Module 8

Module Eight – Business Headlines

व्यावसायिक सुर्खियां

Business Headlines

a. Business Headlines – type A

Module  8.1

 

व्यावसायिक समाचार

Business News

 

 

अंतर्राष्ट्रीय समाचार

International News

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Understanding the distinctiveness of the idiom and reporting style of Hindi media


Text

26/11 के बावजूद भारत में बढ़ी है सैलानियों की दिलचस्पी

वैश्विक मंदी और आतंकवादी हमले ने देश के पर्यटन की रफ्तार तो थामी, लेकिन विदेशियों का भरोसा अभी हिंदुस्तान से नहीं उठा है । तमाम ब्रेकरों के बावजूद पर्यटकों की संख्या और पर्यटन कारोबार फिर पिछले सालों से आगे निकल गया ।  खास बात है कि नवंबर में मुंबई हमले के बाद दिसंबर में पिछले माह की तुलना में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी थी । प्रमुख हवाई अड्डों से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले सालों की तुलना में अगले वर्ष भी दो लाख ज्यादा विदेशी पर्यटक आए ।  संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने 2008 दुनिया भर में पर्यटन कारोबार दो से तीन फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया था । भारत ने उस अनुमान को भी पीछे छोड़ दिया ।  तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दुनिया के औसत से करीब दो गुना यानी साढ़े पांच फीसदी ज्यादा पर्यटक यहां आए ।

2007 के करीब 51 लाख 80 हजार पर्यटकों के मुकाबले 53 लाख 70 हजार पर्यटक आए । यद्यपि यह अपेक्षा से काफी कम है, लेकिन मंदी और आतंक के मद्देनजर केंद्र सरकार इसे भी काफी उत्साहजनक मान रही है ।
पर्यटन मंत्रालय को सबसे ज्यादा संतोष इस बात से है कि नवंबर के आखिर में मुंबई में हमला हुआ । इसके बाद बड़े पैमाने पर पूरे देश में विदेशी पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द करवाईं । इसके बावजूद नवंबर की तुलना में दिसंबर में एक लाख अधिक विदेशी पर्यटक हिंदुस्तान आए । उससे अगले साल नवंबर में जहां 5.21 लाख पर्यटक आए थे तो वहीं दिसंबर में 5.22 लाख । पिछले वर्ष की तुलना में व्यापार भी बढ़ा ही। कई अन्य विकसित देशों की तरह कम तो नहीं हुआ । 2007 वर्ष में 44 हजार 360 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा आई थी तो 2008 में 50 हजार 730 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा आई ।

गूगल से भिड़ेंगे माइक्रोसाफ्ट व याहू

दुनिया की दिग्गज साफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसाफ्ट और अग्रणी इंटरनेट कंपनी याहू ने इंटरनेट सर्च तथा विज्ञापन के क्षेत्र में हाथ मिलाया है । दोनों कंपनियों का यह गठजोड़ इंटरनेट सर्च के दिग्गज बादशाह गूगल को चुनौती देगा । दोनों कंपनियों ने इसके लिए 10 वर्षीय करार किया है । इस समझौते के तहत माइक्रोसाफ्ट को याहू की प्रमुख सर्च टेक्नोलाजी का दस साल के लिए विशेष लाइसेंस मिल जाएगा । इसका मतलब यह हुआ कि माइक्रोसाफ्ट का नया सर्च इंजन बिंग इसके जरिए विज्ञापनदाताओं को लुभाने में सक्षम होगा । दोनों कंपनियों के बीच इस तरह के समझौते की लंबे समय से अटकलें थीं । कुछ साल पहले तक याहू के पूर्व सीईओ जेरी यंग के चलते माइक्रोसाफ्ट के साथ इंटरनेट कंपनी का सौदा नहीं हो पाया था । माइक्रोसाफ्ट पिछले साल याहू को खरीदना चाहती थी, लेकिन सौदे की महंगी कीमत के चलते पीछे हट गई थी   ।

गांव की पगडंडियों पर चढ़ा इनफॉर्मेशन हाई-वे

इंटरनेट और कंप्यूटर आज गांव देहात के किसानों से उनकी अपनी भाषा में मुखातिब है । अब इसे तकनीक का दबाव कहिए या बाजार की रफ्तार, किसानों से जुड़े अनेक सरकारी व गैरसरकारी मंच इंटरनेट पर न सिर्फ मौजूद हैं बल्कि उनमें से कई लोकप्रिय भी हो रहे हैं । आईआईटी मुंबई, कृषि विज्ञान केंद्र बारामती और विज्ञान आश्रम संस्था की मिली जुली पहल पर तैयार इंटरनेट साइट aacqua.org किसानों की मदद के लिए बना ऐसा ही एक मंच है । इसके जरिए किसान खेती, पशुपालन आदि पर वैज्ञानिकों की राय ले सकते हैं । हिन्दी, मराठी और अंग्रेजी भाषा में यह साइट अब तक किसानों के 6,000 से ज्यादा सवालों का जवाब दे चुकी है । ग्रामीण कहीं जर्सी गाय या रेशमकीट पालन से संभावित आमदनी के बारे में पूछ रहे हैं तो कहीं रतनजोत या काजू की खेती के बारे में अपने संशय दूर करना चाहते हैं । इसके अलावा सरकारी साइट agmarket.nic.in या krishiworld.com देश भर की मंडियों के भाव उपलब्ध कराती हैं । आईआईटी कानपुर द्वारा बनाई digitalmandi.iitk.ac.in के माध्यम से किसान नवीनतम तकनीकों के अलावा मंडी भाव व मौसम संबंधी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं । विभिन्न सरकारी विभागों की वेबसाइटें भी अपने हिन्दी अनुवाद के साथ किसानों की सेवा को तत्पर हैं । हालांकि सरकारी कार्यशैली का असर यहां भी दिखाई देता है और कई बार साइट अपडेटेड नहीं होती लेकिन ग्रामीणों के लिए शुरुआत भी बुरी नहीं कही जा सकती । किसानों से जुड़े प्रश्नों का हल पेश करने वाला सर्च इंचन raftaar.com उपयोगकर्ता को लिप्यंतरण की सुविधा देता है । यानी अगर आप इसमें अंग्रेज़ी में यूरिया या फर्टिलाइजर लिखेंगे तो यह खुद ब खुद इन्हें हिन्दी में बदल कर संबंधित जानकारियां कंप्यूटर पर बटोर लाएगा। ग्रामीण भारत में बेहतर सड़कों का सपना भले 22वीं सदी में पूरा हो, लेकिन इनफारमेशन हाईवे अपने लाव-लश्कर के साथ तेजी से धूल भरी पगडंडियों पर दौड़ पड़ा है ।

पेप्सी भारत में निवेश करेगी 20 करोड़ डॉलर

खाद्य उत्पाद और शीतल पेय बनाने वाली वैश्विक कंपनी पेप्सिको भारत में अपनी उपस्थिति और मजबूत करने के लिए 20 करोड़ डॉलर (करीब 900 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त निवेश करेगी । कंपनी यह निवेश अपनी निर्माण क्षमता बढ़ाने, उत्पाद विकास और कृषि संबंधी क्षेत्र में करेगी । पिछले साल ही कंपनी ने भारत में एक हजार करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी । पेप्सिको की चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूई ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम उत्पादों, निर्माण संयंत्रों और कृषि में यह निवेश करेंगे । प्रस्तावित निवेश से भारत में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत हो सकेगी । नूई ने कहा कि कंपनी प्रति हेक्टेयर कृषि उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है । चाहे वह महाराष्ट्र या पंजाब में आलू का उत्पादन बढ़ाने की बात हो । विनिर्माण के लिए निवेश के बारे में पूछे जाने पर नूई ने कहा कि हम कोलकाता में विनिर्माण क्षमता बढ़ा रहे हैं । पेप्सिको ने 2009 में प. बंगाल में अपने 10 एकड़ संयंत्र के लिए चार एकड़ ज़मीन और खरीदी थी। इस संयंत्र में कंपनी लेज़ और कुरकुरे नाम के स्नैक बनाती है । कंपनी ने इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता को 2011 तक 50,000 टन सालाना करने की योजना बनाई है । फिलहाल इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 20-25 हजार टन सालाना की है  । पेप्सिको ने पिछले साल ही भारत में एक हज़ार करोड़ रुपये (लगभग 20 करोड़ डॉलर) का निवेश करने की घोषणा की थी । इसके लिए कंपनी को सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है ।  भविष्य की निवेश योजनाओं के बारे में नूई ने कहा कि हम नई घोषणा तभी करेंगे जब हम इस घोषणा को पूरा कर देंगे। हालांकि उन्होंने भारत में अधिग्रहण से संबंधित सवालों का जवाब नहीं दिया।

­­­­­­­­­­­Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

वैश्विक मंदी f global recession
आतंकवादी हमला m आतंकवादी आक्रमण m, terrorist attack
विपरीत परिस्थितियां f unfavorable circumstances
मद्देनजर in view of
दिग्गज giant, legend
अग्रणी leading
चुनौती f challenge
अटकल f guess, conjecture
मुखातिब one who is addressing someone
मंच m stage
रेशमकीट m silk worm
लिप्यंतरण m transcription
पगडंडी f natural trails in forest
लाव-लश्कर m stuff and army of people
संयंत्र m machinery, plant
अधिग्रहण m acquisition

Structural Revew

1. ज्यादा, फीसदी, मद्देनजर, फिलहाल Standardized spellings of these words are ज़्यादा, फ़ीसदी, मद्देनज़र, फ़िलहाल. These words have come to Hindi from the Perso-Arabic source via Urdu and have brought with them new sounds which are transcribed in Hindi with a dot below these five consonants – क़, ख़, ग़, ज़, फ़. Two of these sounds and were later reinforced through contact with English words like because, is, father, zebra, etc.. These two sounds have now become social markers in the Hindi speech community and are heard more in the urban environment. The sounds represented by the five dotted consonants can be heard in the speech of city folks but their variants क, ख, ग, ज, फ with their indigenous sounds are widely prevalent in the speech of most Hindi speakers.
2. निवेश, संयंत्र, उत्पाद, विनिर्माण, अधिग्रहण Hundreds of words have been coined to translate English words and are now current in business writings.

Cultural Notes

1. ज़, फ़

 

These two sounds are equivalent to the English sounds – z and f. Their pronunciation in words like ज़्यादा /zyaadaa/, फ़ीसदी /fiisadii/ is considered more elegant/urban/educated like/standard although their variants ज्यादा, फीसदी are deeply ingrained in the minds of many Hindi speakers.
2. कोलकाता (Kolkata)

 

This is the new name of the city कलकत्ता (Calcutta). The earlier spellings were changed in 2001 to match the traditional Bengali pronunciation of the name. This metropolis located on the east coast of India is a center of major cultural, commercial and literary activity.
3. Spoken and Written style differences

 

 

Hindi is a diglossic language, which means that the formal and informal styles have marked differences in vocabulary. Many words, which are used in the formal written style are not used in informal speech. For example, many newly coined words like पर्यटन, पर्यटक, निवेश, संयंत्र, उत्पाद, विनिर्माण, अधिग्रहण are used in the formal style whereas their English equivalents are used and mixed with Hindi speech in the informal style.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Select the three most current business news items in Hindi and try to paraphrase them in your own words without the use of English words to the extent possible.
2. Compare a current news item from two different media sources in English and then based on that, create a news item in Hindi.
3. Study a business newspaper in Hindi and see if you can find a typical Indian flavor not to be found in English newspapers. It may be in terms of a historical allusion, a Hindi language idiom/proverb, or a cultural artifact or an ‘Indian’ observation.
4. Give an oral presentation of current business news before your group.
5. Give a presentation about the current status of Pepsi’s investments in India.

Comprehension Questions

1. Which of the following statements conforms with the text of this unit?

a. The terrorist attack in Mumbai severely affected tourism to India.

b. Tourism to India could not live up to the estimates of UNESCO.

c. Tourism to India did not meet the expectations of Indian government.

d. Foreign tourists did not cancel their reservations after the terrorist attack.

2. Which of the following statements is true about the use of Internet in the countryside?

a. Farmers can see various official websites in their language.

b. Farmers can see answers to the very questions they may have.

c. Farmers come in large numbers to use the Internet.

d. Farmers have very useful discussions with experts.

b. Business Headlines – type B

Module 8.2

 

व्यावसायिक समाचार

Business News

 

 

 

राष्ट्रीय समाचार – 1

National News

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Understanding the distinctiveness of idiom and reporting style of Hindi media


Text

1.आवश्यक वस्तुओं का बढ़ा आयात

चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने के दौरान आयात भले ही लगातार कम होता जा रहा हो लेकिन संवेदनशील वस्तुओं के आयात में कोई कमी नहीं हुई है । हो सकता है कि इसका कारण घरेलू बाजार में महंगाई रोकने की सरकारी मुहिम हो लेकिन संवेदनशील वस्तुओं का तेजी से बढ़ता आयात आने वाले दिनों में सरकार के लिए नया सिरदर्द  साबित हो सकता है । जिन वस्तुओं का आयात बढ़ा है उनमें खाद्य तेल, दूध व दूध से बने उत्पाद, दाल, चाय व कॉफी, रबर प्रमुख हैं । सरकार ने इनमें से अधिकांश उत्पादों के आयात को फिलहाल खुली छूट दे रखी है । ऐसा घरेलू बाजार में महंगाई रोकने के लिए किया गया है  ।

2. टेलीकॉम कंपनियों के लिए विदेशी कर्ज जुटाना आसान

स्पेक्ट्रम फीस के लिए फंड जुटाने की दिक्कतों का सामना कर रही टेलीकॉम कंपनियों के लिए सरकार ने विदेशी बाजारों से कर्ज जुटाने के नियमों में ढील देने की घोषणा की है । इसके तहत कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन की कीमत रुपये में चुकाने की मंजूरी दे दी है । वित्त मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां स्पेक्ट्रम फीस रुपये में चुकाने के बाद एक साल तक ई.सी.बी. के जरिए संसाधन जुटा सकेंगी । इस राशि के इस्तेमाल पर नजर रखने की जिम्मेदारी विदेशी बाजारों से वित्त जुटाने वाले अधिकृत डीलरों की होगी। साथ ही वित्त मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि घरेलू बैंक टेलीकॉम कंपनियों को किसी तरह की गारंटी उपलब्ध नहीं करा सकेंगे । मोबाइल टेलीफोन सेवा प्रदान करने वाली टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम फीस के लिए ई.सी.बी. जुटाने की मंजूरी सरकार पहले ही दे चुकी है । मगर इसमें कंपनियों को दिक्कत

 आ रही थी।

3.कपड़ा उद्योग विदेशी मशीनों के भरोसे

भारत का कपड़ा उद्योग देश में निर्मित उच्च

स्तरीय मशीनरी के अभाव से ग्रस्त है । अगर कताई की कुछ मशीनों को छोड़ दिया जाए तो कपड़ा उद्योग मुख्य रूप से महंगी आयातित मशीनों पर ही आश्रित है । देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कपड़ा उद्योग का योगदान चार फीसदी है । कपड़ा उद्योग की इस पुरानी समस्या की सुध लेकर सरकार ने स्वदेशी मशीनरी विनिर्माता कंपनियों से इस दिशा में पहल करने को कहा है । साथ ही सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह इस काम में उनको हर मुमकिन मदद देगी । भारी उद्योग राज्यमंत्री अरुण यादव ने यहां 65वें अखिल भारतीय कपड़ा उद्योग अधिवेशन के दौरान कहा कि निश्चित तौर पर देश में कपड़ा उद्योग के समक्ष उच्चस्तरीय स्वदेशी मशीनरी का संकट है । उन्होंने कहा कि देश में कताई की मशीनें तो बनाई जाती हैं लेकिन इसके बाद की बारीक प्रक्रिया के लिए कपड़ा विनिर्माता इकाइयों को करीब 80 प्रतिशत मशीनों का आयात करना पड़ता है  ।

4.महंगाई पर मंथन करेंगे सभी सीएम

बेकाबू होती मंहगाई को गंभीरता से लेते हुए केंद्र ने इस पर काबू पाने के लिए 11 सूत्री उपायों की रूपरेखा तैयार की थी । उस पर अमल करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में यहां हुई कैबिनेट की मूल्य संबंधी समिति [सी.सी.पी.] में यह निर्णय किया गया । कृषि मंत्री शरद पवार ने बैठक के बाद संवाददाताओं को इस रूपरेखा की जानकारी देते हुए भरोसा जताया कि चार से आठ दिन के भीतर आवश्यक वस्तुओं और हफ्ते-दस दिन में चीनी के दाम काबू में आने शुरू हो जाएंगे । पवार ने कहा कि कीमतें काबू करने में मुख्य भूमिका राज्यों की है इसलिए प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है जो 22 या 27 जनवरी को होगी । बैठक में निर्णय किया गया कि आसमान छूते चीनी के दामों को जमीन पर लाने के लिए सफेद चीनी को 31 दिसंबर 2010 तक शून्य डयूटी पर आयात करने की छूट होगी और इसके आयात की कोई सीमा भी नहीं होगी। इसके अलावा अगले दो महीनों में बीस से तीस लाख टन गेहूं और चावल खुले बाजार में जारी किया जाएगा जिससे इनके दाम गिर सकें ।

5.फ़ाइज़र की नज़र भारतीय कंपनी पर

 भारत में दवा-बाज़ार एक लाख करोड़ रूपए का है । दुनिया की सबसे बड़ी दवा कंपनियों में से एक फ़ाइजर ने भारत में अपने कारोबार को बढ़ाने के प्रयास तेज़ करने के संकेत दिए हैं । कंपनी बिक्री के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी दवा कंपनी है लेकिन भारतीय बाज़ार में इसका स्थान काफी पीछे है । फ़ाइजर के दक्षिण एशिया विभाग के चेयरमैन गैरी बकार्रो ने हरियाणा के करनाल में कहा कि उनका पहला लक्ष्य भारतीय बाज़ार में कारोबार कर रही पाँच बड़ी दवा कंपनियों में शुमार होना है । उन्होंने कहा, “ऐसी संभावना है कि अगले दो वर्षों में दवा के विश्व बाज़ार में भारत तीसरे स्थान पर होगा. हमारी रणनीति यहां के बाज़ार में आगे निकलने की है ।” गैरी बकार्रो का कहना है कि उनकी कंपनी भारत में प्रसार के लिए किसी अन्य कंपनी के साथ रणनीतिक साझीदारी पर भी विचार कर रही है. हालांकि उन्होंने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया । भारत में दवा बाज़ार का आकार लगभग एक लाख करोड़ रूपए का है और सिप्ला, रैनबैक्सी और जीएसके अग्रणी खिलाड़ी हैं ।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

आयात m import
संवेदनशील वस्तुएं f sensitive goods
मुहिम m अभियान m, campaign
खाद्य तेल m edible oil
आवंटन m allocation
वित्त मंत्रालय m finance ministry
आधिकारिक बयान m official statement
संसाधन m resource
उच्चस्तरीय high level
आश्रित होना to depend on
प्रक्रिया f process
विनिर्माता m manufacturer
11 सूत्री उपाय m 11 point plan
रूपरेखा f outline
संवाददाता m/f (media) correspondent
संभावना f probability
रणनीति f कार्यनीति f, strategy
रणनीतिक साझीदारी f strategic partnership
अग्रणी leading

Structural Review

1. आयात भले ही लगातार कम होता जा रहा हो The words भले ही have lost connection with their literal meaning. This collocation has somehow come to mean – even if, though, although. It is not clear how the meaning traveled from its literal sense to its present sense. The same word भला by itself gives a different meaning in usages like – मैं भला क्यों जाऊंगा?, which means – Why do you think I would go (there)?
2. आयात भले ही लगातार कम होता जा रहा हो

 

Here the verb sequence Vता+Verb stem gives the sense of an uninterrupted action. In the current usage, the verb sequence being conjugated in continuous aspect denotes an uninterrupted action in progress.  The final part of the conjugation is in subjunctive mode. See the same sentence in different tenses – होता जा रहा है, होता जा रहा था, होता जा रहा होगा and with habitual conjugation as in होता जाता है, होता जाता था, होता जाता होगा, and with perfective conjugation as in होता गया है, होता गया था, होता गया होगा.
3. आसमान छूते चीनी के दामों को जमीन पर लाने के लिए This is a present participial construction छूते हुए where हुए is left understood. The meaning is similar to English –ing forms.

Cultural Notes

1. Acronyms

 

Acronyms are usually based on English. See for example in this lesson – ईसीबी, जीडीपी, सीएम, सीसीपी, सीएम.
2. Recently coined words in Hindi

 

Some examples from this unit are वित्त वर्ष, आयात, उत्पाद, मंत्रालय, आधिकारिक, संसाधन, अधिकृत, उद्योग, योगदान, विनिर्माता, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, रणनीति, साझीदारी. There are hundreds of such new words in almost every discipline.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Compare a couple of news items in Hindi and English newspapers. Note any

difference in their treatment of the same topic.

2. To what extent is Hindi linguistically dependent on English for conveying its

Content? What are the reasons that one language becomes partially dependent on another language?

3. Translate into English a couple of paragraphs of a Hindi text and list challenges you have in doing so.
4. Can you make a list of ten words which can be easily conveyed in written Hindi but for which Hindi speakers are in the habit of using their English equivalents.
5. Prepare a power-point presentation about current news items in India’s domestic business.

Comprehension Questions

1. According to the text, what did the government do to stem rising prices in the domestic market?

a. cut down import of most commodities

b. cut down import of specific commodities

c. increase import of most commodities

d. increase import of specific commodities

2. What is Pfizer’s strategy for entering into the Indian market?

            a. to be the third largest investor in the pharmaceutical industry

b. to compete with major Indian pharmaceutical companies

c. to enter into a parternship with a pharmaceutical company

d. to introduce brand new products into the Indian market

c. Business Headlines – type C

Module 8.3

 

व्यावसायिक समाचार

Business News

 

 

 

राष्ट्रीय समाचार – 2

National News

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Understanding the distinctiveness of idiom and reporting style of Hindi media


Text

1.  नेताओं का टोल टैक्स भरेगी जनता

नेता जी को यह बात बहुत बुरी लगती थी कि कोई हाईवे पर उन्हें रोके और उनसे पैसा मांगे । लिहाजा उन्होंने सरकार से शिकायत की और सरकार ने उनकी सुन ली । अब नेताजी चौड़े होकर हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरेंगे । किसी की मजाल नहीं जो उनसे टोल टैक्स भरने को कहे, लेकिन इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ेगा जो इन्हें चुनकर संसद व विधानसभाओं में भेजती है । जी हाँ, नेताओं को टोल टैक्स से छूट देने के लिए सरकार ने जनता से ज्यादा टोल वसूलने का फैसला किया है । केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नई टोल टैक्स पालिसी में विधायकों, सांसदों और सरकारी अफसरों को पहले की तरह टोल टैक्स अदायगी से मुक्त कर दिया गया है । इसके बदले में हाईवे और एक्सप्रेसवे के आसपास बसे लोगों से ज्यादा टोल टैक्स वसूला जाएगा। इसकी खातिर उनकी रियायती पास सुविधा में कटौती कर दी गई है । अभी इन सड़कों पर यात्रा करने वाले स्थानीय लोगों को सामान्य से दो तिहाई शुल्क पर 50 यात्राओं की सुविधा है, लेकिन नई नीति में इनकी संख्या घटाकर 30 कर दी गई है यानी पूरी बीस यात्राओं की कटौती ।

2. कीमतें कम करने की कवायद शुरू

महंगाई की आंच से बुरी तरह झुलस रही केंद्र सरकार अब बढ़ती कीमतों को रोकने की कवायद शुरू कर रही है। इसके लिए सरकार ने एक पैकेज तैयार किया है जिसके तहत चीनी, गेहूं और दालों की कीमतों को नीचे लाने की कोशिश की जाएगी । खाद्य मंत्रालय के इस पैकेज पर अमल के बाद न सिर्फ बंदरगाहों पर अटकी पड़ी आयातित चीनी को खुले बाजार में बेचा जाएगा बल्कि आयातित दालों की मौजूदा टेंडर प्रक्रिया को भी बदलकर उसे खुले बाजार में डालने की कोशिश की जा रही है । सरकार आसान शर्तो पर खुले बाजार में भारी मात्रा में गेहूं की आपूर्ति बढ़ाना चाहती है ताकि इसकी बढ़ती कीमतों पर भी लगाम लगाई जा सके ।

खाद्य मंत्रालय के इस पैकेज पर बुधवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की मूल्य समिति पर विचार होगा । यह बैठक पहले मंगलवार को होनी थी, लेकिन इसे बुधवार तक के लिए टाल दिया गया है । दरअसल सरकार के कदमों में तेजी महंगाई के मुद्दे पर अचानक सियासत गरमाने की वजह से आई है । कृषि व खाद्य मंत्री शरद पवार सत्तारूढ़ कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं । हालांकि एनसीपी के नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा कि महंगाई के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल को सामूहिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए । खाद्य मंत्रालय ने जो प्रस्ताव तैयार किए हैं, उनमें खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति में आड़े आ रही कानूनी अड़चनें खास हैं ।

3.  आर्थिक तरक्की उम्मीद से भी बेहतर

उत्पाद क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई है। बढ़ते औद्योगिक उत्पाद और सरकारी मदद की बदौलत भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले एक साल की सबसे बेहतर वृद्धि दर दर्ज की है । जुलाई से सितंबर यानी वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ी।  ये दर अब तक घोषित 6.3 प्रतिशत सालाना वृद्धि के अनुमान से कहीं ज़्यादा है । ग़ौरतलब है कि ये वृद्धि दर पिछले चार दशकों के सबसे ख़राब मॉनसून और कमज़ोर कृषि क्षेत्र के बावजूद है । योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आनेवाले दिनों में भी हम उम्मीद से बेहतर सुधार देख सकते हैं” । मोंटेक सिंह अहलूवालिया का कहना था कि सरकार अब पहले की 6.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर के लक्ष्य को और ऊपर करेगी लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि वो लक्ष्य क्या होगा । माना जा रहा है कि इस तिमाही में इतने बेहतर प्रदर्शन की वजह है उत्पाद क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि और सामाजिक क्षेत्र में सरकार की ओर से किए जानेवाले खर्च में 12.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी । इस खर्च की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मंदी के प्रकोप से बची रही ।

4. एस.बी.आई. में हज़ारों नई नौकरियाँ

एस.बी.आई. भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है । भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक – स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि वह अगले वित्तीय वर्ष में 25 हज़ार से अधिक लोगों को विभिन्न स्तर पर नौकरियाँ देगा । एस.बी.आई. ने उम्मीद जताई है कि बैंक की विकास दर 25 प्रतिशत से अधिक रहेगी । मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में एस.बी.आई. के उपप्रबंध निदेशक अनूप बनर्जी ने ये जानकारी दी है । अनूप बनर्जी का कहना था, “इस साल हमारी योजना है कि 20 से 22 हज़ार लोगों को लिपिक के पद पर और लगभग 5500 लोगों को प्रोबेशनरी अफ़सर के स्तर पर नियुक्त किया जाए । अपने बैंक के विकास को आगे बढ़ाने के लिए हमें इन लोगों की ज़रूरत पड़ेगी. हमारा अनुमान है कि बैंक में जमा होने वाली पूँजी और दिए जाने वाले कर्ज़ में औसतन 25 प्रतिशत की वृद्धि होगी ।”  बनर्जी का कहना था कि जिन 5500 लोगों को प्रोबेशनरी अफ़सर के पद पर नियुक्त करने की योजना है, उनमें से दो हज़ार को ग्रामीण क्षेत्र के लिए नियुक्त किया जाएगा और वे अगले दस साल तक उस क्षेत्र में मार्कीटिंग का काम देंखेंगे । ग़ौरतलब है कि पिछले साल भी एस.बी.आई. ने 25 लोगों को नौकरियाँ दी थीं । अब बैंक की योजना है कि मध्य स्तर पर प्रबंधन में प्रबंधक के स्तर से लेकर सहायक महाप्रबंधक के स्तर तक, जहाँ जहाँ ज़रूरी हो, नियुक्तियाँ की जाएँ ।

5. सात की रफ्तार से दौड़ेगी अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने शनिवार को भरोसा जताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में सात फीसदी से यादा की वृद्धि दर दर्ज करेगी । लेकिन साथ ही उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक को बे लगाम ऋण के बारे में आगाह किया जिससे महंगाई दर बढ़ सकती है । आरबीआई के अमृत महोत्सव (75वीं वर्षगांठ) के मौके पर टिकट जारी करते हुए राष्ट्रपति ने केंद्रीय बैंक से महिलाओं और विशेष तौर पर गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को ऋण देने पर विचार करने को कहा जिस पर ब्याज दर चार फीसदी से ज़्यादा न हो । पाटिल ने आरबीआई को आगाह किया बेतरतीब तरीके से ऋण न दे । साथ ही उत्पादक क्षेत्रों को ऋण से वंचित न रखा जाए । दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक सस्ती दरों पर ऋण के जरिए अत्यधिक धन की आपूर्ति के कारण महंगाई दर बढ़ सकती है । थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति पहले ही सात फीसदी से अधिक है ।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

लिहाज़ा इसलिए, so, therefore
फर्राटा भरना run fast
खमियाजा भुगतना दुष्परिणाम झेलना, to suffer bad consequences
कवायद drill, exercise
बंदरगाह port, harbor
आपूर्ति supply
सामूहिक जिम्मेदारी collective responsibility
बदौलत के कारण, on account of
ग़ौरतलब worth considering, worth paying attention to
प्रकोप fury
लिपिक scribe, clerk
औसतन on an average
आगाह करना सूचित करना, to inform
बेतरतीब unsystematically
मुद्रास्फीति inflation

Structural Review

1. लेकिन इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ेगा जो इन्हें चुनकर संसद व विधानसभाओं में भेजती है Have a critical look at the verb agreement here. With which element of the sentence does it agree? Remember the rule – The verb in a Hindi sentence agrees with its subject or object whichever is without a postposition. If both the subject and the object are without a postposition then it agrees with the subject and if both are followed by a postposition, the verb stays in its neutral form (masculine singular). Do you see any performance error in the sentence on your left?
2. यह बैठक पहले मंगलवार को होनी थी

 

This is ‘have to’ construction as in ‘he has to go’ or ‘he had to go’, etc. The rule is as follows – if the subject is animate it takes the postposition को but if the subject is inanimate it does not take को. In this sentence, the verb agrees with the noun बैठक in gender and number.
3. Use of passives in Hindi

 

The use of passives is much more common in Hindi than in English. See several examples in this unit – मुक्त कर दिया गया है, टैक्स वसूला जाएगा, कोशिश की जाएगी, कोशिश की जा रही है, लगाम लगाई जा सके, टाल दिया गया है, वृद्धि आंकी गई है.

Cultural Notes

1. Indian Economy India’s economy was originally a mixed economy with state-ownership of many industrial sectors. In 1991, free market liberalization policies were launched and since then India’s growth rate has increased considerably. At present, India is the tenth largest economy in the world and the third largest by purchasing power parity adjusted exchange rates (PPP). India’s economy was originally a mixed economy with state-ownership of many industrial sectors. In 1991, free market liberalization policies were launched and since then India’s growth rate has increased considerably. India is the tenth largest economy in the world and the third largest by purchasing power parity adjusted exchange rates (PPP).

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Read any one news item in this unit and then paraphrase it orally in your own words.
2. Re-write any one news item from this unit and change as many words as possible without changing the essential meaning.
3. Elaborate on the concept of मुद्रास्फीति (meaning expansion of currency supply). Is there a causal relationship between currency supply and the higher cost of living?
4. What are basic pillars of a nation’s economy and what are their contributions? Let there be an interactive discussion with special reference to the Indian economy.
5. What is the connection between a nation’s domestic economy and the global economy? Present your views with special reference to India.

Comprehension Questions

1. Who is affected by the new toll policy?

a. political leaders

b. the general public

c. both

d. none

2.In this old news item for the second quarter in 2009, what was the growth rate for the Indian economy?

          a. 12.7%

b. 9.2%

c. 7.9%

d. 6.5%

d. Business Headlines – type D

Module 8.4

 

व्यावसायिक समाचार

Business News

 

 

 

राष्ट्रीय समाचार -3

National News

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Understanding the distinctiveness of idiom and reporting style of Hindi media


Text

1. स्वरोजगार के लिए महिलाओं को आसान लोन

   नई दिल्ली ।  महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन मुहैया कराने के मकसद से सरकार राष्ट्रीय महिला कोष को नया रूप देने जा रही है । इसके बाद महिलाओं को स्वरोजगार की नई-नई गतिविधियों मसलन, इंटरनेट कैफे, कोचिंग सेंटर आदि शुरू करने में आसानी होगी । महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इसे डेवलपमेंट बैंक का रूप देने के संबंध में एक प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा है । सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस दिशा में फैसला कर लिया जायेगा । विकास बैंक का स्वरूप दिये जाने के बाद राष्ट्रीय महिला कोष, नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) और सिडबी की तर्ज पर काम करेगा । जिन इलाकों में व्यावसायिक और सहकारी बैंकों की पहुंच नहीं है, वहां पर यह माइक्रो फाइनेंस की सुविधा मुहैया करायेगा ।

वित्त वर्ष 2009 -10 के बजट में केंद्र सरकार ने इसके लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि आबंटित की है । सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण मिशन में भी राष्ट्रीय महिला कोष को पुनर्गठित करने की बात कही गयी है । प्रमुख गतिविधियां जिनके लिए मिलेगा लोन – सरकारी राशन की दुकान, एसटीडी, पीसीओ-इंटरनेट कैफे, कोचिंग सेंटर, गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग, फूलों की खेती, केला, आम जैसे फलों के बगीचे किराए पर लेना, डेयरी, बकरीभेड़बतख पालन, प्रोविजनल स्टोर, खाद, कीटनाशक की दुकान आदि ।

 2. महिला स्वयं समूहों को सस्ता कर्ज मिले

नई दिल्ली । राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने शनिवार को भारतीय रिजर्व बैंक से कहा कि वह महिलाओं और विशेष तौर पर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को ऋण देने के लिए तंत्र विकसित करे । इस तरह की मदद पर ब्याज दर चार फीसदी सालाना से अधिक न हो ।

    भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसे इस मसले का परीक्षण करना होगा । राष्ट्रपति ने केंद्रीय बैंक से ब्याज दर की सीमा भी तय करने के बारे में कहा । यह पूछने पर कि क्या केंद्रीय बैंक ऐसा करेगा आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि इस मामले पर विचार करना होगा ।

    आरबीआई के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने कहा कि आरबीआई स्वयं सहायता समूह को ऋण नहीं देता है बल्कि बैंक ऋण देते हैं इसलिए बैंक इस बारे में फैसला ले सकते हैं । यदि बैंकों को चार फीसदी के ब्याज पर ऋण देना व्यावहारिक लगता है तो वे देंगे अन्यथा नहीं देंगे । उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था हो सकती है कि एक समूह रियायती दर पर ऋण प्राप्त करे लेकिन यह आम प्रणाली नहीं बन सकती । उन्होंने कहा कि गरीब ऋण की आपूर्ति के बारे में ज़्यादा चिंतित हैं ।

3. सात की रफ्तार से दौड़ेगी अर्थव्यवस्था

   राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने शनिवार को भरोसा जताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में सात फीसदी से ज़्यादा की वृद्धि दर दर्ज करेगी । लेकिन साथ ही उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक को बेलगाम ऋण के बारे में आगाह किया जिससे महंगाई दर बढ़ सकती है ।

  आरबीआई के अमृत महोत्सव (75वीं वर्षगांठ) के मौके पर टिकट जारी करते हुए राष्ट्रपति ने केंद्रीय बैंक से महिलाओं और विशेष तौर पर गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को ऋण देने पर विचार करने को कहा ।

  पाटिल ने आरबीआई को आगाह किया बेतरतीब तरीके से ऋण न दें । साथ ही उत्पादक क्षेत्रों को ऋण से वंचित न रखा जाए । दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक सस्ती दरों पर ऋण के जरिए अत्यधिक धन की आपूर्ति के कारण महंगाई दर बढ़ सकती है । थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति पहले ही सात फीसदी से अधिक है ।

  पाटिल ने कहा कि इस संकट से जो एक सीख ली जा सकती है वह यह है कि बेलगाम ऋण नहीं दिया जाना चाहिए । भारतीय रिजर्व बैंक को यह जरूर सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंकों के पास जोखिम प्रबंधन के लिए पर्याप्त दिशानिर्देश हों ।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

मकसद m उद्देश्य m, उद्दिष्ट m, objective
गतिविधि f activity
मसलन उदाहरणार्थ, for example
तर्ज़ f tune, ways of doing something or method (figurative)
सशक्तीकरण m empowerment
तंत्र m system, mechanism
मसला m समस्या f,problem
अर्थव्यवस्था f economy
जोखिम प्रबंधन m risk management
दिशानिर्देश m direction

Structural Review

1. स्वरोगार, र्ज, र्ज, रिर्व, रूर, फीसदी, फैसला, फ्ता This note is about two pairs of variants / and / . The latter variant in each pair is pronounced like /z/ and /f/ in English and is considered more urban and more elegant. These two sounds occur only in borrowed words in Hindi. They were introduced in Hindi through Perso-Arabic contact and subsequently reinforced by English. In order to know where these sounds are appropriate, it is important to know the origin of the words in which they occur. We also see many Hindi speakers hyper-correcting these as and , even when the original sounds were and.
2. ऋण देने पर विचार करने को कहा ।

 

 

Here करना is a verbal noun, meaning a noun derived from a verb. English also has verbal nouns, known as gerunds in English grammar, e.g. Swimming is a good exercise, where swimming functions like a noun.
3. Use of Urdu words in Hindi

 

 

The lexical borderline between Hindi and Urdu is thin. There are many Urdu words that are fully assimilated in Hindi (e.g., किताब, ख़ानदान, ग़लत, ज़बान) while there are others which are not part of the active vocabulary of most Hindi speakers and are not likely to be found in Hindi dictionaries. Examples from this unit are  मुहैया कराना, गौरतलब, बेलगाम, बेतरतीब, आगाह करना.
4. Use of hyphen in Hindi writings

 

Use of the hyphen is unregulated in Hindi. Many people use a hyphen to connect words that are semantically connected in a compound word. See examples in the text above.

Cultural Notes

1. Women

 

Women are considered one of the historically disadvantaged groups. Such disadvantaged groups are determined along lines of race, ethnic group, poverty, or sex and are to be found in most societies, although caste is an additional factor in India. Such groups have been denied access to economic opportunities in the past. Some members of dominant groups in different societies perceive such steps of their government as reverse discrimination.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. There are multiple micro-financing organizations in India, which provide loans to weaker sections of the society. Their rate of interest, however, is usually very high. Do some research to find out the rationale for such a high rate of interest.
2. What is it that the United States is doing to uplift its weaker citizens from poverty? What can the two nations (the United States and India) learn from each other?
3. Collect information about one micro-financing company in India and make a detailed presentation about it.
4. Read the article by “Rebuilding a Stronger Microfinance Sector in India” published in Knowledge@Wharton. The article can be found at https://knowledge.wharton.upenn.edu/article/vijay-mahajan-rebuilding-a-stronger-microfinance-sector-in-india/ Summarize its major points and present your own critique of it.
5. What is the procedure that lending agencies in India follow to determine their borrower’s creditworthiness?

Comprehension Questions

1. According to the text, at which stage do you find the National Women’s Fund?

a. proposal writing

b. proposal submission

c. implementation

d. functioning

2. What was President Patil’s central point in her speech?

a. Providing low interest loans to poor people is important.

b. The production sector should be encouraged with loans.

c. Unlimited loans at low interest rates can hurt the economy.

d. The Reserve Bank should have guidelines for risk management.

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