Module 1

Module One – Successful Entrepreneurs

सफल उद्यमी

Successful Entrepreneurs

Mukesh Ambani

Module 1.1

सफल उद्यमी – 1

मुकेश अंबानी

(जन्म 19 अप्रैल, 1957, यमन में)

परिचय

मुकेश अंबानी एक भारतीय व्यवसा यी हैं और लगभग 43 अरब डॉलर की निजी सम्पत्ति के कारण दुनिया के पांचवें सबसे अमीर आदमी हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक हैं। रिलायंस भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी तथा फोर्च्यून 500 कंपनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी 45% है।  फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार उनकी संपत्ति का मूल्य 43 अरब अमेरिकी डॉलर है, जिससे वे एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं।

शिक्षा

मुकेश अम्बानी की स्कूली शिक्षा अबाय मोरिस्चा स्कूल मुंबई में हुई और कालेज में जाकर कैमिकल

इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। बाद में मुकेश एम.बी.ए. करने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय गए किन्तु

पहले वर्ष के बाद ही पढ़ाई छोड़ कर भारत लौट गए।

कैरियर

मुकेश अम्बानी ने 1981 में रिलायंस में काम संभाला और रिलायंस के पुराने ढर्रे के टेक्सटाइल कारोबार को पॉलिएस्टर फाइबर और फिर पेट्रोकेमिकल में आगे बढ़ाया। इस प्रक्रिया में उन्होंने 60 नयी, विश्व स्तर की, विभिन्न तकनीकों से युक्त विनिर्माण सुविधाओं को निर्देशित किया। इस से रिलायंस की उत्पादन क्षमता जो 10 लाख टन प्रति वर्ष भी नहीं थी वह बढ़कर 1 करोड़ 20 लाख टन प्रतिवर्ष हो गयी।

उन्होंने जामनगर  (गुजरात) में बुनियादी स्तर की विश्व की सबसे बड़ी पेट्रोलियम रिफ़ायनरी की स्थापना की। वर्तमान में इसकी क्षमता 660,000 बैरल प्रतिदिन है यानी 3 करोड़ 30 लाख टन प्रतिवर्ष।1,00,000 करोड़ रुपयों (लगभग 26 बिलियन अमरीकी डॉलर) के निवेश से बनी इस रिफ़ायनरी में पेट्रोकेमिकल, पावर जेनरेशन, पोर्ट तथा संबंधित आधारभूत ढांचा है।

मुकेश अम्बानी ने भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक रिलायंस कम्युनिकेशंस (पूर्वनाम था – रिलायंस इंफोकॉम) लिमिटेड की स्थापना की। हालांकि दोनों भाइयों के अलग होने के बाद रिलायंस इंफोकॉम अनिल धीरूभाई अंबानी समूह में चली गयी परंतु अगर दोनों भाई अलग नहीं हुए होते और मुकेश प्रेज़िडेंट बने रहते तो उनकी कुल संपत्ति 85 बिलियन डॉलर होती और वे दुनिया के सबसे ज़्यादा अमीर आदमी होते ।  

अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस रीटेल के अंतर्गत खुदरा बाज़ार में प्रवेश किया। इनकी अगुआई में रिलायंस रीटेल ने डीलाईट स्टोर की नयी चेन लांच की और नोवा केमिकल्स के साथ रिलायंस रीटेल को ऊर्जा-सक्षम बनाने का अनुबंध भी किया।  

            भारत सरकार ने मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड और ब्रिटिश पेट्रोलियम के उस सौदे को मंजूरी दे दी है जिसमें दोनों कंपनियों ने 7.2 अरब डॉलर का सौदा किया था। इस सौदे को मंजूरी मिलने के बाद अब ब्रिटिश पेट्रोलियम की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के 23 तेल एवं गैस ब्लाकों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हो जाएगी ।

अम्बानी इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंज़ के मालिक हैं। इन्होंने मुंबई में धीरू भाई अम्बानी इन्टरनेशनल स्कूल की स्थापना भी की है।

परिवार

मुकेश अंबानी भारत के सबसे प्रखर उद्योगपति स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी के पुत्र हैं। धीरूभाई अंबानी एक भारतीय उद्यमी एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक थे। इनका परिवार गुजरात के मोध बनिया समुदाय से ताल्लुक रखता है। उनकी माता का नाम है कोकिला बेन अम्बानी । उनके भाई अनिल अम्बानी  रिलायंस “अनिल धीरूभाई अम्बानी” समूह के प्रमुख हैं। यह समूह दूरसंचार, बिजली, प्राकृतिक संसाधनों , बुनियादी सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करता है। पिता की मृत्यु के बाद दोनों भाइयों में अति प्रचारित कहा-सुनी हुई  जिसके बाद रिलायंस समूह दो भागों में विभाजित हो गया। मुकेश अम्बानी की पत्नी नीता अम्बानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के सामाजिक एवं धर्मार्थ कार्यों को देखती हैं। उनके तीन बच्चे हैं: आकाश, ईशा और अनंत। मुकेश अम्बानी ने इस वक्त दुनिया का सबसे महंगा घर बनवाया। इसकी कीमत 2 अरब डॉलर है। मुंबई के व्यापारिक क्षेत्र में यह 27 मंज़िल का गगनचुंबी निजी पारिवारिक आवास होगा। इसे एंटीलिया का नाम दिया गया है।

पुरस्कारों से सम्मानित

मुकेश अंबानी ने विश्व के सबसे सम्मानित बिज़नेस लीडरों में 42वाँ स्थान हासिल किया है। प्राईसवाटर हाउस कूपर्स द्वारा करवाये गए एवं लन्दन के फाइनेंशियल टाइम्स में नवम्बर 2004 में प्रकाशित सर्वेक्षण के अनुसार सबसे श्रेष्ठ चार सी.ई.ओ. में उनको दूसरा स्थान मिला। टोटल टेलिकॉम ने  अक्टूबर, 2004 में दूरसंचार के क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर उन्हें वर्ल्ड कम्युनिकेशन अवार्ड दिया। वॉयस एंड डाटा पत्रिका ने सितम्बर 2004 में टेलिकॉम मैन ऑफ़ द ईयर चुना। फोर्च्यून पत्रिका के अगस्त 2004 अंक में सबसे शक्तिशाली व्यवसायकों में एशिया पॉवर 25 की सूची में उनको 13 वाँ स्थान दिया गया। एशिया सोसाइटी, वॉशिंगटन डी. सी. द्वारा एशिया सोसाइटी लीडरशिप अवार्ड उनको मई 2004 में प्रदान किया गया। इंडिया टुडे के मार्च 2004 के अंक में द पॉवर लिस्ट 2004 में लगातार दो सालों तक इन्होंने पहला स्थान हासिल किया। जून 2007 में वे भारत के पहले ट्रिलियनर चुने गए। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों “चित्रलेखा पर्सन ऑफ़ द ईयर 2007” पुरस्कार से सम्मानित हुए। एन.डी.टी.वी. द्वारा करवाये गए सार्वजनिक चुनाव में मुकेश साल 2007 के बिज़नसमैन ऑफ़ द ईयर चुने गए। यूनाईटेड स्टेटस-इंडिया बिज़नेस कौंसिल (USIBC) द्वारा वाशिंगटन में 2007 में वैश्विक दूरदृष्टि (“ग्लोबल विज़न”) के लिए लीडरशिप अवार्ड से उनको नवाज़ा गया।

उपयोगी शब्दार्थ

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

परिचय m

व्यवसायी m/f

सम्पत्ति f

अध्यक्ष   m/f

प्रबंध निदेशक m/f  

विनिर्माण m

सुविधा f  

निर्देशित करना

स्थापना करना

आधारभूत

ढांचा m

अगुआई f

ऊर्जा-सक्षम

अनुबंध  m

दूरसंचार m

प्राकृतिक संसाधन m

बुनियादी सुविधा f 

वित्तीय सेवाएं f

introduction

businessman

wealth

president

managing director

manufacturing

facility

to direct

to establish

fundamental

structure

leadership

energy-efficient

contract

telecommunication

natural resource(s)

basic/fundamental facility

financial services


Linguistic and Cultural Notes

1. Hindi has assimilated words from various Indian and foreign languages, primarily from Sanskrit, Urdu, English, and even its own regional dialects.

2. Hindi texts are replete with English words, especially in professional contexts. Since the 1950s, Hindi has coined equivalents of many professional English terms. Although some newly coined Hindi words have come into use, numerous English words such as टेलीकम्युनिकेशन, पेट्रोलियम, इंडस्ट्री continue to be poplular in everyday usage.

3. Examples of newly coined words in this module are उद्यमी, निदेशक, विनिर्माण, ऊर्जा, अनुबंध, संसाधन, वित्तीय सेवाएं. Although such words are gaining frequency in writing, their use in speech is still limited; English equivalents are used instead.

4.There are significant differences in the use of vocabulary between spoken and written  Hindi. Written texts often use formal Sanskrit-based words, while the spoken language prefers paraphrasing those concepts in daily Hindi usage or else use English equivalents wherever convenient. For example, one may use the word अवधारणा in writing but in informal speech one is likey to say either अच्छी तरह सोचा समझा विचार or else use the English word ‘concept’.

5.The Ambani brothers owned a family-owned business until their company went public in 1977.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.  

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not with the same connotation.

जन्म

व्यवसायी

दुनिया

आदमी

अमीर

प्राप्त करना 

कारोबार

वर्ष

प्रतिदिन

अगुआई

प्रतिशत

प्राकृतिक 

कहा-सुनी

आवास

पुरस्कार

स्थान

व्यवसायी

पैदाइश

व्यापारी

विश्व, संसार, जगत

व्यक्ति

धनी

हासिल करना

व्यापार, व्यवसाय

साल

हर रोज़

नेतृत्व

फ़ीसदी

कुदरती

तर्क-वितर्क, लड़ाई

घर, गृह

इनाम

जगह

व्यापारी


Structurally Related Words (Derivatives)

व्यवसाय, व्यवसायी, व्यवसायक, व्यवसायिक, व्यावसायिक

वर्ष, वार्षिक, प्रतिवर्ष, वर्षानुवर्ष

दिन, प्रतिदिन, दिन-ब-दिन, दिन प्रतिदिन, दिनोंदिन, दैनिक

प्रकृति, प्राकृतिक

वास, आवास, वासी, प्रवासी

स्थान, स्थानीय

Comprehension Questions

1. What is true of Mukesh Ambani?

a. He is the fiftieth richest person in the world.

b. He completed his MBA from Stanford .

c. He was the 25th most financially powerful person in Asia.

d. He owns the most expensive house in the world.

2. Which of the following is not stated or implied in the text?

a. Mukesh Ambani’s personal share in Reliance is less than 50%.

b. Mukesh Ambani introduced new techniques in the textile business.

c. Mukesh Ambani acquired a petroleum refinery in Gujarat state.

d. Mukesh Ambani had a joint project with British Petroleum at one point.

Azim Hashim Premji

Module 1.2

सफल उद्यमी – 2

अज़ीम हाशिम प्रेमजी

(जन्म 24 जुलाई 1945)

परिचय

यथा नाम तथा गुण को सार्थक करते भारत की इस शख्सियत का नाम है – अजीम हाशिम प्रेमजी। इनका जन्म सन् 1945 में मुम्बई में हुआ था। पाकिस्तान की स्थापना के बाद इनके पिता को वहाँ के वित्तमंत्री बनने का निमंत्रण मिला जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। अजीम प्रेमजी जब स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय कैलिफोर्निया में इलैक्टिृकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे तभी उनके पिता का निधन हो गया और उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वनस्पति तेल का पैतृक व्यवसाय संभालने के लिए भारत आना पड़ा। 21 वर्ष की आयु में उन्होंने महाराष्ट्र के अमलनेर में स्थापित अपनी वनस्पति तेल कंपनी वेस्टर्न इंडिया विजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड (विप्रो) का कार्यभार संभाला।

परिवार

अजीम प्रेमजी की पत्नी का नाम यास्मीन है। उनके दो बच्चे हैं  रिशाद और तारीक | रिशाद  का विवाह अदिति से हुआ है। रिशाद  इस समय आई.टी. बिजनेस विप्रो के मुख्य कार्यनीति अधिकारी हैं। प्रेम जी अपने यश और अपने धन के बावजूद शील और मितव्ययिता के लिए जाने जाते हैं। अजीम प्रेमजी एक इस्माइली मुसलमान हैं जो ‘‘सादा जीवन उच्च विचार’’ को सार्थक करने में अपनी कर्मठता समझते हैं। उन्होंने अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी को निभाते हुए अपनी संस्था के माध्यम से कई करोड़ों की सहायता गरीबों को दी है।

व्यवसाय विस्तार

वनस्पति तेल से लेकर इंफ़र्मेशन टैकनालोजी (आई.टी.) की लंबी छंलाग लगाकर अजीम प्रेमजी भारत के सर्वाधिक सम्पन्न लोगों में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उनकी आई.टी. कंपनी लगभग एक लाख करोड़ रुपये की हो गई है। इसमें लगभग 55 हज़ार कर्मचारी काम करते हैं।

प्रेम जी के नेतृत्व में विप्रो में विस्तार और विविधीकरण के एक महत्वाकांक्षी चरण पर काम शुरू हुआ। कंपनी ने साबुन, शिशु देखभाल उत्पादों, शैंपू, पाउडर आदि के साथ प्रकाश बल्ब और अन्य उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण शुरू किए। 1980 के दशक में विप्रो ने आई.टी. क्षेत्र में प्रेवश किया। इस प्रकार विप्रो ने एक विशेष लाइसेंस के तहत कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर विकास और संबंधित वस्तुओं के निर्माण शुरू कर दिए। परिणामस्वरूप 1.5 करोड़ डॉलर की कंपनी कुछ ही दशकों में सेवाओं, चिकित्साओं और उपभोक्ता वस्तुओं में 6 अरब डॉलर की वृद्धि हुई।

सामाजिक क्षेत्र में परोपकार

1984 में अजीम प्रेमजी ने विप्रो इकविटी को पुरस्कृत कर एक ट्रस्ट की स्थापना की। 2001 में फिर एक नए दृष्टिकोण के साथ अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना की।

प्रेमजी ने करीब 8,846 करोड़ रुपये के 21.3 करोड़ इक्विटी शेयरों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को ट्रांसफर करने की घोषणा की। यह ट्रस्ट विभिन्न सामाजिक और गैर-लाभकारी उद्देशयों के लिए रकम मुहैया कराती है। यह ट्रस्ट अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों को फंड मुहैया कराता है। इनमें प्रस्तावित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय भी है, जिसका मकसद देश में उच्च स्तर की शिक्षण की सुविधा मुहैया कराना है। गौरतलब है कि 2001 से ही अजीम प्रेमजी फाउंडेशन विभिन्न राज्य सरकारों के साथ शिक्षा में सुधार के लिए साझेदारी कर रहा है। फाउंडेशन अब तक 25,000 स्कूलों के साथ काम कर चुका है जिनमें करीब 25 लाख बच्चे पढ़ते हैं। हाल ही में फाउंडेशन को कर्नाटक सरकार से राज्य में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंज़ूरी मिली है। इस विश्वविद्यालय में देशभर के 600 ज़िलों के शिक्षक-प्रशिक्षण-संस्थानों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय बेंगलुरु में है और 2011 में इसका प्रशिक्षण-कार्य विधिवत् आरंभ हो गया है। इस फाउंडेशन ने शहर से बाहर सरजापुर रोड पर 75 एकड़ जमीन चिह्नित की है, जो विप्रो के हेड ऑफिस से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर है। विश्वविद्यालय के संचालन पर सालाना 250 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। आई.टी. सर्विस प्रोवाइडर कंपनी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने दिसंबर 2010 में स्कूली शिक्षा में सुधार करने के लिए 2 अरब डॉलर दान करने का वादा किया। देश में शिक्षा के स्तर पर सुधार के लिए करीब नौ हजार करोड़ रुपये की राशि दान की है। यह राशि किसी भी भारतीय द्वारा चैरिटी में दी गई रकम में सबसे बड़ी है। इस चैरिटी से अजीम प्रेमजी ने कुछ बौद्धिक आलोचकों की इस बात को भी गलत ठहरा दिया है कि भारतीय बिजनेसमैन सिर्फ़ विदेशी संस्थाओं को ही मोटी रकम दान में देते हैं। अमेरिका की प्रसिद्ध व्यापार-पत्रिका फोर्ब्स के अनुसार प्रेमजी भारत के बिल गेट्स हैं। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय का मकसद शिक्षा तकनीकों में सुधार लाना है।इस चैरिटी के अवसर पर प्रेमजी ने कहा कि अच्छी शिक्षा बेहतर मानव और समाज के लिए बहुत जरूरी है। हम भारत में शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान करना चाहते हैं और इसके ज़रिए बेहतर समाज की कल्पना करते हैं। 

सम्मान और पुरस्कार

बिजनेस-वीक में प्रेमजी को महानतम उद्यमी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ रही कंपनियों में से एक के वे मालिक हैं ।

 2000 में अज़ीम प्रेमजी मणिपाल अकादमी ऑफ़ हायर एजुकेशन से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित हुए।

 2006 में अज़ीम प्रेमजी को लक्ष्य-व्यवसाय-दूरदर्शी के रूप में मुम्बई के राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरिंग संस्थान ने सम्मानित किया।

 साल 2008 में इन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट्. की मानद उपाधि से नवाज़ा गया।

 2011 में 16.8 अरब अमेरिकी डॉलर की निजी संपत्ति के कारण 2000 में विश्व के सबसे शक्तिशाली 20 पुरुषों में उन्हें चुना गया ।

  उन्हें टाइम पत्रिका ने सबसे प्रभावशाली 100 लोगों के बीच में दो बार सूचीबद्ध किया है। एक बार सन् 2004 में और दूसरी बार 2011 में।

 2005 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मभूषण और फिर 2011 में दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मविभूषण से सम्मानित किया।

उपयोगी शब्दार्थ

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उद्यमी   m/f

कार्यनीति f 

मितव्ययिता f

सम्पन्न

नेतृत्व m

विविधीकरण m

महत्वाकांक्षी m/f

परिणामस्वरूप

परोपकार m

मुहैया कराना

गौरतलब

प्रशिक्षण m

बौद्धिक आलोचक m/f

प्रस्तावित

महत्वपूर्ण योगदान m

मान्यता f

मानद उपाधि m

सूचीबद्ध करना

entrepreneur

strategy

frugality

rich

leadership

diversification

ambitious

consequently

charity

to supply

worth paying attention to

training

intellectual critic

proposed

important contribution

recognition

honorary degree

to list


Linguistic and Cultural Notes

1.इनके पिता को वहाँ के वित्तमंत्री बनने का निमंत्रण मिलाThe verb मिलना has two meanings – to meet and to get. In the former sense, it is used as X Y se/ko milaa राम श्याम से/को मिला (Ram met Shyam). In the latter sense, it is used as X ko Y milaaa (X got Y) where y is an inanimate noun. See the Hindi example above; the kernel part there is पिता को निमंत्रण मिला (father got an invitation).

2. उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वनस्पति तेल का पैतृक व्यवसाय संभालने के लिए भारत आना पड़ा – The kernel part of this long sentence is उन्हें आना पड़ा. This is known as the ‘have to’ construction with circumstantial compulsion which can be explicitly mentioned or implied. In this sense, the word ‘have’ is emphasized in English. The other ‘have to’ construction in English is with the unemphasized (unstressed) ‘have’ with no external compulsion explicitly stated or implied; for example उन्हें आना है (‘he has to come’ in the sense of ‘he needs to come’).

3.The phenomenon of family business houses is wide-spread in India. For young people, it is attractive to step into well-established family businesses. It may eliminate the initial struggle and challenge for young people but may impact the innovation and evolution that usually comes through the struggle for existence and creating a network of individuals and organizations.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.  

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

कार्यनीति

संपन्न

परिणामस्वरूप

ग़ौरतलब

रणनीति

धनी

नतीजतन

ध्यान देने योग्य


Structurally Related Words (Derivatives)

उद्यम, उद्यमी

विविध, विविधता, विविधीकरण, वैविध्य

महत्वाकांक्षा, महत्वाकांक्षी, महत्व, महत्ता

शिक्षा, शिक्षक, शिक्षिका, शिक्षण, प्रशिक्षण, शिक्षित, सुशिक्षित, अशिक्षित, शैक्षिक

बुद्धि, बौद्धिक, सुबुद्धि, दुर्बुद्धि

प्रस्ताव, प्रस्तावित, प्रस्तावक, प्रस्तावना

महत्व, महत्वपूर्ण, महत्ता

मान, सम्मान, माननीय, सम्माननीय, सम्मानजनक, मानद

Compound Word through Sandhi

परोपकार          <          पर+उपकार

Comprehension Questions

1. Premji is known for his

a. high education

b. administrative skils

c. charitable contributions

d. simple living

2. Which of the following is not stated or implied in the text?

a. Premji himself expanded his business in many directions.

b. Premji’s fans established a Premji Foundation in his honor.

c. Premji’s contributions to the field of education are immense.

d. Premiji was awarded twice by the Indian government.

Preetha Reddy

Module 1.3

सफल उद्यमी – 3

प्रीथा रेड्डी

   

(जन्म x – x- 1957)

परिचय

प्रीथा रेड्डी अपोलो अस्पताल समूह की संचालिका, परिचालक और अत्यधिक कुशल उद्यमी  महिला हैं। ये अपोलो अस्पताल  के नेटवर्क प्रबंधन की ज़िम्मेदारियाँ निभाती हैं और उन्हीं के सक्षम प्रबंधन के तहत यह समूह तेज़ी से आगे बढ़ा है । यह उल्लेखनीय है कि प्रीथा रेड्डी अपोलो अस्पताल समूह के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रताप रेड्डी की बड़ी बेटी हैं| अन्य तीन छोटी बहनें सुनीता, शोभना और कामिनी भी इस समूह के विभिन्न दायित्व बखूबी संभाल रही हैं। वर्तमान में प्रीथा रेड्डी स्वास्थ्य देखभाल के प्रबंध में 45 अस्पतालों, 51 क्लीनिक और 400 फार्मेसियों की प्रबंधक हैं । बिज़नेस टुडे पत्रिका ने इन्हें भारत की 25 सबसे शक्तिशाली महिला उद्यमियों की सूची में स्थान दिया है।

जीवन -परिचय

प्रीथा रेड्डी अपोलो समूह के संस्थापक डॉ. प्रताप रेड्डी की संतानों में सबसे बड़ी हैं । उन्होंने अपने कॉलेज के दौरान ही शादी कर ली और उसके बाद दस साल तक केवल गृहिणी बनी रहीं। उनकी एक बहन सुनीता रेड्डी अपोलो समूह की कार्यकारी वित्त निदेशक हैं जब कि अन्य दो बहनें कामिनी और शोभना भी इस समूह में निदेशक पद पर काम करती हैं। प्रीथा रेड्डी 1989 में संयुक्त प्रबंध निदेशक के रूप में अपोलो समूह में शामिल हो गईं। विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में उनकी क्षमता ने अपोलो समूह को एशिया का अव्वल दर्जे का स्वास्थ्य की देखभाल करने वाला केंद्र बना दिया है।

कार्य    

अपोलो अस्पताल स्वास्थ्य-सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली एक अग्रणी संस्था है। दक्षिण एशिया के विभिन्न नगरों में इसके 38 अस्पताल चल रहे हैं। एशिया में यह सबसे बड़ी स्वास्थ्य-सेवाओं की प्रदाता कम्पनी है जबकि विश्व में इसका स्थान तीसरा है। इसका मुख्यालय चेन्नई में है।  अपोलो अस्पताल समूह के 54 अस्पतालों (37 अपने और 17 सहयोगी समूह के अस्पतालों) में लगभग नौ हज़ार बिस्तर होते हैं। वर्तमान में इस समूह को 7 जाइंट कमीशन इंटरनेशनल (7JCI) संस्था की मान्यता प्राप्त होने का अद्वितीय गौरव प्राप्त हुआ है। यह टेलीमेडीसिन के क्षेत्र में 71 अस्पतालों को संचालित करनेवाली पहली संस्था है।

योगदान 

प्रीथा रेड्डी ने अपने कुशल नेतृत्व में चेन्नई में अपोलो बाल अस्पताल की नींव रखी जो अपनी अद्भुत स्वास्थ्य सेवा और प्रबंधन के लिए संसार भर में प्रसिद्ध है। यह संस्था आइ.एस.ओ. 14001 तथा 9001 के मानकों से प्रमाणित है जो इसकी गुणवत्ता को सिद्ध करती है। अपोलो हेल्थ स्ट्रीट एक वैश्विक हेल्थ केयर सर्विस कंपनी है ।

 वे चेन्नई एसोसिएशन की नगर आपदा-प्रबंध-सलाहकार हैं।

वे  भारत सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रथम महिला सलाहकार हैं।

वे राष्ट्रीय गुणवत्ता परिषद और सी.आई.आई. की सक्रिय भागीदार रही हैं जो भारतीय अस्पतालों में न्यूनतम गुणवत्ता पर नियंत्रण के लिए ज़िम्मेदार है ।

उन्होंने सेव ए चाइल्डज़ हार्ट (SACH ) जैसी अन्य कई  सामाजिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।

उन्होंने अपने समूह के द्वारा 2000 मुफ़्त कार्डियो सर्जरी करवाई हैं ।

वे क्रोनिक केयर फाउंडेशन की सदस्या भी रही हैं।

सेवा, प्यार और देखभाल की भावना या अवधारणा जो कि प्रीथा रेड्डी की असाधारण प्रतिभा व एकीकृत सेवा का परिचायक है।

 उन्हीं के द्वारा भारत में पहले गर्भ-नाल प्रत्यारोपण का प्रदर्शन किया गया जो कि उस अस्पताल द्वारा किया गया अद्भुत व अविस्मरणीय कार्य था।

भारतीय महिलाओं के गिरते स्वास्थ्य की स्थिति से चिंतित प्रीथा का कहना है कि “अपने स्वास्थ्य को भारतीय महिलाएँ अंतिम प्राथमिकता मानती हैं अतः मैं उनसे कहती हूँ कि पहले वे अपनी देखभाल खुद करें क्योंकि अगर एक औरत बीमार पड़ती है तो पूरा परिवार प्रभावित होता है।“

सम्मान

मोटे तौर पर अपोलो अस्पताल प्रबंधन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसकी चेन्नई शाखा को भारत की सब से बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपोलो की सेवाओं और श्रेष्ठता के लिए ए-ग्रेड देकर मूल्यांकन किया है ।

उनके प्रबंधन के अंतर्गत इस समूह के हैदराबाद अपोलो को अमेरिका से बाहर भारत में सब से पहली 7JCI मान्यता प्राप्त अस्पताल की गरिमा से गौरवान्वित किया गया है ।

-अंततः यह कहा जा सकता है कि अस्पताल प्रबंधन के क्ष्रेत्र की वह उच्च कोटि की जानकार रही हैं और उसका पूरा लाभ उन्होंने अपने पेशे में अपनी उत्कृष्ट सेवा में दिखाया है। किसी ने सच कहा है कि उनमें नेतृत्व व प्रबंधन के गुण जन्मजात हैं जिसके कारण उन्हें एक सफल व कुशल महिला उद्यमी बनने का मौका मिला है।

उपयोगी शब्दार्थ

(Onine H-E and E-H dictionary for additional help – shabdkosh.com)

संचालिका f 

परिचालक m/f

सक्षम प्रबंधन m

उल्लेखनीय

कार्यकारी वित्त निदेशक   m/f

परियोजना f

अग्रणी संस्था f

मुख्यालय m

आपदा-प्रबंध-सलाहकार m/f

महत्वपूर्ण भूमिका f

असाधारण प्रतिभा f

एकीकृत सेवा  f

परिचायक  

प्रत्यारोपण m

अविस्मरणीय

प्राथमिकता 

जन्मजात

controller

steering person

efficient management

noteworthy

executive financial director

project

leading institution

headquarter

emergency-management-consultant

important role

extraordinary talent

unified service

introductory

superimposition

unforgettable

priority

inborn


Linguistic and Cultural Notes

1. संचालिका, परिचालक और अत्यधिक कुशल उद्यमी महिला – There are a variety of adjectives/nouns here. The first one is transformed into a feminine form, the remainder are in their neutral (which is same as masculine) form. The first one also could have been expressed in its neutral form as संचालक. The use of neutral forms is becoming more prevalent. 

2. Apollo Hospitals was also a family-owned business, with the family’s well-educated children taking up responsible and prestigious positions in this business during the initial phase of their careers.

3. Contact with English has triggered the rise of many new Hindi equivalents. For example, we have गुणवत्ता for quality and प्रबंधन for management. Such words are recent coinages and are used mostly in writing.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.  

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

सक्षम

वित्त 

सलाहकार

महत्वपूर्ण 

समर्थ

धन, अर्थ, पैसा

परामर्शदाता, परामर्शदात्री

अहम


Structurally Related Words (Derivatives)

चालक, संचालन, संचालक, संचालिका, परिचालक                                     

क्षम, अक्षम, सक्षम, क्षमता

प्रबंध, प्रबंधन, प्रबंधक                

उल्लेख, उल्लेखनीय                    

कार्य, कार्यकारी, कार्यकर्ता, कार्यकारिणी, कार्यान्वयन, कार्यान्वित

योजना, परियोजना                                            

अग्र, अग्रणी

भूमि, भूमिका

साधारण, असाधारण, साधारणतः

परिचय, परिचयात्मक, परिचायक, परिचित, सुपरिचित

आरोपण, प्रत्यारोपण

स्मरण, स्मरणीय, विस्मरणीय, अविस्मरणीय, प्रातःस्मरणीय, स्मृति, स्मारक

प्रथम, प्राथमिक, प्राथमिकता

जन्म, जन्मजात

Compound Word through Sandhi

प्रत्यारोपण         <          प्रति + आरोपण

Comprehension Questions 

1. Based on the text, what is true of Preetha Reddy?

a. She is managing almost 500 different units.

b. She is a highly educated and trained manager.

c. She is the founding director of Appolo hospitals.

d. She is a high-ranking adviser in hospital management.

2. What is said or implied about Appolo hospitals in the text?

a. The extended Reddy family owns Appolo hospitals.

b. Appolo hospitals are first-class healthcare centers in Asia.

c. Appolo hospitals specialize in women’s health issues.

d. Appolo hospitals are the best centers for telemedicine. 

Ekta Kapoor

Module 1.4

सफल उद्यमी – 4

एकता कपूर


(जन्म 7 जून 1975, मुंबई)

परिचय

बालाजी टेलीफिल्म की क्रिएटिव हेड एकता कपूर वह नाम है जिसने भारतीय टेलीविज़न को एक नया आयाम दिया और जिसने नवागतों को अपनी पहचान साबित करने का मौका दिया। टेलीविज़न की दुनिया में एकता कपूर के योगदान को इसी बात से समझा जा सकता है कि जिसे कभी छोटा पर्दा कहकर अहमियत नहीं दी जाती थी, वही आज सिल्वर स्क्रीन के नाम से जाना जाता है और बड़े से बड़ा कलाकार आज यहाँ काम करने की इच्छा रखता है।

जीवन परिचय

7 जून 1975 को मुंबई में जन्मी एकता कपूर मशहूर फ़िल्म अभिनेता जितेन्द्र की बेटी हैं। उनकी माता का नाम शोभा कपूर और भाई तुषार कपूर  हैं। पर एकता ने पिता की राह न अपनाते हुए अपनी माँ के साथ मिलकर बालाजी टेलीफ़िल्म्ज़ की नींव रखी। जिस ज़माने मे केबल टीवी उपलब्ध नहीं था, उस समय भी एकता कपूर द्वारा निर्मित सीरियलों ने अपनी धाक जमा रखी थी। सच पूछा जाए तो जहां वह अकेले दम पर भारतीय टीवी के दर्शकों की आदतों को बदलने का चमत्कार दिखा रही थीं वहीं दूसरी ओर अपने पिता के ही नक्शेकदम पर चल रहे उनके भाई तुषार कपूर ने अन्य फिल्मों के अलावा बालाजी टेलीफ़िल्म की गोलमाल, शूटऑउट ऐट लोखंडवाला आदि कई फिल्मों में अभिनय करके बालाजी फ़िल्म का नाम रोशन किया।

बालाजी टेलीफ़िल्म्ज़

बालाजी 1994 में एक प्राइवेट् लि. कंपनी के रूप में स्थापित हुई । एकता कपूर ने 1994 में महज़ 19-20 वर्ष की उम्र में अपने कैरियर की शुरुआत धुन-धमाका संगीत-सीरियल से की और आज टेलीविजन की दुनिया का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां बालाजी टेलीफ़िल्म्ज़ ने अपने पाँव न पसारे हों। सीरियल्ज़ से लेकर फिल्मों तक एकता कपूर ने हर तरह के प्रयोगों को अपनाया है। यूं तो पहले भी अपने धारावाहिकों की बढ़ती लोकप्रियता ने उनके कैरियर में चार चाँद लगा ही दिए थे लेकिन जबसे उन्होंने फ़िल्म निर्माण में अपने हाथ आज़माने शुरू किए हैं तबसे उनका ग्राफ़ लगातार ऊपर ही जा रहा है। उनकी कंपनी बालाजी टेलीफ़िल्म्ज़ द्वारा निर्मित धारावाहिक जनता के साथ एक बड़े समय से बड़ी हिट पारी खेल रहे हैं और वे भारत के सभी प्रमुख टीवी चैनलों पर हावी रहे हैं। ये चैनल हैं जैसे – सोनी टीवी, ज़ी टीवी, स्टार प्लस, डीडी मेट्रो, डीडी नेशनल, एनडी टीवी, 9x, कलर्स, ज़ूम आदि । मतलब यह कि कोई भी ऐसा प्रमुख चैनल नहीं था जहाँ बालाजी टेलीफिल्म्स का डंका न बजा हो । बालाजी टेलीफ़िल्म्ज़ द्वारा निर्मित क्योंकि सास भी कभी बहू थी नाम का सीरियल, एकता कपूर के लिए कैरियर के लिहाज़ से मील-का-पत्थर साबित हुआ, जो लगभग 9 वर्षों तक टेलीविजन की दुनिया में छाया रहा। यह अपने में ही एक रिकॉर्ड है. कभी सौतन कभी सहेली, बंदिनी, कोई अपना सा, कहानी घर घर की, कशिश, कोशिश कुसुम, कसम से, आदि कई ऐसे सीरियल हैं जिन्होंने इस रूपहले पर्दे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

बालाजी टेलीफिल्म्ज़ दक्षिण एशिया, दक्षिणपूर्व एशिया और मध्य एशिया में सबसे बड़ी  निर्माण-कंपनी है। भारत में जिस समय अन्य धारावाहिक अपनी गुणवत्ता में काफ़ी पीछे थे तब बालाजी टेलीफ़िल्म्ज़ ने अनेक विदेशी चैनलों के अनुरूप आधुनिक स्टुडियो और उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया।

प्रारंभ में एकता कपूर को सफलता नहीं मिली थी पर असली लोकप्रियता उन्हें मिली हम पाँच  सीरियल से जो ज़ी-टीवी पर लगातार पाँच साल तक चला। अगला प्रयास दूरदर्शन पर इतिहास था और तमिल में सन टीवी पर कुटुम्बम था। ये सब बहुत ही हिट हुए। एकता कपूर को दर्शकों की पसंद और नब्ज़ पहचानने में भी महारत हासिल थी और सभी चैनलों के साथ मधुर व्यावसायिक संबंध बनाये रखने  की कुशलता थी। शोध और सर्वेक्षणों से पता चला कि दर्शक संयुक्त पारिवारिक कहानी को ज़्यादा पसंद करते थे ताकि वे उन्हें परिवार के साथ देख सकें। 2001 में बालाजी ने धारावाहिकों के लिए विदेशी बाज़ारों को टटोलना शुरू किया और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, मध्य एशिया, श्रीलंका, सिंगापुर और मारिशस के प्रवासी भारतीय देखते देखते इसके बाज़ार बन गए ।

एक वह समय भी आया जब धारावाहिकों की अपार कामयाबी और उनके उमड़ते दर्शकवर्ग को देखकर मीडिया और इस उद्योग के लोग युवा एकता कपूर को भारतीय टीवी उद्योग की रानी कहने लगे। छोटे पर्दे के हर कलाकार और नवोदित व उभरते कलाकारों का बस एक ही सपना होता था कि किसी तरह से एकता के साथ काम करने का मौका मिल जाए। कई कलाकारों को एकता ने मौका दिया जो आज इस उद्योग के बेहद सफल कलाकार माने जाते हैं। एकता के धारावाहिकों में कल्पना, कहानी, संवाद,कलाकार, मंच व रूप-सज्जा का अद्भुत मेल था।

हालांकि उनकी फ़िल्मों और विवादों का चोलीदामन का साथ रहा है लेकिन इससे उनकी लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा। वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई, शूट- ऑउट ऐट लोखंडवाला और हाल ही में प्रदर्शित हुई फ़िल्म रागिनी एम.एम.एस. ऐसी कुछ विवादग्रस्त फ़िल्मों के मुख्य उदाहरण हैं लेकिन इन विवादों से फिल्म को काफ़ी हद तक फ़ायदा ही पहुंचा है। भारत में एक प्राचीन कहावत है कि सफलता को प्राप्त करने के बाद इसे बर्दाश्त करना भी आना चाहिए। एकता ने बस यही गलती कर दी। सफलता के नशे में चूर एकता ने सीरियल के नाम पर दर्शकों को कुछ भी परोसना शुरू कर दिया। बस फिर क्या था। दर्शकों ने भी एकता के इस दुस्साहस का जवाब अपने अंदाज़ में दिया और एकता द्वारा निर्मित कई धारावाहिक टीवी पर पानी भी नहीं मांग पाए। कुछ चले भी तो धीरेधीरे डब्बे में बंद हो गये। यही वह समय था जब एकता को गहरा झटका लगा और शायद दिमाग भी ठिकाने आ गया। उसने अपने उलटेपुलटे धारावाहिक बनाने की आदत को छोड़ा और इसके साथ ही उन्हें फिल्में बनाने का एक नया शौक चढ़ गया।

कामयाबी का स्वाद चख चुकी एकता को अपने ऊपर पूरा भरोसा था और शायद सफलता के बाद टीवी उद्योग में मिली नाकामी का गुस्सा भी था2010 में ALT एंटरटेनमेंट कंपनी की स्थापना के बाद उन्होंने कई फिल्में बनायीं। एकता को फ़िल्मी दुनिया में पहली लेकिन आंशिक सफलता मिली फ़िल्म क्या कूल हैं हम से। इसके बाद अगली फ़िल्म शूट आउट ऐट लोखंडवाला भी कामयाब रही लेकिन बहुप्रचारित फ़िल्म मिशन इस्तांबुल फ़्लॉप हो गई। एकता की सबसे सफल फ़िल्म रहीवन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई। अजय देवगन, कंगना राणावत, इमरान हाशमी और एकता के कैंप से ही निकली छोटे पर्दे की कलाकार प्राची देसाई के अभिनय से सजी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त कारोबार किया।

उपयोगी शब्दार्थ

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

आयाम  m

नवागत m/f

अहमियत f

दर्शक m/f

चमत्कार m

नक्शेकदम m.pl.

धारावाहिक m

लोकप्रियता f

शोध m

सर्वेक्षण m

नवोदित

विवादग्रस्त 

कल्पना  m

संवाद m

आंशिक सफलता f

dimension

new-comer

importance

viewer

marvel

footprints

serial (drama)

popularity

research

survey

rising

controversial

imagination

dialogue

partial success


Linguistic and Cultural Notes

1.Use of Urdu words in Hindi – Although the border line between Hindi and Urdu is thin, each language has its own characteristics. It can be said that these languages share about 70% of their vocabulary. For formal vocabulary, Urdu draws on Perso-Arabic sources and Hindi draws on Sanskrit. Hindi is more open to borrowing words from Urdu than vice versa. This linguistic phenomenon reflects the composite culture of India. Many Urdu words have been fully assimilated in Hindi (for example नाम रोशन करना, उम्र, शुरुआत, आज़माना, इस्तेमाल, फ़ायदा, अंदाज़, जबर्दस्त) and most speakers are unaware of their origin. However, there are several Urdu words, which owe their use to the individual style of the user and these may or may not be commonly understood. In the current unit, mark the following words which you may or may not find in a Hindi dictionary – अहमियत, नक्शेकदम, महज़, महारत. These words may be understood by some educated speakers of Hindi but certainly not by all Hindi speakers. 2.देखते देखते – This form is an extension of the present participial form देखते हुए and is used in the durative (continuing action) sense. However, when reduplicated it is never used with the word हुए. 3. Mark the use of idioms in the current unit – चार चाँद लगाना, डंका बजना, मील-का-पत्थर साबित होना.4. Balaji Telefilms is a venture launched by Ekta Kapoor. However, the use of the family’s movie business network must have provided an advantageous lead during its starting phase and so one can still count it within the structure of a family business.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.  

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

अहमियत

नक्शेकदम

शोध

संवाद

सफलता

महत्व, महत्ता

पदचिह्न

अनुसंधान

बातचीत

कामयाबी


Structurally Related Words (Derivatives)

अहम, अहमियत

दर्शन, दर्शक, दृश्य, दृश्यता, प्रदर्शन, प्रदर्शनी, प्रदर्शक, प्रदर्शनकारी, दार्शनिक

लोकप्रिय, लोकप्रियता                                                                                                                

विवाद, विवादित, विवादग्रस्त, वादविवाद, निर्विवाद

कल्पना, परिकल्पना, काल्पनिक, संकल्पना                                                                                                

अंश, आंशिक

सफल, सफलता, साफल्य                                     

Compound Words through Sandhi

सर्वेक्षण             <                      सर्व+ईक्षण                                

नवोदित            <                      नव+उदित

Comprehension Questions

1. Which of the following statemetnts is consistent with the text?

a. Ekta’s popularity started as a young actress in Hindi films.

b. Ekta’s venture received support from her extended family.

c. Ekta’s serials were known for their joint family values.

d. Ekta’s serials were popular on many Asian channels.

2. What was Ekta’s biggest mistake?

a. ignoring foreign markets for too long

b. transitioning from producing serials to films

c. producing serials of many different kinds

d. becoming inaccessible to budding actors

Supplementary Materials Module 1

Reading

1. एक करोड़ हिन्दुस्तानी 100 करोड़ लोगों की तकदीर बदल सकते हैं – मुकेश अंबानी

http://www.jmuchhal.com/ek-crore-hindustani-100-crore-logo

2. Stay Hungry Stay Foolish – Rashmi Bansal

http://www.amazon.in/Stay-Hungry-Foolish-

Rashmi-Bansal/dp/9381626715

Stay Hungry Stay Foolish is a book that traces the success-stories of twenty-five graduates from IIM-Ahmedabad.

3. ‘Indian family business going through transition’  (BusinessPress Trust of India)

http://ibnlive.in.com/news/indian-family-business-going-through-transition/268210-7.html

  4. Indian Family Businesses: Their survival beyond three   generations      (Ramachandran -ISB, Hyderabad)

http://www.encubeindia.com/downloads/indian_family_businesses.pdf

5. I Have a Dream– Rashmi Bansal

  Westland And Tranquebar Press, 2011, ISBN 978-93-8065-838-4

6. लोकल से ग्लोबलप्रकाश बियाणी  

http://rajkamalprakashangroup.blogspot.in/2011/08/blog-post_11.html

Listening

1. India Richest Man:- Mukesh Ambani Televisn Interview With FAREED ZAKARIA

https://www.youtube.com/watch?v=jFngMxfomk4

2. Wipro Chairman Says Failure Is Essential Part of Process

   https://www.youtube.com/watch?v=pSQsm33uamM

3. Women Enterpreneurs – a powerpoint presentation-Sweet .gal

http://www.authorstream.com/Presentation/sweet.gal-605145-women-entrepreneurs/                      

4.Women Entrepreneurship In India – A Successful Paradigm Shift In Female Enterprise

https://www.youtube.com/watch?v=tNwdWTUQJqc

5. Dr. Preetha Reddy Apollo Hospitals Managing Directorhttps://www.youtube.com/watch?v=JqMIqSNpmnc

6.Balaji Telefilms Limited

  http://www.balajitelefilms.com/home/

Discussion Ideas Module 1

1.  In pairs, discuss the key common traits displayed by all four entrepreneurs covered in this module

2.  What do you feel is different about entrepreneurs who are born into a family business versus those who start their own business? Discuss This in terms of personality, industries that they venture into, etc. Split into teams that support the idea that they are similar or different.

3.  What do you think is the difference between old entrepreneurial/industrialist families (Tata, Godrej) and the ones cited in this module?

4.  In groups of 2-3 pitch a business idea for the Indian market to a panel of investors with the aim of securing funding.

5.  Discussion:  E-commerce is an area in which many entrepreneurs have tried to find success in India, but have failed.  Why is this? 

6.  Role play:  Choose two investors and let the rest be entrepreneurs who pitch start-up ideas to the investors in a competition.  Investors ask questions and then need to choose their favorite team to fund.

7.  Do you think that the global financial crisis of 2007-08 has its roots in the total materialistic approach? Why was India was comparatively less affected in this crisis? 

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