनल।

रचित मल्होत्रा  स्पेशलाइज़ेशन क्या है?

रज़िया शेख  डूअल हैं सर ! मेज़र मार्केटिंग और माइनर एच.आर।

रचित मल्होत्रा – लड़की होकर मार्केटिंग क्यों चुना?

रज़िया शेख सर ! शुरू से ही मेरी मार्केटिंग में रुचि थी। मुझे लगा कि सेल्स एंड मार्केटिंग में मैं अपना भविष्य बना सकती हूँ। और वैसे भी आजकल लड़कियाँ हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं ।

चाँद मोहम्मद शेख बात यह है बेटा कि अब लड़का कहो या लड़की यही एक संतान है। पालने-पोसने में किसी भी तरह की कभी कोई बंदिश नहीं रखी और बेटा हर एक को अपनी पसंद का काम करने देना चाहिए। आगे उनकी किस्मत।

रचित मल्होत्रा काश ! सभी आपकी तरह सोचते !

रज़िया शेख आप क्या करते हैं सर !

रचित मल्होत्रा  मैं सन फ़ार्मा में नॉर्थ इंडिया का सेल्स हेड हूँ।

रज़िया शेख  – चंड़ीगढ़ क्यों जा रहे हैं सर?

रचित मल्होत्रा बस यूँ ही। कुछ लड़के रिक्रूट करने हैं।

रज़िया शेख  जॉब क्या है सर?

रचित मल्होत्रा – सेल्स एक्ज़ीक्यूटिव का जॉब है।

रज़िया शेख  सिर्फ लड़कों के लिए ही है या ओपन है सर ?

रचित मल्होत्रा  अरे ! नहीं नहीं, ऐसी कोई बंदिश नहीं है पर फ़ार्मा में लड़कियाँ ज़्यादा रुचि लेती नहीं हैं।

रज़िया शेख  लेती नहीं थीं लेकिन अब सब कुछ बड़ी तेज़ी से बदल रहा है।

रचित मल्होत्रा  हाँ, तुम्हारी बात सच है कि अब फ़ार्मा में लड़कियाँ भी आ रही हैं पर हमें ऐसे बंदे चाहिए जो चंड़ीगढ़ में रहते हुए पूरा पंजाब कवर कर सकें।

रज़िया शेख    इंटरव्यू कब हैं सर आपके?

रचित मल्होत्रा  अभी दिन व समय तय नहीं है। चंड़ीगढ़ में हमारे मार्केटिंग मैनेजर पहुँच गए हैं। वही सब कुछ फ़िक्स कर रहे हैं।

रज़िया शेख  क्या मुझे एक मौका मिल सकता है?

रचित मल्होत्रा कैसा मौका?

रज़िया शेख  इंटरव्यू फ़ेस करने का।

रचित मल्होत्रा  वाह ! क्यों नहीं ! यह  रहा मेरा विज़िटिंग कॉर्ड। तुम कल दिन में किसी समय फ़ोन कर लेना मैं इंटरव्यू का शेड्यूल बता दूँगा।

    (रचित से रज़िया कॉर्ड लेती है)

रज़िया शेख  कल कब कॉल करूँ सर?

रचित मल्होत्रा  दो बजे के बाद कभी भी।

चाँद मोहम्मद शेख एक मौका दे देना बेटा ! और कुछ नहीं तो इंटरव्यू का तज़ुर्बा तो हो ही जाएगा। मैं हमेशा तुम्हारा शुक्रगुज़ार रहूँगा।

रचित मल्होत्रा  ऐसी कोई बात नहीं है अंकल ! कंपनी को  भी तो अच्छे लोग चाहिए होते हैं।

रज़िया शेख  आप एक बार चांस देकर देखें सर ! मैं आपको निराश नहीं करूँगी।

रचित मल्होत्रा – वह तो तुमसे बात करके ही पता चल गया कि तुम में आत्मविश्वास है

 और कुछ कर गुज़रने का जज़्बा है और देखा जाए तो कामयाबी की यह पहली सीढ़ी है।

रज़िया शेख- थैंक्स सर ! मेरा नाम रज़िया शेख है। याद तो रहेगा न आपको ?

चाँद मोहम्मद शेखबेटा ! शुक्रिया ! अल्लाह ! तुम्हें लंबी उमर दे !.

रचित मल्होत्रा – (मुस्करा कर) शुक्रिया !

       (सभी अपने अपने काम में व्यस्त हो जाते हैं) 

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

व्यस्त busy
रुचि f दिलचस्पी f, interest
उपस्थिति f हाज़िरी f, presence
बंदिश f restriction
तुज़ुर्बा m अनुभव m, experience
शुक्रगुज़ार आभारी, grateful
जज़्बा m आवेग m, passion, emotion

Structural Review

1. कल कब कॉल करूँ सर;

लेती नहीं थीं लेकिन …..

Unlike in English, the subject of a sentence can be left out if understood in the context. The subject in the first sentence is मैं and in the second sentence is लड़कियां.
2. याद तो रहेगा न आपको? Here the pseudo verb is याद रहना. Its forms are याद रहता है in present habitual, याद रहा in simple past, याद रहेगा in simple future, and याद रहे in subjunctive. Some pseudo verbs are beginning to behave like true verbs. As pseudo verb, आपको मेरी याद रहेगी and as a true verb आपको मैं याद रहूंगा. An old movie of the sixties was दिल्ली ने फिर याद किया used याद करना like a true verb.
3. Use of English words In professional contexts, using English professional terms is very common.
4. कंपनी को  भी तो अच्छे लोग चाहिए होते हैं Compare कंपनी को भी तो अच्छे लोग चाहिए होते हैं with कंपनी को भी तो अच्छे लोग चाहिएं. The former implies a generally true statement as opposed to the latter which implies the particular situation at this time.

Cultural Notes

1. जी हाँ अंकल

 

Use of kinship terms like अंकल, भाई साहब, बेटा, बेटी to address others with limited familiarity in informal conversation is not uncommon.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. What is the parents’ role in their children’s education and their career formation? Make some comments about their role in Indian and American societies.
2. What types of jobs in the business world would most young women find difficult? Compare the situation in the United States with that of India.
3. How have professional aspirations of women changed in the last hundred years. Compare the situation in different parts of the world.
4. The following words do not seem to have good equivalents in Hindi:

मार्केटिंग, सेल्स हेड, जॉब, एक्ज़ीक्यूटिव, विज़िटिंग कॉर्ड

Can you check and see if there is an acceptable way of expressing them in Hindi.

5. बेटा, हर एक को अपनी पसंद का काम करने देना चाहिए

What is the logical subject of this sentence?

Comprehension Questions

1. Based on the text, what is Rachit Malhotra’s take about who is better for a marketing job?

a. He has a clear preference for male employees.

b. He thinks that a traveling job is not easy for girls.

c. He is open to the possibility of employing females.

d. He would like to see females coming forward for such jobs.

2. On which of the following points does Rachit compliment Mr. Chand Shaikh?

a. telling him about his daughter’s qualifications

b. respecting his daughter’s professional interests

c. his humility and pleasant persona

d. showing interest in his company Sun Pharma

c. To rural parts of India

Module  6.3

 

व्यवसाय के लिए यात्रा

Business Travel

 

 

विदेश यात्रा

Traveling Abroad

 

Text Level

 

Advanced

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Interacting with unknown professionals traveling together in culturally appropriate ways


Text

(अभिजीत शर्मा विप्रो कंपनी के नव-नियुक्त युवा कर्मचारी हैं। कंपनी ने उन्हें पहली बार एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में अमेरिका में मिलिपिटास भेजा है। वे अपनी हवाई यात्रा के दौरान श्री बी. रघुनाथ से मिलते हैं जो पिछले 15 साल से अमेरिका में सिस्को सिस्टम्ज़ में कार्यरत हैं और आजकल अपने काम के सिलसिले में भारत आए हुए हैं)

अभिजीत शर्मा हैलो सर !

रघुनाथ हैलो !

अभिजीत शर्मा सर ! मैं अभिजीत शर्मा हूँ।  विप्रो के बैंगलूर कार्यालय में प्रोग्रामर हूँ।

रघुनाथ लगता है पहली बार अमेरिका जा रहे हो ?

अभिजीत शर्मा हाँ, कंपनी एक प्रोजेक्ट के लिए भेज रही है।

रघुनाथ – अकेले ही जा रहे हो ?

अभिजीत शर्मा नहीं, नहीं सर ! मेरी टीम पिछले तीन महीने से वहीं पर है मैं जाकर उसे जॉयन करूँगा।

रघुनाथ- कैसा लग रहा है ?

अभिजीत शर्मा कैसा क्या सर? बहुत अच्छा लग रहा है।

रघुनाथ  डर लग रहा है ?

अभिजीत शर्मा अमेरिका जा रहा हूँ सर ! कोई बनाना रिपब्लिक नहीं कि डर लगे।

रघुनाथ- वाह ! क्या जवाब है!  लाजवाब कर दिया। मेरा मतलब था कि पहली बार विदेश यात्रा में लोग अक्सर नर्वस होते हैं।

अभिजीत शर्मा – हाँ, नर्वस ज़रूर हूँ। बहुत कुछ सुन रखा है लोगों से वहाँ के बारे में।

रघुनाथ आज से 15 साल पहले जब मैं अमेरिका गया था तो तुम्हारी तरह नर्वस था। मन में कई तरह की आशंकाएँ भी थीं। लेकिन अमेरिका की यह खूबी है कि वह व्यक्ति को बड़ी सहजता से आत्मसात कर लेता है।

अभिजीत शर्मा क्या भारत की तरह?

रघुनाथ हाँ और नहीं भी।

अभिजीत शर्मा – क्या मतलब सर ?

रघुनाथ देखो ! भारत ने सारे धर्म और संस्कृतियों को अपने अंदर स्वीकार कर लिया था और वे सारे धर्म और संस्कृतियाँ अब भारत की ही संस्कृति का अंग बन कर रह गई हैं। लेकिन अमेरिका की ज़िंदगी में आत्मसात होने के बाद भी अपने धर्म और अपनी संस्कृति का मूल रूप कुछ वैसा ही कायम रहता है। यही अमेरिका की विशेषता है। कुछ मायने में यह भारत जैसा ही है।

अभिजीत शर्मा – आप तो अमेरिका में 15 साल से हैं। कैसी है वहाँ की व्यावसायिक और व्यक्तिगत ज़िंदगी?

रघुनाथ – व्यक्तिगत ज़िंदगी में पूरी स्वतंत्रता और है व्यावसायिक जगत में कड़ी प्रतिस्पर्धा। भाई-भतीजावाद और रिश्वतखोरी जैसी बुराइयों से दूर।

अभिजीत शर्मा सर ! मैं एक मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखता हूँ। क्या मैं वहाँ की ज़िंदगी के साथ तालमेल बिठा पाऊँगा?

रघुनाथ अरे ! साल-छह महीने के लिए जा रहे होंगे। पता ही नहीं चलेगा समय कहाँ निकल गया। 

अभिजीत शर्मा वह कैसे सर !

रघुनाथ कंपनीवाले पाँच दिन काम से फुर्सत नहीं देंगे और दो दिन कहाँ-कहाँ घूमूँ और कहाँ नहीं यह सोचते हुए ही निकल जाएँगे।

अभिजीत शर्मा  – क्या मिलपिटास में घूमने के लिए कोई अच्छी जगहें हैं?

रघुनाथ कुछ दूर मॉन्टरे बे एक दर्शनीय स्थल है। लॉस एंजेल्स और सैन फ़्रांसिस्को भी ज़रूर देखना। गोल्डन गेट की तो बात ही निराली है। वहाँ कई विदेशी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।

अभिजीत शर्मा सर ! आप इन दिनों कहाँ है?

रघुनाथ वैसे तो मैं रहता मिलपिटास में हूँ लेकिन आजकल एक फ़ेडरल प्रोजेक्ट के सिलसिले में अधिकतर वाशिंगटन में रहता हूँ।

अभिजीत शर्मा तब तो आपसे मुलाकात शायद नहीं हो पाएगी।

रघुनाथ- वैसे तो भारतीय मूल के लोगों की कमी नहीं है अमेरिका में और तुम्हारी टीम के अन्य सदस्य भी होंगे तुम्हें एंटरटेन करने के लिए।

अभिजीतशर्मा – हाँ, सर ! वह सब तो है। क्या कोई भारतीय परिवार है जहाँ मैं पी. जी. बनकर रह सकूँ।

रघुनाथ इस बारे में मुझे अधिक मालूम नहीं। शायद कुछ ऐसे परिवार हैं जो भारतीय हैं जो भारतीयों को अपने यहाँ रखते हैं। वैसे तुम्हारी कंपनी ने कोई तो व्यवस्था की होगी?

अभिजीत शर्मा सर ! मैं नहीं जानता। यह सब तो वहाँ जाकर ही पता चलेगा। सर ! एक अंतिम प्रश्न पूछना चाहूँगा .

रघुनाथ पूछो ! पूछो ! 

अभिजीत शर्मा सर! स्थायी तौर पर रहने के लिए कैसी जगह है?

रघुनाथ जैसी विश्व की अन्य कोई जगह। आज से 10-15 या यह कहें कि 25 साल पहले भारत छोड़कर अमेरिका बसना एक स्वप्न जैसा था लेकिन इधर के वर्षों में भारत के नागरिक जीवन में भी सुधार हुआ और दोनों देशों में अंतर कम होता जा रहा है। वैसे यह बहुत हद तक व्यक्तिगत राय का प्रश्न है। अतः यह ज़रूरी नहीं कि जो मेरी राय हो वो तुम्हारी भी हो।

अभिजीत शर्मा सर ! आप से बात कर के मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया है। अब अमेरिका में मेरा समय अच्छा कटेगा।

रघुनाथ – मुझे तो इसमें बिल्कुल शक नहीं लगता।

अभिजीत शर्मा सॉरी , मैंने आपका इतना कीमती वक़्त लिया। अब आप भी आराम करें।

रघुनाथ- अरे! यह तो तुम्हारे साथ भी आज से 5-10 साल बाद ऐसे ही होगा। सब सलाह लेंगे और तुम खुशी-खुशी सलाह दोगे। ओ के. !

( दोनों आराम की मुद्रा में आँखें बंद कर लेते हैं) 

Glossary

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कार्यरत working
आशंका f apprehension
आत्मसात् assimilate
व्यक्तिगत ज़िंदगी personal life
कड़ी प्रतिस्पर्धा f stiff competition
फुर्सत f ख़ाली वक्त m, free time
दर्शनीय स्थल m देखने लायक जगह f, worth-seeing place(s)
निराला / निराली अद्वितीय, unique
व्यवस्था f प्रबंध m, arrangement
स्थायी तौर पर permanently
व्यक्तिगत राय f personal opinion
आत्मविश्वास m self-confidence
मुद्रा f posture

Structural Review

1. जो ….. भारत आए हुए हैं This is a statement about one person but the verb is in plural to express respect. Secondly, the verb is in present perfect, which is generally equivalent to ‘has come’ in English. Thirdly, contrast आए हैं with आए हुए हैं. While the former simply means ‘has come’ the latter adds the connotation of ‘having already been in India for some time’.
2. वह सब तो है

 

Here तो adds a strong degree of force to the preceding word. In addition to this, there are two other functions of तो. The first one is to put the word preceding तो under the spotliight and then compare it with another entity (stated or implied) in the same sentence; for example आख़िर बहू भी तो बेटी जैसी है, आप को तो यहां आने की पूरी इजाज़त है. The second major function of तो is to be a co-marker in  if–then type sentences; for example: अगर आप भी चलते तो मज़ा आ जाता.
3. अमेरिका …. आत्मसात कर लेता है

 

The verb phrase कर लेना is a compound verb and the use of लेना as a second member of the compound verb highlights the subject of the sentence अमेरिका (in this sentence). See another similar sentence in this unit as in भारत ने …. स्वीकार कर लिया था. As opposed to लेना, देना as a second member of the compound would highlight the object.

Cultural Notes

1. लगता है पहली बार अमेरिका जा रहे हो ? Obviously, the implied subject here is either तुम or आप but in both cases, it would be less formal than आप अमेरिका जा रहे हैं. While Abhijit Sharma would use the most formal (which also means most respectful) form of address, Raghunath can afford to use slightly less formal form of address for a younger person and this is not interpreted as disrespectful. Social hierarchy is an accepted phenomenon and thus the use of slightly less formal language by seniors or older people for their juniors or those younger in age is perceived socially appropriate by both interlocutors.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. What advice would you give someone to prepare for a first time visit to the U.S.?
2. What questions would you like to ask an Indian friend if you are going to India on a long assignment?
3. Based on the information received from an Indian friend, make an estimated budget of your monthly expenses in India while you are there on a long term assignment.
4. Ask an Indian friend working in the U.S. as many questions as you can to get a deeper glimpse into Indian society as a part of your orientation for going to India.
5. Identify English words used in this unit. Take help from a dictionary or any other source and try to replace them with Hindi equivalents. Check with a native speaker to see which replacement works and which does not.

Comprehension Questions

1.What best describes Abhijit Sharma’s disposition?

a. inquisitive

b. making a new friend

c. restless

d. anxious

2. According to Raghunath, what is shared between American and Indian way of life?

a. both are democracies

b. both respect composite cultures

c. both have corrupt officials

d. both respect individual privacy

d. Internationally

Module  6.4

 

व्यवसाय के लिए यात्रा

Traveling for Business

 

 

गाँव की यात्रा

Traveling to a Rural Area

Text Level

 

Advanced

Modes

Interactive

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Collecting information from someone for traveling to an unfamiliar area


Text

(श्री रंगनाथराव की हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में सेल्स मार्केटिंग मैनेजर की नई  नई नौकरी लगी है। उसे हैदराबाद में रहते हुए महबूब नगर जिले में अपने उत्पादों की बिक्री का काम देखना है। इस संबंध में  अपने सीनियर श्री वाई.एस.रेड्डी के साथ उसकी बातचीत हो रही है)

रंगनाथराव सर ! इस कंपनी में आपको बहुत साल हो गए होंगे?

वाई.एस.रेड्डी हाँ , यही कोई 15 साल।

रंगनाथराव- पर आपका अनुभव तो 25-30 साल के करीब लगता है।

वाई.एस.रेड्डी – बिल्कुल सही पहचाना। इस मार्केटिंग के क्षेत्र में कुल अनुभव 28 साल का है जिसमें 15 साल इस कंपनी में और करीब 13 साल गोदरेज में।

रंगनाथराव – बाप रे ! इतनी तो मेरी उमर ही होगी। सर ! जैसाकि आप जानते ही हैं कि कंपनी ने मुझे महबूब नगर ज़िले में पोस्टिंग दी है और मुझे पता चला है कि आप ज़िले के प्रत्येक दुकानदार को जानते हैं। कैसा मार्केट है यह अपनी कंपनी के उत्पादों के लिए?

वाई.एस.रेड्डी देखो रंगनाथ ! मैंने अपनी कुल 48 साल की आयु के 10 साल भी इस इलाके के बाहर नहीं बिताए। कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि मैं इस इलाके के हर  दुकानदार को ही नहीं हर ग्राहक को भी जानता हूँ।

रंगनाथराव – क्या यह बात सही है सर?

वाई.एस.रेड्डी पूरी तरह से तो नहीं। पर यह बात तो सच है कि लगभग आधे गाहकों को तो मैं शायद जानता हूँ और बचे हुए आधे मुझे जानते होंगे।

(दोनों इस बात पर मुस्करा देते हैं ) 

रंगनाथराव सर ! मैंने सुना है कि इस इलाके में यात्रा करना काफ़ी कठिन है। गाँव में हर जगह आने जाने के लिए अच्छी सुविधाएँ नहीं के बराबर हैं और सड़कें भी बहुत बेकार हैं।

वाई.एस.रेड्डी- देखो भई ! सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास कम ही करना चाहिए। ये सब बातें 10-15 साल पहले तक तो सही थीं पर इधर पिछले 5 सालों में तो तो सड़कें भी काफ़ी ठीक हो गई हैं। इतना ही नहीं सरकारी और गैरसरकारी यातायात के साधन भी बढ़े हैं। आज रात के किसी भी पहर आपको स्टेट रोड़वेज़ की बसें और नेशनल हाइवे पर प्राइवेट बसें भी मिल जाती हैं।

रंगनाथराव आपको तो अपने समय में बेहद बुरे वक़्त से गुज़रना पड़ा होगा न?

वाई.एस.रेड्डी- हाँ, एक समय था जब मैंने नौकरी की शुरुआत की ही थी, करीब 20-25 साल पहले की बात बता रहा हूँ तब रात पूरी होने से पहले ही यात्रा पूरी करके घर या सुरक्षित स्थान पर  वापस आ जाना पड़ता था। लेकिन आजकल साधन व सुरक्षा दोनों काफ़ी बढ़ गए हैं और हर समय बिना चिंता किए यात्रा कर सकते हैं।

रंगनाथराव यह तो हो गई हाईवेज़ की बातें पर आप जानते ही हैं कि हमारी इस नौकरी में तो गाँवों के अंदरूनी इलाकों तक जाना पड़ता है और वहाँ की हालत बहुत ज़्यादा नहीं बदली है। सरकारी प्रयास से गरीबी और बेरोज़गारी कुछ कम ज़रूर हुई हैं पर —

वाई.एस.रेड्डी गाँवों के बारे में तुम्हारा नज़रिया सुना-सुनाया और  बहुत पुराना है और बदलाव को देख कर भी अनदेखा कर रहा है। ये बदलाव धीरे धीरे आते जा रहे हैं हमारे इसी ज़िले के कई गाँवों में बिजली, पानी, पक्की सड़कें, बसें, अस्पताल, स्कूल सभी कुछ आ गया है। फ़ोन और मोबाइल के आने से व्यापार और मार्केटिंग पहले जैसा कठिन काम नहीं रह गया है। और थोड़ी बहुत सावधानी और सुरक्षा का ध्यान तो शहरी इलाकों में भी रखना होता है। दुर्घटना और अपराध तो कहीं भी कभी भी हो सकते हैं उसके लिए गाँव-शहर या दिन-रात का कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

रंगनाथराव हाँ सर ! अनहोनी तो अचानक होती है उससे तो सावधान रह कर ही बचा जा सकता है। फिर भी अपने अनुभव के खज़ाने से कोई सुझाव दें तो कृपा होगी।

वाई.एस.रेड्डी देखो रंगा ! पहली बात यह है कि अपनी आँखें और कान हमेशा खुले रखो, किसी अजनबी पर एकदम यकीन मत करना। जहाँ तक हो सके जल्दी ही सबसे घुलने-मिलने और परिचय देने से बचो।

रंगनाथराव वह क्यूँ सर ?

वाई.एस.रेड्डी बात यह है कि कंपनी का आदमी समझ कर अक्सर बदमाश वसूली के पैसे छीनने के लिए छीना-झपटी करते हैं या लूटने की कोशिश करते हैं। अतः जहाँ तक हो सके अपने को सामान्य नौकरीपेशा साबित करने से लोगों का ध्यान तुम्हारी ओर कम जाएगा। हाँ , बहुत रौब दिखाने की कोशिश में मँहगे कपड़ेब्रीफ़केस और मोबाइल आदि से बचो। ये सब गाँव के लोगों का ध्यान खींचते हैं।

रंगनाथराव सर ! आपने तो पाँच मिनट में ही मुझे अपने 28 साल के जीवन का सार दे दिया।

वाई.एस.रेड्डी बेटे ! बुज़ुर्गो से और कुछ नहीं तो अच्छी सलाह ज़रूर मिल जाती है।

रंगनाथराव –(मुस्कराकर ) सर ! बहुत अच्छा लगा आपसे मिलकर। मुझे आशीर्वाद दीजिए कि मैं कुछ बन सकूँ, कुछ कर सकूँ।

वाई.एस.रेड्डी लो यह रहा मेरा कॉर्ड। कोई परेशानी हो तो इस नंबर पर फ़ोन कर लेना। वैसे बस मेरा नाम लेना ही काफ़ी होगा। इतने दिनों में इतना नाम तो कमाया ही है और अपनी कंपनी को फ़ायदा भी पहुँचाया है।

रंगनाथराव- ज़रूर ज़रूर ! अब इज़ाजत दें सर ! अच्छा नमस्कार !

वाई.एस.रेड्डी जीते रहो ! खुश रहो !

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

अनुभव m तजुर्बा m, experience
सुविधा f facility
यातायात  m traffic
सुरक्षित सही-सलामत, safe
बेरोज़गारी f unemployment
नज़रिया m दृष्टिकोण m, viewpoint
सुना-सुनाया hearsay
अपराध m जुर्म m, crime
अजनबी m / f stranger
घुलना-मिलना to mix up
छीना-झपटी f stealing by snatching things
सार m सारांश m, essence
आशीर्वाद m blessing

Structural Review

1. उसे …. बिक्री का काम देखना है। उसे देखना है is the core part of the sentence, the rest in the long sentence is simply an extension depending on needs of the writer or speaker.
2. बिल्कुल सही पहचाना Here the subject आपने / तुमने is understood from the context. In Hindi, the subject can be left out if it is retrievable from the context.  In contrast, the presence of subject in an English sentence is required. Thus in the sentence ‘it’s raining’, English created a dummy subject ‘it’.
3. …. और बचे हुए आधे मुझे जानते होंगे

 

 

The verb in this sentence is in the presumptive form, which usually appears with the verb होना in the future tense. Presumptive meaning can also be conveyed with a subjunctive form and/or by adding the word शायद or हो सकता है. Examples: वे मुझे जानते हों; शायद वे मुझे जानते हैं / हों: हो सकता है वे मुझे जानते हैं / हों.
4. सुना-सुनाया;

छीना-झपटी

These are collocations of Hindi. Every language has instances of such conventionalized co-ocurring words.

Cultural Notes

1. बेटे ! बुज़ुर्गो से और कुछ नहीं तो अच्छी सलाह ज़रूर मिल जाती है। Giving extra respect to elders is a part of the public discourse in traditional settings. However, in modern corporate settings such linguistic expressions are rare.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Do online research about life in Indian villages. Present ten bullet points about people living in rural India.
2. What would you like to know about rural India so that you can participate meaningfully in a discussion about commercials and marketing of your company’s product in India?
3. Frame five questions that your village customers are likely to ask you about your product. Also provide your answers to those questions.
4. Make a list of all the courtesy expressions used in this unit.
5. आपको तो अपने समय में बेहद बुरे वक़्त से गुज़रना पड़ा होगा न?

Paraphrase this sentence in your words but make sure the essential meaning is not lost.

Comprehension Questions

1. A major challenge for visitors to villages in India is –

a. roadways

b. communication

c. transportation

d. crime

2. Mr. Reddy’s advice to Rangnathrao was –

     a. snobbish

b. gracious

c. diplomatic

d. outdated

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