Module 9

Module Nine – Business Statistics

व्यावसायिक आंकड़े

Business Statistics

a. Some commodity prices (for numbers)

Module 9.1

 

व्यावसायिक आंकड़े

Business Statistics

 

 

कुछ वस्तुओं के मूल्य

Prices of Some commodities

     

Text Level

Advanced

Modes

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Understanding Indian system of numbers to use them accurately


Text

नितीन किरीट पारिख कमेटी रिपोर्ट की स्याही अभी सूखी नहीं है, लेकिन तेल सब्सिडी और महंगाई दर पर सरकार की उलझन खुलकर सामने आ गई है । अगर सरकार तेल की कीमतें बढ़ाती है तो महंगाई दर के और बढ़ने का खतरा पैदा हो जाएगा । सरकार पहले से ही इस मोर्चे पर बेहाल नजर आ रही है । जब भारत खुद को दुनिया के रिफाइनिंग हब की चौखट पर खड़ा था तो वैश्विक मंदी ने उसके ख्वाबों पर करारी चोट की ।

साल 2009 में वैश्विक तेल मांग में 2 एमएमबीडी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि 3.3 एमएमबीडी की नई क्षमता ने दुनिया भर में अतिरिक्त क्षमता को 11.7 एमएमबीडी पर पहुंचा दिया । रिफाइनिंग मार्जिन साल 2007 में 7.6 डॉलर प्रति बैरल से 60 फीसदी लुढ़ककर 2009 में 3 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया । वैश्विक स्तर पर मंदी ने 3 एमएमबीडी रिफाइनिंग क्षमता को बंद होने की कगार तक पहुंचा दिया है ।

    आगे की ओर देखें तो अगले पांच साल में 7 एमएमबीडी रिफाइनिंग क्षमता जुड़ेगी, जबकि इंक्रीमेंटल मांग 6.4 एमएमबीडी से आगे बड़ी मुश्किल से पहुंचेगी । रिफाइनिंग मार्जिन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में बेहतर रिफाइनरियां ही मैदान में डटी रह पाएंगी । अपनी तेल से जुड़ी मांग का 70 फीसदी हिस्सा अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर आयात करने के लिए मजबूर देश (2,70,000 करोड़ रुपए का सालाना प्राइस टैग) तेल की उठापटक करती कीमतों से निपटने के लिए भारत की रणनीति जैसे उदाहरण दुनिया के ज्यादा हिस्सों में नहीं दिखते ।

    भारत के अलावा, केवल बांग्लादेश और श्रीलंका ने ही सब्सिडी का बोझ अपनी सरकारी तेल कंपनियों पर डालकर अस्थिरता का सामना करने का तरीका अपनाया । और ऐसा साल के अंत में एकाउंटिंग और वित्तीय प्रबंधन के अंश के तौर पर किया जाता है । अंत में जाकर कितना फंड सही रहेगा, यह निश्चित नहीं होता, इस वजह से सरकारी तेल कंपनियां को नए इंफ्रास्ट्रक्चर या उपकरणों के आधुनिकीकरण तथा अपग्रेड में आवश्यक निवेश की योजना बनाते वक्त काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।

     एक एक्सपर्ट ग्रुप के मुताबिक, अगर कच्चे तेल के दाम 80 डॉलर प्रति बैरल रहते हैं, तो भी अकेले डीजल के लिए सब्सिडी बिल 2020 तक 71,000 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगी । लेकिन अगर क्रूड 150 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू गया तो यह बिल बढ़कर 3,38,000 करोड़ रुपए का स्तर छू जाएगा । डीजल उपभोग का केवल 12 फीसदी हिस्सा लेने वाला कृषि क्षेत्र काफी हद तक मूल्य बढ़ाने की वजह से बचा हुआ है । जहां तक ट्रांसपोर्ट सेक्टर का सवाल है, उत्पादों की कुल कीमत में ईंधन का खर्च केवल 1.5 फीसदी है, ऐसे में डीजल के दामों में इजाफा इस पर काफी कम असर डालेगा ।

2.निर्यात में सरकारी राहत

 (जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली)

निर्यात में पिछड़ रहे क्षेत्रों को मदद देने के लिए सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बचे हुए हिस्से में 500 करोड़ रुपये की और राहत देने का ऐलान किया है । इसके तहत रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों के करीब 2 हजार उत्पादों को निर्यात में रियायत देने का फैसला किया गया है । विदेश व्यापार नीति में नए देशों में निर्यात को प्रोत्साहित करने वाली सूची में चीन और जापान को भी जोड़ दिया गया है ।

 केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने मंगलवार को इस पैकेज का ऐलान करते हुए कहा कि काटन से बने कपड़ों, हैंडीक्राफ्ट और इंजीनियरिंग क्षेत्रों को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है । चालू वित्त वर्ष 2009 -10 में इन क्षेत्रों का प्रदर्शन निर्यात के मोर्चे पर अच्छा नहीं रहा है । इन क्षेत्रों के उत्पादों को फोकस प्रोडक्ट स्कीम में शामिल किया गया है । यह स्कीम पिछले साल विदेश व्यापार नीति में घोषित की गई थी । शर्मा ने कहा कि इन प्रोत्साहनों से निर्यात को और बढ़ावा मिलेगा । साथ ही उन क्षेत्रों को भी लाभ होगा, जहां निर्यात में गिरावट निरंतर जारी है । यह पैकेज पहली जनवरी से प्रभावी माना जाएगा ।

 पिछले 13 महीने में नकारात्मक दायरे में रहने के बाद निर्यात ने कुछ बड़े देशों में मांग बढ़ने से नवंबर व दिसंबर माह में बढ़त दिखाई है । निर्यातकों के लिए इस प्रोत्साहन का एलान ऐसे समय किया गया है, जब वित्त मंत्रालय ने नए प्रोत्साहन की संभावना के खिलाफ राय दी है । वित्त मंत्रालय आगामी बजट में राजकोषीय घाटा नियंत्रित करने पर ध्यान दे रहा है । पैकेज के तहत हैंडलूम समेत 113 उत्पादों को फोकस प्रोडक्ट स्कीम में जोड़ा गया है । इन्हें ड्यूटी में कुल आयातित कीमत के 5 प्रतिशत के बराबर रियायत दी जाएगी । इसके अलावा काटन से बने कपड़े और मशीनरी समेत 1837 उत्पादों को मार्केट लिंक्ड फोकस प्रोडक्ट स्कीम में शामिल किया गया है । इन्हें ड्यूटी पर एफओबी कीमत के 2 प्रतिशत के बराबर छूट मिलेगी ।

 इस प्रोत्साहन पर आने वाले खर्च की पूर्ति वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के आंतरिक बजट से की जाएगी । इसका मकसद निर्यात में शुरू हुई वृद्धि की गति को निरंतरता प्रदान करना है । प्रोत्साहन पैकेज के तहत शुल्क-मुक्त आयात का अधिकार वाहन उपकरणों (आटो कंपोनेंट), इलेक्ट्रानिक्स, प्लास्टिक्स, मशीनरी और रसायन समेत अन्य उत्पादों को उपलब्ध कराया जाएगा । साथ ही जापान तथा चीन को भी मार्केट लिंक्ड फोकस प्रोडक्ट स्कीम के देशों की सूची में शामिल कर लिया गया

Glossary

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मोर्चा m battle front
बेहाल out of shape
चौखट f threshold
वैश्विक मंदी f global depression
कगार m edge, verge
उठापटक f ups and downs
वित्तीय प्रबंधन m financial management
आधुनिकीकरण m modernization
उपभोग m consumption
कृषि क्षेत्र m agriculture field
इजाफा m increase, enhancement
महत्वपूर्ण संसाधन m important resource(s)
प्रोत्साहन m encouragement
नकारात्मक दायरा m negative circle
राजकोषीय घाटा m exchequer deficit
मैदान में डटे रहना to stay steadfast in a situation

Structural Review

1. खतरा पैदा हो जाएगा पैदा होना/पैदा हो जाना – This is a pseudo verb and हो जाना is a compound verb where the second member जाना adds the connotation of ‘change of state’.
2. वैश्विक मंदी ने उसके ख्वाबों पर करारी चोट की The verb की is the perfective feminine (किया masc.)  form of the verb करना and is transitive (because it is capable of admitting an object). The fulfillment of these two prerequisites triggers ने after the subject मंदी.
3. दर्ज की गई

 

 

This is a passive form of the verb. The main verb करना is in the perfective feminine form and the passive marker जाना is conjugated in past tense here.
4. ज्यादा हिस्सों में नहीं दिखते

 

The word दिखना (to be seen) is intransitive as it cannot take an object. Three words देखना, दिखाना, दिखवाना are morphologically related to दिखना. देखना is a transitive verb (हमने उसे वहां देखा था) where उसे is the object. दिखाना is also a transitive verb but takes two objects – one direct object and another indirect object (आपने उसे अपना घर दिखाया) where उसे is the indirect object and घर is the direct object. दिखवाना is also transitive and takes two objects – one direct object and another indirect object – but the act of showing is caused by a third person (आपने नौकर से उसे अपना घर दिखवाया).

Cultural Notes

1. Numbers

 

For large numbers , India and other South Asian countries use a different number system. Thus national budgets are publicized using lakhs and crores, even in English writing.

 

1,00,000  एक लाख

1,00,00,000 एक करोड़

1, 00,00,00,000 एक अरब

and it goes to खरब, नील, पद्म, शंख (the last three are uncommon)

Since both Indian and American number systems are used in India, it is important to be able to relate to them. So, एक लाख is a hundred thousand, दस लाख would make one million, and एक करोड़ would be ten millions. In India, rich people are known as लखपति or करोड़पति, not millionaires.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. Say the following first in Hindi numbers and then in the American number system.

1000000, 5678034, 918.3, 747 3/4

2. How will you the say the following in the American number system?

270 हज़ार करोड़, 71 हज़ार करोड़, 338 हज़ार करोड़, 500 करोड़

3. What is the history of a British billion? Is it different from the American billion? How many zeros other non-English speaking countries in Europe have in a billion?
4. Compare the two numbering systems – the Hindi system and the English system.
5. What are the Hindi words for the following:

decimal, percent, zero, 1½, 2½, 3½

Comprehension Questions

1. What is the worst oil-related implication for India?

a. An increase in oil prices will cause price rise everywhere.

b. Reduced refining margins will affect investment in refineries.

c. Increased oil prices will affect the agriculture sector badly.

d. Increased oil pricew will affect the transportation sector badly.

2. What is the central objective of the abatement in export taxes?

a. helping certain regions

b. promoting certain products

c. to maintain the increase in exports

d. all of the above

b. Stock Market news with some statistics

Module 9.2

 

व्यावसायिक आँकड़े

Business Statistics

 

 

 

व्यावसायिक समाचारों में अंग्रेज़ी अंक

Business news with

English numbers

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Sub-vocalizing Indian system of numbering in written texts


Text

सोने और चांदी में गिरावट का दौर 

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने के कारण सोने के दाम में इस सप्ताह भी तेज गिरावट जारी रहने के बीच स्थानीय सर्राफा बाजार में सोना 280 रुपए प्रति दस ग्राम गिर गया जबकि चांदी में 1450 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई । हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के वित्तीय संस्थानों के लिए कड़े नियम संबंधी बयान पर बाद में नरम रुख अपनाने से व डॉलर के ढीले पड़ने से सोने के अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्ताह के दौरान मजबूती भी देखने को मिली लेकिन बाद में डॉलर के तेजी पकड़ने से सोना लु़ढ़क गया ।

सोने के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दौरान पिछले दो सप्ताह के दौरान चार प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है । विश्व बाजार में पिछले दिनों सोना एक माह के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था लेकिन इस बीच ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई कि शुक्रवार को यह पांच माह के निम्न स्तर पर पहुंच गया । विश्लेषकों का कहना है कि सोना फ़िलहाल डॉलर की कीमतों के साथ ही आगे पीछे होता रहेगा । आलोच्य सप्ताह में वित्त मामलों में जोखिम कम करने के बारे में ओबामा के बयान से डॉलर छह माह के निम्न स्तर पर पहुंचा लेकिन बाद में स्थिति सुधरी और यूरो के मुकाबले यह पांच माह के उच्चतम स्तर पर भी पहुंच गया ।

 अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्ताह के प्रांरभ में सोना 1100 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया जो सप्ताहांत में करीब 20 डॉलर प्रति औंस की गिरावट के साथ 1079.05 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ । इस दौरान चांदी का कारोबार भी ढीला रहा और सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस के 17.04 डॉलर प्रति औंस से सप्ताहांत में 0.84 डॉलर की गिरावट के साथ 16.20 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया । अंतरराष्ट्रीय बाजार में 11 जनवरी को सोना पांच सप्ताह के उच्च स्तर पर था । पिछले सवा माह के दौरान सोने के दाम में पिछले सप्ताह तक 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि इस माह इसमें दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है । बीते सप्ताह स्थानीय सर्राफा बाजार में वैश्विक स्तर पर आई गिरावट का पूरा असर देखने को मिला ।

सप्ताह के प्रारंभ में सोमवार को सोने के दाम पहले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिवस की तुलना में 150 रुपए की तेजी के साथ 16800 रुपए प्रति दस ग्राम पर बोला गया । लेकिन गुरुवार को वैश्विक स्तर पर आई तेज गिरावट के साथ ही स्थानीय बाजार में भारी मंदी छा गई और सोना 190 रुपए प्रति दस ग्राम मंदा हो गया । अगले कारोबारी दिवस में यह फिर और ढीला पड़ गया जबकि शनिवार को सोने के भाव पहले कारोबारी दिवस पर ही बने रहे ।

कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने में गिरावट का असर दिल्ली सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला और यहां सोने के दाम में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई । सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिवस को सोना 280 रुपए मंदा होकर 16540 रुपए प्रति दस ग्राम पर बोला गया जबकि बिठुर 16480 रुपए पर रहा । आलोच्य सप्ताह के दौरान चांदी के कारोबार में तेजी रही ।

   सप्ताह की शुरुआत में चांदी पहले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिवस की तुलना में 100 रुपए प्रति किलो की तेजी के साथ बोली गई और यही तेजी बुधवार को भी देखने को मिली । लेकिन गुरुवार को चांदी के कारोबार में भारी गिरावट आई और इसके दाम 800 रुपए ढह गए शुक्रवार को फिर इसमें 700 रुपए की गिरावट आ गई। शनिवार को इसमें मामूली तेज़ी रही । सप्ताह के आखिर कारोबारी दिन तक चांदी में 1450 रुपए की भारी गिरावट दर्ज की गई । चांदी के वायदा कारोबार में आलोच्य सप्ताह में जबर्दस्त गिरावट देखने को मिली और यह 1253 रुपए तक लुढ़क गया

Glossary

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स्थानीय local
दर्ज करना to register
वित्तीय संस्थान m financial institution
विश्लेषक m/f analyst
लु़ढ़क जाना to tumble, drop
आलोच्य सप्ताह m critiqued week
जोखिम f danger, risk
कारोबारी  f/m business activity, businessman
सप्ताहांत m weekend
गिरावट f fall, drop
तुलना f comparison
सर्राफा बाज़ार m bullion market

Structural Review

1. गिरावट आ चुकी है चुकना is a modal verb which comes after a verb-stem and implies an already completed action.
2. सप्ताहांत This is is a new coinage in Hindi to match the English word ‘weekend’.
3. विश्लेषकों का कहना है

 

Here कहना is a verbal noun (an infinitive form of a verb that functions like a masculine noun). English also has this grammatical phenomenon (example – Swimming is a good exercise). Here, the word ‘swimming’,  functions like a noun. In English grammar, a verbal noun is also called gerund.

Cultural Notes

1. Gold and Silver in Indian society India is the world’s largest market for gold jewelry. Gold and silver play an important role in the financial security of Indian women, especially for women who aren’t employed and in earlier times when daughters weren’t considered legal heirs. For many of these women, gold is her only protection when faced with financial crisis. Hence, the practice of giving an Indian bride gold jewelry, considered स्त्रीधन or ‘property of the woman’ has been a long tradition in India. Gold and silver is generally accumulated over generations in a family. of gold and silver accumulates over generations.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. What are the reasons of fluctuations in the price of silver and gold?
2. What are the reasons of fluctuations in the currency exchange rate?
3. What is GDP per capita? How would you explain it?
4. What is the difference between GDP and GNP?
5. A national economy consists of three strands – production, distribution, and consumption of goods. Provide an overview of India’s economy along these three strands.

Comprehension Questions

1. What’s the major reason for fluctuations in gold prices?

a. American dollar

b. Europe’s Euro

c. fluctuating demand

d. All of the above

2. Based on the information in the text, what’s the major reason for fluctuation in silver prices?

a. fluctuations in gold prices

b. value of international currencies

c. local demand for silver

d. none of the above

c. Some other business news with Hindi numbers

Module 9.3

 

व्यावसायिक आँकड़े

Business Statistics

 

 

व्यावसायिक समाचारों में अंग्रेज़ी अंक

Business News with Roman Numerals

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Sub-vocalizing Indian system of numbering in written texts


Text

रेल बजट में पीपीपी पर रहेगा जोर

रेल मंत्रालय में लंबित परियोजनाओं का अंबार और इस पर अमल के लिए बेहद कम राशि की उपलब्धता को देखते हुए वर्ष 2010-11 के रेल बजट में सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) की परियोजनाओं पर कुछ ज्यादा ही जोर रहने की उम्मीद है । दशकों से लंबित रेल परियोजनाओं का इस समय इतना अंबार लग गया है कि यदि उसे एकबारगी पूरा किया जाए तो डेढ़ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि की दरकार होगी ।
सूत्रों के मुताबिक इस बजट में भी 30 से ज्यादा महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा हो सकती है । यह बात अलग है कि इनमें से अधिकतर परियोजनाएँ  पश्चिम बंगाल पर ही केंद्रित होंगी । हालांकि ये परियोजनाएँ  रेलवे को अपने संसाधनों से ही पूरा करना होगा क्योंकि वित्त मंत्रालय ने इसके लिए राशि उपलब्ध कराने से मना कर दिया है ।

         सूत्रों का कहना है कि रेलवे इन परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र का दामन थाम सकती है । जाहिर है कि फार्मूला पीपीपी का ही होगा । जहां तक रेलवे की लंबित परियेाजनाओं का सवाल है तो 31 मार्च 2009 तक सिर्फ नई लाइनों, आमान परिवर्तन और दोहरीकरण की ही 286 परियोजनाएँ  लंबित थीं ।
इन्हें पूरा करने में 79662 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी । यदि इसमें 42000 करोड़ रुपये की दोनों समर्पित मालवाही गलियारों  को भी शामिल कर दें तो इसी मद में 121462 करोड़ रुपये हो गए । इसके साथ ही नए कारखानों, उत्पादन इकाइयों, स्टेशन बिल्डिंग, यार्ड कॉम्प्लेक्स, नए भवन आदि की भी परियोजनाओं को शामिल करें तो लंबित परियोजनाओं की लागत डेढ़ लाख करोड़ रुपये से ऊपर चली जाएगी ।

          रेलवे के पिछले दो वर्षों  की प्रवृत्ति पर नजर डाली जाए तो हर वर्ष औसत 9000 करोड़ रुपये ही नई लाइनों के दोहरीकरण अैर आमान परियोजनाओं के लिए उपलब्ध हो पाए हैं । 

http://www.24dunia.com/hindi-news/shownews//4

Glossary

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लंबित pending
परियोजना project
अंबार pile
उपलब्धता availability
निजी private
दशक decade
एकबारगी at one and the same time only, once all together
दामन थामना to get support
मालवाही गलियारा streets for carrying goods
मद item
प्रवृत्ति attitude
दोहरीकरण doubling
आमान gauge

Structural Review

1. बेहद कम राशि की उपलब्धता को देखते हुए देखते हुए is an adverbial form of present participial construction. Present participles can be either adjectival or adverbial. As adjectives, the forms change according to gender and number as in देखता हुआ/देखते हुए/देखती हुई but as adverbs, there is one invariant form देखते हुए in all contexts.
2. अंबार लगना

उपलब्ध कराना

दामन थामना

Collocations (co-occurrences) provide naturalness to the language use. Natural collocations are fairly large in every language and are best acquired through extensive reading in the target language.
3. परियोजना

 

 

परि + योजना

The prefix परि implies the meaning of all-encompassing. Thus परियोजना is a perfect match for the English word ‘project’.

Cultural Notes

1.  

PPP

 

The acronym PPP here stands for Public Private Partnership, which is a cell within the Railway Board of Government of India.  PPP Cell works as an expert advisory and internal consultancy group for all matters involving public private partnership.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. There are three numeration systems; Roman, Arabic (also known as Hindu-Arabic), and Hindi numerals (also called Devanagari numerals). Why did the Constitution of India choose the Arabic numeration system over the Hindi numerals? Give your ideas?
2. Convert the following into Arabic numerals –

३४, ६८७, ९२१, ४७५, १९१४

3. Convert the following into Hindi numerals –

2012, 1947, 2084, 5678, 9013

Comprehension Questions

1. What is the major reason considered for including private partnership?

a. the need for capital

b. philosophy

c. both of the above

d. neither of the above

2. What is the cost for all the short and long term projects of Indian railways?

a. 42000 crore INR

b. 79662 crore INR

c. 121462 crore INR

d. None of the above

d. Some other business news with English numbers

Module 9.4

 

व्यावसायिक आँकड़े

Business Statistics

 

 

 

व्यावसायिक समाचारों में अंग्रेज़ी अंक

Business news items with

English numbers

 

Text Level

Advanced

Mode

Interpretive

 

What will students know and be able to do at the end of this lesson?

Sub-vocalizing Indian system of numbering in written texts


Text

 खाने-पीने के चीजों की महँगाई दर घट कर 16.22%

खाने-पीने के चीजों की महँगाई दर में मामूली गिरावट आयी है । खाने-पीने के चीजों की महँगाई दर (फूड इन्फ्लेशन) 16.22% रही है । ये आँकड़े 13 मार्च 2010 को खत्म हुए हफ्ते के लिए हैं । इससे पिछले हफ्ते में खाने-पीने की महँगाई दर 16.30% थी ।

इसके बावजूद अभी भी खाने-पीने की प्राथमिक चीजों की कीमतें बढ़ी हुई हैं। इस हफ्ते के दौरान मूंग, उड़द के थोक मूल्यों में 4% से 5%, सब्जियों के दाम 2.6% और कॉफी के दाम 2% बढ़ गये। वहीं इस दौरान मसूर के दाम 4% और अंडा, बाजरा, मक्का और मसालों के दाम प्रत्येक 1% तक सस्ते हो गये।
       13 मार्च को खत्म हफ्ते में आवश्यक (प्राइमरी) वस्तुओं की महँगाई दर 13.88% रही। पिछले हफ्ते यह दर 14.16 थी।

उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े

कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक उतार-चढ़ाव के बाद हल्की बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहे । हेल्थकेयर और तेल-गैस क्षेत्र के शेयरों में आज अच्छी खरीदारी हुई । बीएसई सेंसेक्स 40 अंक यानी 0.23% की बढ़त के साथ 17,451 पर रहा । निफ्टी 20 अंक यानी 0.39% की तेजी के साथ 5,225 पर बंद हुआ । एनएसई के मँझोले सूचकांक सीएनएक्स मिडकैप में 0.61% की मजबूती रही । बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.21% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.30% की बढ़त रही ।

वैश्विक शेयर बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों के मद्देनजर आज सुबह भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले । बाजार खुलते ही सेंसेक्स 17,530 और निफ्टी 5,244 तक चढ़ गये । फिर धीरे-धीरे दोनों सूचकांकों की बढ़त में कमी आयी । दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर चले गये । सेंसेक्स 17,356 और निफ्टी 5,193 तक फिसल गये । हालाँकि यह गिरावट काफी देर तक टिकी न रह सकी । दोनों सूचकांक फिर से हरे निशान पर आ गये । आखिरकार निफ्टी 5,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा ।

क्षेत्रों के लिहाज से बीएसई के रियल्टी, ऑटो, पीएसयू और टीईसीके सूचकांक को छोड़कर अन्य सभी सूचकांकों में तेजी रही । सबसे ज्यादा बढ़त हेल्थकेयर सूचकांक में रही । यह सूचकांक 1.5% ऊपर चढ़ा । तेल-गैस सूचकांक को 1.13%, पावर सूचकांक को 0.88% और धातु सूचकांक को 0.83% का फायदा हुआ । बैंकिंग सूचकांक में 0.32%, आईटी सूचकांक में 0.31%, कैपिटल गुड्स सूचकांक में 0.29%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक में 0.15% और एफएमसीजी सूचकांक में 0.08% की हल्की तेजी रही । दूसरी ओर रियल्टी सूचकांक को 0.71%, ऑटो सूचकांक को 0.52%, पीएसयू सूचकांक को 0.28% और टीईसीके सूचकांक को 0.25% का घाटा सहना पड़ा ।

सेंसेक्स के 14 शेयरों को आज फायदा हुआ जबकि 15 शेयरों को नुकसान उठाना पड़ा । हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सपाट बंद हुआ । एचडीएफसी बैंक को 2.5%, टाटा पावर को 1.45%, रिलायंस इंडस्ट्रीज को 1.4% और टाटा स्टील को 1.2% का लाभ हुआ । एनटीपीसी में 0.84%, ओएनजीसी में 0.82%, बीएचईएल में 0.80%, रिलायंस इन्फ्रा में 0.75%, जयप्रकाश एसोसिएट्स में 0.68% और इन्फोसिस में 0.67% की तेजी रही । हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, टीसीएस और एसबीआई के शेयर ने भी हल्की बढ़त दर्ज की । दूसरी ओर भारती एयरटेल को 3%, टाटा मोटर्स को 2.8% और डीएलएफ को 2% का घाटा सहना पड़ा । ग्रासिम इडंस्ट्रीज, एसीसी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 1% से अधिक की गिरावट रही । विप्रो, सन फार्मा, हीरो होंडा, लार्सन एंड टुब्रो, मारुति सुजुकी, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एचडीएफसी, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में मामूली कमजोरी रही ।

 

सेंसेक्स 108 अंक चढ़ा, निफ्टी 35 अंक ऊपर

भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के अंतिम घंटे में आयी तेजी की वजह से प्रमुख सूचकांक बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहे । हालाँकि आज मार्च वायदा सीरिज की एक्सपायरी होने की वजह बाजार में एक सीमित दायरे में दबाव दिखायी दिया । कैपिटल गुड्स और हेल्थकेयर क्षेत्र के शेयरों में आज अच्छी खरीदारी रही ।
बीएसई सेंसेक्स 108 अंक यानी 0.62% की बढ़त के साथ 17,559 पर रहा । निफ्टी 35 अंक यानी 0.67% की मजबूती के साथ 5,260 पर बंद हुआ । एनएसई के मँझोले सूचकांक सीएनएक्स मिडकैप में 0.11% की मजबूती रही । बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.12% की बढ़त रही, जबकि बीएसई स्मॉलकैप में 0.21% की कमजोरी आयी ।

वैश्विक शेयर बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के मद्देनजर आज सुबह भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों की शुरुआत लाल निशान पर हुई । कारोबार के दूसरे घंटे के अंत में सेंसेक्स 17,383 और निफ्टी 5,203 तक फिसल गये । खाने-पीने के चीजों की महँगाई दर में कमी आने की खबर का बाजार पर असर नहीं दिखा । 13 मार्च 2010 को खत्म हुए हफ्ते में खाने-पीने की चीजों की महँगाई दर (फूड इन्फ्लेशन) में 16.22% की रही है । दोपहर के समय बाजार में एक सीमित दायरे में कारोबार होता रहा । लेकिन कारोबार के अंतिम घंटे में अचानक बाजार के प्रमुख सूचकांकों में तेजी आ गयी । सेंसेक्स 17,575 और निफ्टी 5,267 तक चढ़ गये।

क्षेत्रों के लिहाज से बीएसई के पीएसयू, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और तेल-गैस सूचकांक को छो़ड़कर अन्य सभी सूचकांकों में मजबूती रही । सबसे ज्यादा तेजी कैपिटल गुड्स सूचकांक में रही । यह सूचकांक 1.09% ऊपर चढ़ा । हेल्थकेयर सूचकांक को 0.94%, बैंकिंग सूचकांक को 0.90%, टीईसीके सूचकांक को 0.84%, रियल्टी सूचकांक को 0.80%, एफएमसीजी सूचकांक को 0.75% और आईटी सूचकांक को 0.74% का फायदा हुआ । धातु सूचकांक में 0.66%, ऑटो सूचकांक में 0.46% और पावर सूचकांक में 0.22% की तेजी रही । दूसरी ओर, पीएसयू सूचकांक को 0.82%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक को 0.25% और तेल-गैस सूचकांक को 0.12% का घाटा सहना पड़ा ।

सेंसेक्स के 18 शेयरों का आज लाभ हुआ, जबकि 12 शेयरों को नुकसान उठाना पड़ा । हीरो होंडा को 4.4%, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को 3.8%, सन फार्मा को 2.8%, भारती एयरटेल को 2.3% और एचडीएफसी बैंक को 2.2% का फायदा हुआ । जयप्रकाश एसोसिएट्स में 1.9%, लार्सन एंड टुब्रो में 1.8%, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.7%, डीएलएफ में 1.3%, आईटीसी में 1.2

%, इन्फोसिस में 1% और बीएचईएल में 1% की तेजी रही । स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई और टीसीएस के शेयर में भी हल्की मजबूती आयी ।  दूसरी ओर एसीसी को 2.4%, टाटा मोटर्स को 1.9%, मारुति सुजुकी को 1.5%, एचडीएफसी को 1.3% और एनटीपीसी को 1% का घाटा सहना पड़ा । ओएनजीसी में 0.80%, रिलायंस कम्युनिकेशंस में 0.73% और टाटा पावर में 0.43% की कमजोरी आयी । टाटा स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, विप्रो और रिलायंस इन्फ्रा के शेयर में भी हल्की गिरावट दर्ज की गयी ।

Glossary

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

प्राथमिक primary, basic
सूचकांक m index
सकारात्मक संकेत m positive indicator(s)
नकारात्मक संकेत m negative indicator(s)
मद्देनजर in view of
मनोवैज्ञानिक स्तर m psychological level
मंझोला medium

Structural Review

1. ये आँकड़े 13 मार्च 2010 को खत्म हुए हफ्ते के लिए हैं The adjectival खत्म हुए here is a perfect participial form, which modifies to the following oblique noun हफ़्ते. This form as used here seems to be a translation of the English word‘past’. In standard Hindi, this is likely to be expressed by a full relative clause as in उस हफ़्ते के लिए है जो अभी अभी ख़त्म हुआ है।
2. 13 मार्च को खत्म हफ्ते में For the use of खत्म here, see the explanation above. For the past participial forms, हुए is sometimes left understood.
3. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक को 0.25% और तेल-गैस सूचकांक को 0.12% का घाटा सहना पड़ा सहना पड़ा is a ‘have to’ construction with the additional connotation that it was inevitable. This becomes clear if we see the following contrast – घाटा सहना था and घाटा सहना पड़ा (था). Both expressions mean – (these) had to bear the loss. However, in the second expression, there is the addition of inevitability.

Cultural Notes

1. Profusion of English words In the stock market, extensive use of English words is the norm.
2. Acronyms

 

 

Acronyms of various names in the profession are often made with the English letters and these acronyms are used extensively in Hindi as well.

Practice Activities (all responses should be in Hindi)

1. How will you say the following numbers in Hindi?

16.22%,13 मार्च 2010, 16.30%, 4% से 5%, 2.6%, 2%, 4%,1%

2. Note the following collocations in this unit. Can you find out  a few more in other units.

महँगाई दर, खाना-पीना, महँगाई दर, उतार-चढ़ाव

3. Deconstruct the following words in order to understand their origin.

सूचकांक, नकारात्मक, प्राथमिक, मनोवैज्ञानिक

4. Make a list of English words used in this unit and discuss with another person as to which of those English have at least a theoretical alternative in Hindi.

Comprehension Questions

1. Which stock sector registered the highest rise generally according to the text?

a. information technology

b. real estate

c. automobile

d. healthcare

2. Out of the following four stocks, which one had the lowest performance according to the text?

a. DLF

b. Consumer Durables

c. BSE Smallcap

d. ONGC

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