Module 10

Module Ten – Rural Development Plans

ग्रामीण विकास योजनाएं

Rural Development Plans

Modernization of Villages

Module 10.1

ग्रामीण विकास योजनाएं1

गाँवों का आधुनिकीकरण


विषय-प्रवेश

आज भारत के अनेक गांवों में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है। गांवों में हुई नई पहल का असर दिखाई पड़ रहा है। अनेकानेक गांवों में शहर जैसी सुवधिाएं आ चुकी हैं। साथ ही साथ लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। गांव-गांव सड़कें पहुंच गई हैं और आधारभूत सुविधाओं का लगातार विकास हो रहा है। गांव-गांव में न सिर्फ़ बैंक खोले जा रहे हैं बल्कि डाकघरों को भी बैंक के रूप में विकसित किया जा रहा है। आज कच्चे मकानों से भी हैलो की आवाज सुनाई पड़ती है। खेत-खलिहान से ही किसान संचार क्रांति के ज़रिए अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

भारत गांवों में  बसता है। गांवों  में जब तक शहरों  जैसी सुविधाएं विकसित नहीं की जाएँगी, तब तक समग्र भारत का विकास नहीं होगा, यह अवधारणा थी महात्मा गांधी की। महात्मा गांधी की इस अवधारणा को केन्द्र सरकार ने आत्मसात किया और ग्रामीण भारत के विकास के लिए कई नये प्रयोग किये। विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास को गति देने के लिए एक के बाद एक नई योजनाएं लागू कीं।

भारत के गांव प्रगति के पथ पर

          जुलाई और नवम्बर 2008 में महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि मोबाइल ने किसानों की मानो हर समस्या का समाधान कर दिया है। राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जहाँ फल-फूल और सब्जी व मसालों की पैदावार बढ़ी है वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत अनाज एवं दालों का उत्पादन बढ़ा है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून और शिक्षा का अधिकार जैसे कानून के लागू होने के बाद न सिर्फ शैक्षिक विकास को गति मिली है बल्कि बेरोजगारी की दर में भी गिरावट आई है,उन्हें गांव में ही अपने घर के आस-पास रोज़गार मिल रहे हैं।

          एक तरफ संचार क्रांति का सपना साकार हुआ तो दूसरी तरफ पंचायती राज की अवधारणा पूरी हुई। आज जो पंचायती राज एक्ट हमारे सामने हैं, उसमें महात्मा गांधी से लेकर जयप्रकाश नारायण की परिकल्पना समाहित है। दोनों की मान्यता थी कि पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया जाए।

          पहली हरितक्रांति को अब तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान देश की जनसंख्या भी बढ़ी है और लोगों  की जरूरतें भी। ग्रामीण इलाके में बिजली,पानी,स्वास्थ्य-सेवाएं,संचार,शिक्षा,सड़कें, रोज़गार आदि के साधन बढ़ रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि गाँवों से पलायन थम रहा है। देश की सभी पंचायतों को इंटरनेट से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां रेलवे आरक्षण से लेकर किसानों को मौसम तक की जानकारी मिल सकेगी। अभी शुरुआती दौर में ढाई लाख केंद्र खोले जा रहे हैं, जबकि वर्ष 2014 तक हर पंचायत में ऐसा ही एक केन्द्र हो जाने की आशा है। डाकघरों को बैंक बनाने का सपना जल्द पूरा होने के आसार हैं। भारतीय डाक विभाग देश के 2007 डाकघरों में कोर बैंकिंग प्रणाली जल्द शुरू होने वाली है या अब तक हो चुकी है। इस प्रणाली के शुरू होने के बाद आप अब डाकघरों की बचत योजनाओं में अपना पैसा देशभर के किसी भी डाकघर से निकलवा या जमा करवा सकते हैं।

संचार क्रांति का सच होता सपना

                   संचार क्रांति का सपना अब सच होता नजर आ रहा है। अनेक गांवों में संचार से जुड़ी करीब-करीब हर सुविधा पहुंच गई है। संचार क्रांति के इस सपने का असर यह हुआ है कि गांवों  में रोजगार के नये-नये रास्ते खुले हैं। आज भारत के गांवों में टेलीफोन,मोबाइल तो पहुंच ही गये हैं, अब गांव-गांव ब्रॉडबैंड पहुंचाने की नई पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों  में बैंकिंग, स्वास्थ्य,शिक्षा से सम्बन्धित सेवाओं का पहुंचाना आसान हो जायेगा। एक तरफ केन्द्र सरकार की ओर से ग्रामीण भारत में  संचार क्रान्ति को तेज किया जा रहा है तो दूसरी तरफ उसका असर भी दिखने लगा है। कॉल सेंटर में नौकरी के लिए अब गांव के पढ़े-लिखे युवकों को शहर की तरफ नहीं भागना पड़ेगा। गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाने पर ग्रामीण बेरोजगारों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। इन केन्द्रों में कम्प्यूटर,स्कैनर,प्रिंटर और एक तकनीकी कर्मचारी की नियुक्ति की जायेगी जहां पर गांव का आदमी किसी भी प्रकार का बिल जमा कर सकेगा। जमीन के रिकॉर्ड व भूमिखाते की भी जानकारी मिल सकेगी। इस क्रांतिकारी परिवर्तन से गाँवों के लोग बाहर की दुनिया से जुड़ेंगे और बाहर की दुनिया की चमक-दमक और नए नए उत्पाद वहां भी पहुंचेंगे – इसमें सन्देह नहीं।

उपयोगी शब्दार्थ

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इबारत f

लघु एवं कुटीर उद्योग m

आधारभूत सुविधा f

विकसित करना

खेत-खलिहान m

किसान m/f

संचार क्रांति  f

समस्या f

समाधान m

समग्र

अवधारणा f

केन्द्र सरकार m

आत्मसात करना 

ग्रामीण भारत m

सर्वेक्षण m

बागवानी f

खाद्य सुरक्षा f

शैक्षिक विकास m

बेरोजगारी f

परिकल्पना f

समाहित होना

मान्यता f

संवैधानिक दर्जा m

हरितक्रांति f

दशक m

जनसंख्या f   

साधन m

पलायन m

सुसज्जित करना

आरक्षण m

आसार m pl.

पढ़े-लिखे युवक   m pl.

नियुक्ति f

भूमिखाता m

जानकारी f

क्रांतिकारी

चमक-दमक f

सन्देह

meaning, diction

small and cottage industry

basic facility

to develop

fields & barns

farmer

communication revolution

problem

resolution

whole

concept

central government

to assimilate                    

rural India

survey

horticulture, gardening

food security

educational development

unemployment

hypothesis, supposition

to be included, consolidated

belief

constitutional status

green revolution

decade

population   

source(s), resource(s)

fleeing

to adorn

reservation

prospects

educated youth

appointment

land account

information

revolutionary

brilliance

doubt

Linguistic and Cultural Notes

1. Rural dialects of Hindi in different regions of the Hindi belt in India have structural differences. Dialects in adjacent areas have more mutual comprehensibility than dialects in regions which are further apart. All of them are structurally different from standard Hindi in multiple ways and are not always mutually comprehensible. Standard Hindi is understood widely as it is a language of wider communication and also a language studied in schools across all regions. People in rural areas differ in their Standard Hindi proficiency level depending on their exposure to it in and outside school. Rural dialects on the other hand are not always easily understood by those who have been exposed to only Standard Hindi.

2. Economic development in rural India has opened new doors for India’s big businesses. Local rural markets are small and dispersed over wide areas. New marketing challenges have emerged for India’s big corporations as they try to expand to these localized rural areas. Challenges primarily arise due to the limited reach of English in these regions, the diversity of languages and dialects across areas, and the significant difference between rural and urban cultures. The rules of advertising, marketing, and interacting with rural consumers are somewhat different, and therefore corporations have been consulting with various agencies that specialize in this area.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

बदलाव

आधारभूत

सुविधा

किसान

समाधान

सुरक्षा

मान्यता

संवैधानिक

जनसंख्या

सुसज्जित करना

पढ़े-लिखे

परिवर्तन

बुनियादी

सहूलियत            

कृषक

हल

हिफ़ाज़त

विश्वास

कानूनी

आबादी

सजाना

शिक्षित

Structurally Related Words (Derivatives)

आधार, आधारित, निराधार, आधारभूत, आधार-स्तम्भ, आधारहीन

सुविधा, सुविधाजनक

विकास, विकसित, अबिकसित, विकासशील                                          

खेत, खेती, खेतीहर

धारणा, धारक, अवधारणा                                            

केन्द्र, केन्द्रीय, केन्द्रीकरण, विकेन्द्रीकरण

गाँव, ग्राम, ग्रामीण, ग्राम्य

बाग, बागवानी                                  

रक्षा, सुरक्षा, रक्षण, रक्षक, संरक्षण, अनुरक्षण, आरक्षण

शिक्षा, शिक्षक, शिक्षिका, शिक्षण, प्रशिक्षण, शिक्षित, सुशिक्षित, अशिक्षित, शैक्षिक

रोज़गार, रोज़गारी, बेरोजगारी                                     

कल्पना, परिकल्पना, काल्पनिक, संकल्पना                                  

संविधान, संवैधानिक

दस, दश, दशक

Comprehension Questions 

1. What is the tone of this article about rural development?

a. in progress

b. planning stage

c. state of inactivity

d. sluggish state

2. Which basic amenity for villages is not mentioned in the text?

a. personal telephones

b. speedy transportation

c. job opportunities

d. modern products 

Rural Development

Module 10.2

ग्रामीण विकास – 2

ग्रामीण विकास



भारत के गांवों का आधुनिकीकरण

भारत गांवों का देश है और उसमें से लगभग आधे गांवों की सामाजिक आर्थिक स्थिति बेहद कमज़ोर है। आज़ादी के बाद से ग्रामीण जनता का जीवनस्तर सुधारने के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। इसलिए ग्रामीण विकास की ठोस एकीकृत अवधारणा गरीबी उन्मूलन के लिए सभी पंचवर्षीय योजनाओं का हिस्सा रही है। गांवों के आधारभूत ढांचे का विकास करने के लिए अनके योजनाएं बनाई गईं ताकि गांवों का आधुनिकीकरण हो और उस आधुनिकीकरण के अन्तर्गत वहां आधुनिक जीवन की सब आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए राज्यों के स्तर पर विशद सर्वेक्षण किए गए और सब प्रकार के आंकड़े एकत्र कर रिपोर्टें प्रकाशित की गईं। इन रिपोर्टों के आधार पर योजनाएं बनीं और फिर उन योजनाओं के कार्यान्वयन का काम शुरू हुआ।

मुख्य मुद्दे

·      ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का प्रावधान जैसे स्कूल,स्वास्थ्य सड़कें, विद्युतीकरण आदि।

·      ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत पेयजल उपलब्ध कराना।

  • केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के अधीन स्वच्छता के लिए मक्खी-मच्छरों का नियंत्रण
  •  ग्रामीण आवासों का आधुनिकीकरण जिसके अधीन कच्चे मकानों को पक्के मकानों में बदलना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता में सुधार।
  • सिंचाई के लिए वर्षा पर पूरी निर्भरता कम करके अन्य सिंचाई के साधनों का निर्माण।
  • ग्रामीण रोजगार योजनाओं के अन्तर्गत कृषि उत्पादकता बढ़ाकर ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • ऋण और सब्सिडी के माध्यम से उत्पादक संसाधन उपलब्ध कराना।
  • गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों और स्वयं-सहायता-समूहों के लिए सहायता प्रदान करना।

उद्देश्यों की पूर्ति निमित्त योजनाएं

  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)
  • स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना
  • प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना
  • इन्दिरा आवास योजना
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
  • संपूर्ण स्वच्छता अभियान
  • राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण का कार्यक्रम
  • एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम

भारत-निर्माण का बृहद् कार्य

क्योंकि भारत में तीन चौथाई लोग गांवों में रहते आए हैं इसलिए गांवों की विकास-योजनाओं को भारत-निर्माण की संज्ञा दी गई। इन योजनाओं पर अधिकाधिक ध्यान देने के लिए और इस महत्कार्य के कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार का एक स्वतंत्र मंत्रालय है जिसका नाम ही है – ग्रामीण विकास मन्त्रालय। मन्त्रालय के अधीन विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन पर पूरी निगरानी रखने के लिए अनेक निगरानी एजंसियां भी बनाई गई हैं। इन विकास-कार्यों के विचार-विमर्श में स्थानीय लोगों को शामिल किया जाता है, उनके विचारों को महत्व दिया जाता है और स्थानीय परियोजनाओं के लिए धन का प्रबंध किया जाता है। आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष रूप से आदिवासी विकास समिति भी बनाई गई है। इन सबके अतिरिक्त सैंकड़ों स्वयंसेवी संस्थाएं भी गांवों में शिक्षा, चिकित्सालय और पेयजल की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं। इन स्वयंसेवी संस्थाओं में प्रवासी भारतीय भी अपने अपने गांवों का मानो ऋण चुकाने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं।

ये सब साधन और संसाधन जुटने के बाद भी आज हज़ारों गांव ऐसे हैं जहां लगता है कि विकास के किसी पक्ष ने उसको छूआ तक नहीं और जहां गांव वालों की ग़रीबी देखकर दिल दहलता है। लेकिन यह भी सत्य है कि ज्यों ज्यों गाँवों का आधुनिकीकरण होगा त्यों त्यों नगरों की सब सुविधाएं वहां पहुंचेंगी।

उपयोगी शब्दार्थ

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आधुनिकीकरण m       

सामाजिक आर्थिक स्थिति f    

जीवन-स्तर m

ठोस एकीकृत अवधारणा

गरीबी उन्मूलन   m

पंचवर्षीय योजना f

आधारभूत ढांचा f

विशद सर्वेक्षण m

आंकड़े m pl.

एकत्र करना

कार्यान्वयन m

मुख्य मुद्दे m pl.

प्रावधान m

जल आपूर्ति कार्यक्रम m

पेयजल m

स्वच्छता f

नियंत्रण m

आवास m

कृषि उत्पादकता f

सिंचाई f

निर्भरता f

ऋण m

उद्देश्य m

अभियान m

भू-अभिलेख m

प्रबंधन m

बृहद् कार्य m

महत्कार्य m

मन्त्रालय m

निगरानी f

विचार-विमर्श m

स्वयंसेवी संस्थाएं f pl.

चिकित्सालय m

समर्पित

प्रवासी भारतीय m/f

साधन m

संसाधन m

दिल दहलना

modernization          

socio-economic situation   

standard of living

solid unified concept

poverty abolition

five-year plan

basic structure

elaborate survey

statistics

to gather

implementation

main issues

provisions

water supply program

drinking water

cleanliness

control

residence

agricultural productivity

irrigation

depedance

loan

objective

compaign

land records

management

big task

big task

ministry

supervision

discussion

voluntary organizations

hospital

dedicated

non-resident Indians

sources

resources

heart-rending

Linguistic and Cultural Notes

1. Words like जीवनस्तर, आधुनिकीकरण, उन्मूलन, आधारभूत, कार्यान्वयन, प्रावधान, संसाधन, अधिनियम, etc, are not likely to be comprehensible to most people in rural areas. Such words are not part of ordinary conversation and such vocabulary is not assimilated without formal exposure. Although exposure to media has made some difference, yet  there still seems to be a wide linguistic gap between colloquial spoken and formal language.

2. Over the last three decades the rural development schemes of the central and state governments have had limited impact. The reasons for this range from the enormity of the problem to political corruption. However, many NGOs and micro-financing schemes have been helpful. The Narendra Modi government is currently focusing on developing basic facilities in every village.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

जीवन

एकत्र

स्वच्छता

नियंत्रण

आवास

कृषि

ऋण

उद्देश्य

चिकित्सालय

ज़िंदगी

एकत्रित, इकट्ठा

सफ़ाई

काबू

घर

खेती

उधार, कर्ज़

लक्ष्य

अस्पताल

Structurally Related Words (Derivatives)

आधुनिक, आधुनिकता, आधुनिकतम, अत्याधुनिक, आधुनिकता, आधुनिकीकरण                    

समाज, सामाजिक

अर्थ, आर्थिक, अर्थशास्त्र   

मूल, -मूलक, समूल, मूलतः, उन्मूलन

आधार, आधारित, निराधार, आधारभूत, आधार-स्तम्भ, आधारहीन

पूर्ति, आपूर्ति, संपूर्ति

स्वच्छ, स्वच्छता

वास, आवास, वासी, प्रवासी

कृषि, कृषक

उत्पाद, उत्पादन, उत्पादक, उत्पादकता

निर्भर, निर्भरता

उद्देश्य, उद्दिष्ट

भू, भूमि

लिख, लेख, उल्लेख, उल्लेखनीय, अभिलेख

चिकित्सा, चिकित्सक,चिकित्सालय

Comprehension Questions 

1. In the process of modernization of villages, which of the following is not stated in the text?

a. means of irrigation

b. education

c. job opportunities

d. toilets in homes

2. Which of the following is not involved in rural development?

a. voluntary organizations

b.  the prime minister’s special cell

c.  Indian diaspora

d.  local residents

Employment Guarantee Rule

Module 10.3

ग्रामीण विकास योजनाएं – 3

रोज़गार गारंटी अधिनियम


योजना-परिचय

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (नरेगा) 2005 सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जो गरीबों की जिंदगी से सीधे तौर पर जुड़ा है और जो व्यापक विकास को प्रोत्साहन देता है। यह अधिनियम विश्व में अपनी तरह का पहला अधिनियम है जिसके तहत अभूतपूर्व तौर पर रोजगार की गारंटी दी जाती है।

योजना का लक्ष्य

इसका मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना। इसके तहत हर घर के एक वयस्क सदस्य को एक वित्त वर्ष में कम से कम 100 दिनों का रोजगार दिए जाने की गारंटी है। यह रोजगार शारीरिक श्रम के संदर्भ में है और उस वयस्क व्यक्ति को प्रदान किया जाता है जो इसके लिए राजी हो। इस अधिनियम का दूसरा लक्ष्य यह है कि इसके तहत टिकाऊ परिसम्पत्तियों का सृजन किया जाए और ग्रामीण निर्धनों की आजीविका के आधार को मजबूत बनाया जाए। इस अधिनियम का मकसद सूखे जंगलों के कटान, मृदा-क्षरण जैसे कारणों से पैदा होने वाली निर्धनता की समस्या से निपटना है ताकि रोजगार के अवसर लगातार पैदा होते रहें।

योजना का संक्षिप्त इतिहास

नरेगा दो फरवरी, 2006 को लागू हो गया था। पहले चरण में इसे देश के 200 सबसे पिछड़े जिलों में लागू किया गया था। दूसरे चरण में वर्ष 2007-08 में इसमें और 130 जिलों को शामिल किया गया था। शुरुआती लक्ष्य के अनुरूप नरेगा को पूरे देश में पांच सालों में फैला देना था। बहरहाल, पूरे देश को इसके दायरे में लाने और माँग को दृष्टि में रखते हुए योजना को एक अप्रैल 2008 से सभी शेष ग्रामीण जिलों तक विस्तार दे दिया गया है।

योजना का कार्यान्वयन
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) को तैयार करना और उसे कार्यान्वित करना एक महत्त्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा गया है। इसका आधार अधिकार और माँग को बनाया गया है जिसके कारण यह पूर्व के अन्य कार्यक्रमों से भिन्न हो गया है। अधिनियम के बेजोड़ पहलुओं में समयबद्ध रोजगार गारंटी और 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान आदि शामिल हैं। इसके अंतर्गत राज्य सरकारों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे रोजगार प्रदान करने में कोताही न बरतें क्योंकि रोजगार प्रदान करने के खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र वहन करता है। इसके अलावा इस बात पर भी जोर दिया जाता है कि रोजगार शारीरिक श्रम आधारित हो जिसमें ठेकेदारों और मशीनों का कोई दखल न हो। अधिनियम में महिलाओं की 33 प्रतिशत श्रम भागीदारी को भी सुनिश्चित किया गया है।

2007-08 में 3.39 करोड़ घरों को रोजगार प्रदान किया गया और 330 जिलों में 143.5 करोड़ श्रम-दिवसों का सृजन किया गया। कार्यक्रम की प्रकृति ऐसी है कि इसमें लक्ष्य स्वयं निर्धारित हो जाता है। इसके तहत हाशिए पर रहने वाले समूहों जैसे महिलाओं और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की भारी भागीदारी रही। बढ़ी हुई मजदूरी दर ने भारत के ग्रामीण निर्धनों के आजीविका संसाधनों को ताकत पहुंचाई। निधि का 68% हिस्सा श्रमिकों को मजदूरी देने में इस्तेमाल किया गया। निष्पक्ष अध्ययनों से पता चलता है कि निराशाजन्य प्रवास को रोकने, घरों की आय को सहारा देने और प्राकृतिक संसाधनों को दोबारा पैदा करने के मामले में कार्यक्रम का प्रभाव सकारात्मक है।

ग्रामीण सरंचनात्मक ढांचे पर प्रभाव

ग्रामसभाओं और पंचायती राज संस्थाओं को योजना व कार्यान्वयन में अहम भूमिका प्रदान करके विकेन्द्रीकरण को मजबूत बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गहराई के साथ चलाने में नरेगा महत्त्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2007-08 के दौरान नरेगा के अंतर्गत जो 15,856.89 करोड़ रुपए कुल खर्च किए गए, उसमें से 10,738.47 करोड़ रुपए बतौर मजदूरी 3.3 करोड़ से ज्यादा घरों को प्रदान किए गए। 2006-07 में लगभग आठ लाख कार्यों को शुरू किया गया जिनमें से 5.3 लाख जल संरक्षण, सिंचाई, सूखा निरोध और बाढ़ नियंत्रण कार्य थे। 2007-08 में 17.8 लाख कार्य शुरू किए गए जिनमें से 49% जल संरक्षण कार्य थे जो ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के प्राकृतिक संसाधन आधार के पुनर्सृजन से संबंधित थे। 2008-09 में जुलाई तक 14.5 लाख कार्यों को शुरू किया गया।

पारदर्शिता और जनता के प्रति उत्तरदायित्व

सामाजिक लेखाजोखा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का महत्त्वपूर्ण पक्ष है। नरेगा के संदर्भ में सामाजिक लेखाजोखा में निरंतर सार्वजनिक निगरानी और परिवारों के पंजीयन की जांच, जॉब-कार्ड का वितरण, तारीख डाली हुई पावतियों को जारी करना, काम के लिए दरख्वास्तों की प्राप्ति, दरख्वास्त देने वालों को रोज़गार देना, मौके की निशानदेही करना, व्योरा तैयार करना परियोजना के अंतर्गत  कार्य-निष्पादन, मास्टर रोल, बेरोज़गारी भत्ते का भुगतान, मज़दूरी का भुगतान शामिल हैं।
वित्तीय दायरा

निर्धन ग्रामीण परिवारों को सरकारी खजाने से भारी धनराशि मुहैया कराई जा रही है जिसके आधार पर मंत्रालय को यह अवसर मिला है कि वह लाभान्वितों को बैंकिंग प्रणाली के दायरे में ले आए। नरेगा कामगारों के बैंकों व डाकघरों में बचत खाते खुलवाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया जा चुका है।

सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल
मजदूरी के भुगतान की गड़बड़ियों और मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दूरभाष आधारित बैंकिंग सेवाएं शुरू करने का निर्णय किया है जो देश के सुदूर स्थानों पर रहने वाले कामगारों को भी आसानी से उपलब्ध होगी। बैंकों से भी कहा गया है कि वे स्मार्ट कार्ड और अन्य प्रौद्योगिकीय उपायों को शुरू करें ताकि मजदूरी को आसान और प्रभावी ढंग से वितरित किया जा सके।

उपयोगी शब्दार्थ

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कार्यान्वित करना

अधिनियम m

प्रोत्साहन m

अभूतपूर्व

आजीविका सुरक्षा f

परिसंपत्ति f

सृजन m

आधार m

मृदा-क्षरण m

बहरहाल

कार्यान्वयन m

बेजोड़ पहलू m

समयबद्ध

प्रोत्साहित करना

कोताही f

प्रकृति f

हाशिए पर रहने वाले समूह m pl.

निष्पक्ष अध्ययन  m

निराशाजन्य प्रवास m

सकारात्मक

सरंचनात्मक

अहम भूमिका f

विकेन्द्रीकरण m

लोकतांत्रिक प्रक्रिया f

जल संरक्षण m

सूखा निरोध m

बाढ़ नियंत्रण कार्य m

प्राकृतिक संसाधन m

आधार m

पुनर्सृजन m

पारदर्शिता f

उत्तरदायित्व m

लेखाजोखा m

पंजीयन m

दरख्वास्त f

पावती f

निशानदेही f

कार्य निष्पादन m

दूरभाष आधारित

to implement

regulation

encouragement

unprecedented

livelihood security

asset

creation

basis

soil-erosion

by the way

implementation

unique aspect

timebound   

to encourage

shortage

nature

(socially) marginal groups

impartial study

migration from disappointment

positive

constructive

important role

decentralization

democratic process

water saving

drought blocking

flood control work

natural resources

base

re-creation

transparency

responsibility, answerability

record

registration

application letter

receipt

demarcation, act of pointing out

work accomplishment

telephone-based

Linguistic and Cultural Notes

1. Grammatical agreement in Hindi is of two kinds.  Adjectives agree with nouns for gender, number, and case, while verbs agree with nouns in gender and number. Thus the gender of every noun has to be learned. Since gender is mostly arbitrary, there are no short cuts available.

2. NAREGA started with a grand mission but several studies demonstrate that it failed to make the kind of impact that the government was expecting from it. There are many studies with empirical critiques of this Program.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

आजीविका

आधार

बेजोड़

प्रकृति

अहम

उत्तरदायित्व

दरख्वास्त

रोज़ी

बुनियाद

अद्वितीय, अद्भुत

कुदरत

महत्वपूर्ण

ज़िम्मेवारी, ज़िम्मेदारी

आवेदन पत्र

Structurally Related Words (Derivatives) 

कार्य, कार्यकारी, कार्यकर्ता, कार्यकारिणी, कार्यान्वयन, कार्यान्वित

नियम, नियमित, नियामक, अधिनियम, विनियम

उत्साह, उत्साही, उत्साहवर्धन ,उत्साहवर्धक, उत्साहजनक, प्रोत्साहन, प्रोत्साहित

जीविका, आजीविका

रक्षा, सुरक्षा, रक्षण, रक्षक, संरक्षण, अनुरक्षण, आरक्षण

सृजन, सर्जन

आधार, आधारित, निराधार, आधारभूत, आधार-स्तम्भ, आधारहीन

पक्ष, पक्षधर, निष्पक्ष, त्रिपक्षीय

आशा, निराशा, निराशाजन्य

केन्द्र, केन्द्रीय, केन्द्रीकरण, विकेन्द्रीकरण

लोकतंत्र, लोकतंत्रीय, लोकतांत्रिक

Comprehension Questions 

1.  Based on the text, which of the following is not addressed in the NAREGA plan?

a. employment opportunities

b. creation of stable assets

c. soil erosion

d. vocational eduction

2. What is the major obligation of state governments in NAAREGA’S implementation?

a. providing funds

b. plan implemention

c. overseeing implementation

d. providing rights awareness 

E-Administration & Rural Environment

Module 10.4

ग्रामीण विकास योजनाएं – 4

ई-प्रशासन और  ग्रामीण परिवेश


ई-प्रशासन सरकार एवं नागरिकों के मध्य सम्पर्कसेतु का कार्य करता है, इसके माध्यम से शासन की नीतियां, कार्य योजनाएं और महत्वपूर्ण सूचनाएं सीधे आम जनता तक पहुंचती हैं। सूचना संचार प्रौद्योगिकी के द्वारा भारतीय आर्थिक जगत को गति मिली है। ई-प्रशासन के लिए भारत सरकार अरबों रुपए व्यय कर रही है, महज़ इसलिए कि ग्रामीण भारत के निर्धन लोगों को उनकी निर्धनता, निरक्षरता, कुपोषण, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से निजात मिल सके। इस सन्दर्भ में ई-प्रशासन काफ़ी हद तक कारगर साबित हुआ है। ग्रामीण भारत में जो सकारात्मक विकास एवं परिवर्तन हो रहे हैं, उसमें ई-प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है।

ई-प्रशासन के लाभ

भारत में ई-प्रशासन से लाभ को दो रूपों में देखा जा सकता है – आर्थिक लाभ और सामाजिक लाभ। आमतौर पर ग्रामीण वर्ग के युवाओं को रोजगार देकर, किसानों को उनकी उपज की बेहतर कीमत देकर और उत्पादन में आई कमी को रोक कर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसके अन्तर्गत ग्रामीण भारतीय किसान ई-प्रशासन का ज्ञान प्राप्त कर कृषि, स्वास्थ्य, मौसम का पूर्वानुमान, फसल-प्रणाली, शिक्षा, वित्त एवं बीमा और सरकारी निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी आदि की जानकारी से लाभ प्राप्त करता है।

भारत में सूचना संचार प्रौद्योगिकी के कुछ उदाहरण

ई-चौपालइसकी स्थापना जून 2000 में आईसीटी के कृषि व्यवसाय प्रभाग ने की थी। इसकी रूपरेखा छोटे-छोटे खेतों, कमजोर बुनियादी ढांचों और बिचौलियों की भागीदारी के लक्षणों से युक्त भारतीय कृषि की अनूठी विशेषताओं से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई थी। किसानों को दलालों और बिचौलियों की अवसरवादी कार्य प्रणाली से बचाने के लिए यह उन्हें कृषि-यंत्र, मौसम, फ़सल और अन्य सम्बन्धित विषयों के बारे में सूचनाएँ  प्रदान करता है। परियोजना किसी किसान का वित्तीय विवरण नहीं रखती। ई-चौपाल की गुमटियों में अनेक भाषाओं में किसानों को बाजार की ताजा जानकारी मुहैया कराई जाती है। साथ ही यह बहुमूल्य सुझाव और परामर्श प्राप्त कर दोतरफ़ा संप्रेषण की सुविधा भी प्रदान करता है। परियोजना से 8 राज्यों (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखण्ड) में फैली अपनी 6,500 गुमटियों के माध्यम से 40 हजार से भी अधिक गांवों के 40 लाख से अधिक किसानों ने लाभ उठाया है। ई-चौपाल को अनेक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके है।

जागृतिजागृति का शुभारंभ मार्च 2003 में हुआ। यह ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि, वित्त, यात्रा और ई-प्रशासन से लेकर संचारसेवा तक सूचना प्रदान करती है। समूची प्रणाली अविलंब किसी भी भाषा में बदली जा सकती है। जागृति जनसाधारण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग का एक माध्यम है। मार्गदर्शन, सूचना और कृषि सम्बन्धित जानकारियां देने के अलावा यह केन्द्र राजस्व अर्जित करने के लिए  मोबाइल फ़ोन और बस टिकट की बिक्री, बीमा, पैसे का हस्तांतरण और अन्य सेवाऐं भी प्रदान करता है। जागृति नेटवर्क के जरिए ई-मेल को घर तक पहुंचाने का काम भी होता है। प्रत्येक केन्द्र के लिए क्षेत्र के शिक्षित युवा अथवा पूर्व-सैनिकों को विक्रय अधिकार (फ्रैंचाइज़) दिया जाता है और प्रत्येक केन्द्र लगभग 30 हजार लोगों की सेवा करता है। इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य करीब 1,000 ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करना भी है।

ई-उत्तरांचल – परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य के लोगों को एक दूसरे के निकट लाना है ताकि वे संस्कृति, परंपरा, समाचार और पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे पूर्वजों के विचारों के बारे में अपनी राय का आदान प्रदान कर सकें। इस वेबसाइट पर बड़े शहरों के साथ साथ छोटे गांवों की बैठकें भी आयोजित की जा सकती है। दूरदराज़ के गांवों में जनजागरण सभाएंआयोजित की जाती है। यह अपेक्षा की जाती है कि उत्तराखंड के लोग न केवल अपने राज्य बल्कि पूरे देश और यहां तक कि समस्त विश्व से जुड़ सकेंगे।

टेली मेडिसिन – अपोलो अस्पताल इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण भारत के लाखों लोगों को उच्चस्तरीय विशेषज्ञता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करता है। टेली-मेडिसिन का तात्पर्य डॉक्टरों से दूर रहने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएँ  प्रदान करने के लिए आई.सी.टी. (इनफ़ार्मेशन कम्युनिकेशन टेकनालोजी) का उपयोग करना है। मेड-इंटेग्रासॉफ्टवेयर का उपयोग कर मरीज और विशेषज्ञ डॉक्टर एक दूसरे को देखते हुए बातचीत कर सकते है।

आकाश गंगा – यह परियोजना गुजरात की डेयरी सहकारी समिति चला रही है। परियोजना में डिस्क (डी.आई.एस.के. – डेयरी सूचना सेवा में कियोस्क) के उपयोग के जरिए दूध व्यवसाय के सभी कार्यों को एक साथ जोड़कर ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों की सहायता के लिए आई.सी.टी. का उपयोग किया जाता है। आकाशगंगा से गुजरात सहित 8 राज्यों के 34 जिलों में 1000 से अधिक गांवों के करीब 2 लाख लोग लाभ उठा रहे है। यह अपने एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में कारोबार का विवरण भरकर समूची जानकारी जनता को उपलब्ध कराता है। इस परियोजना को भारत में और विदेशों में कई सम्मान और पुरस्कार मिले हैं।

उपर्युक्त के अतिरिक्त अनेक दूसरे माध्यम भी प्रयोग में लाए जा रहे हैं।

इन परियोजनाओं से आई.सी.टी. ग्रामीण भारत में उत्पादकता को बढ़ावा दे रही है। स्थानीय लोगों के प्रश्नों का समाधान कर कृषि एवं बाजार आदि से जुड़ी महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सूचनाओं को सुलभ कराने जैसे अनेक कार्यों के जरिए आई.सी.टी. ग्रामीण क्षेत्रों का परिदृश्य बदलने का काम कर रही है। इन परियोजनाओं को पारदर्शिता और स्वभाविकता लाने वाले साधन के रूप में किया जा रहा है।

उपयोगी शब्दार्थ

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

सम्पर्कसेतु

आर्थिक जगत m

व्यय करना

महज़                                

निरक्षरता f 

कुपोषण m

भ्रष्टाचार m

निजात मिलना

कारगर 

सकारात्मक विकास m  

पूर्वानुमान m 

फसल-प्रणाली f

कृषि व्यवसाय प्रभाग m

बिचौलिया m/f 

लक्षण m 

दलाल m/f

अवसरवादी   

कार्य प्रणाली f

कृषि-यंत्र m

वित्तीय विवरण m

गुमटी f

परामर्श  m

अविलंब 

जनसाधारण m pl.

राजस्व m   

अर्जित करना

हस्तांतरण m  

संस्कृति  f

परंपरा  f  

पीढ़ी दर पीढ़ी f  

पूर्वज     m pl. 

दूरदराज़   

जनजागरण सभाएं f pl. 

उच्चस्तरीय विशेषज्ञता f         

तात्पर्य m 

उपर्युक्त  

समाधान m    

contact bridge

economic world

to spend

only                                                                                        

illiteracy

malnutrition

corruption

to get rid of

effective

positive development

forecast

crop style

agriculture business department

mediator

signs

broker

opportunist

work style

agriculture machinery

financial description

a small structure

consultation

withour delay

common people

revenue

to earn

transfer (to another person)

culture

tradition

generation after generation

ancestor

far flung

wake-up meetings

high level expertise

central idea

above-mentioned

resolution

Linguistic and Cultural Notes

1. The vocabulary of Hindi has five sources: the established vocabulary base of Hindi, Sanskrit, Hindi regional dialects , Urdu/Perso-Arabic, and English. This composite nature of the language is a direct reflection of the composite culture of Indian society. Sanskrit provides linguistic tools for coining new words, English provides modern technical and professional terms,the use of Urdu is triggered by a sense of inclusion, and words from regional dialects come naturally from in Hindi writings by regional authors.

2. The spread of technology to remote areas is one of the top priorities of the current government, and this spread of technology also includes the use of Hindi and regional languages on computers.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

सेतु

जगत

व्यय

महज़

कारगर

बिचौलिया

लक्षण

अवसरवादी

प्रणाली

अविलंब

अर्जित करना

उपर्युक्त

समाधान

पुल

संसार, दुनिया, विश्व

खर्च

केवल, सिर्फ़

प्रभावी

मध्यस्थ

चिह्न

मौका-परस्त

पद्धति

जल्दी, शीघ्र, तुरंत

कमाना

उपरोक्त

हल

Structurally Related Words (Derivatives)

अक्षर, साक्षर, साक्षरता, निरक्षर, निरक्षरता

पोषण, पोषक, कुपोषण

विकास, विकसित, अविकसित, विकासशील

भाग, विभाग, प्रभाग, भागीदारी

बीच, बिचौलिया

दलाल, दलाली

परामर्श, परामर्शदाता

विलंब, अविलंब

हस्त, हस्तांरण

संस्कार, संस्कृति, सांस्कृतिक, संस्कृत, सुसंस्कृत

पूर्व, पूर्वज

दान, अनुदान, आदान, प्रदान, आदान-प्रदान

Comprehension Questions

1. Which of the following statement about e-governance is the closest to the text?

a. It has modernized the rural areas drastically.

b. It has changed the administrative dynamics in India

c. It is a paper-less revolution in information sharing.

d. It connects people with people in meaningful ways.

2. Which benefit from e-governance is not stated in the text?

a. boost in local economy

b. informed farming

c. accounts transparency

d. formal online education

Supplementary Materials Module 10

Reading

1.ग्रामीण-नगरीय विभाजन की मुख्य  विशेषता 

http://www.brandbihar.com/hindi/literature/amit_sharma/gramin_nagariye_vibhajan.html

.2.‘  स्वाभिमान’ – वित्तीय समावेश के द्वारा बदलता ग्रामीण भारत – I.A.S. RAHMANI STUDY

http://iasrahmanistudy.blogspot.com/2012/08/blog-post_4092.html

3.ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए रेशम कीट पालन

http://www.starnewsagency.in/2011/02/blog-post_21.html

4.गौ आधारित ग्रामीण विकास हेमंत दुबे

http://www.pravakta.com/cow-based-rural-development-hemant-dubey

5.The-process-of-modernisation-in-india-

http://www.yourarticlelibrary.com/india-2/the-process-of-modernisation-in-india-essay/4405/

6.Modernization-of-indian-villages

http://www.southasiabooks.com/modernization-of-indian-villages-p-71794.html

Listening

1.   Is MGNREGA creating jobs or killing entrepreneurship?

http://www.ndtv.com/video/player/money-mantra/is-mgnrega-creating-jobs-or-killing-entrepreneurship/264797

2.i village amalaguda solar power instlallation 0005

http://www.youtube.com/watch?v=TmKLxRqNdG8

3.Rural electrification in India – Rajiv Gandhi Grameen Vidyutikaran Yojn

http://www.youtube.com/watch?v=I6LBZODKRkQ

4.Impact of Technology on Reducing Poverty and Alleviating Social issues in India

http://www.youtube.com/watch?v=3JQy9U9YPUg

5.Rajesh Bhat – Transforming illeterate villagers to BPO employees

http://www.youtube.com/watch?v=f3grmdQNNMU

6.Saloni Malhotra: Taking opportunities to the villages of India.
http://www.youtube.com/watch?v=FSb6PU-mCCg

Discussion Ideas Module 10

1.  In groups brainstorm a social enterprise idea that could accelerate rural development in India. Present a brief description of the idea to the class.

2.  Debate whether the government should pursue rural development or instead encourage urbanization (rural to urban migration). What are the pros and cons of each?

3.  Pitch an idea to bring surplus electricity (electricity available in cities and going unused) from cities to rural India. Act this out with one person being the entrepreneur whose invention will allow electricity transfer from the city to villages when the city is not using it, and the other person should be a high-level government official who is going to provide him with government funds and permission to build and install this device, but will question him thoroughly first.

4.  How will the internet bring prosperity to the rural parts of India? Develop and discuss strategies for how India can use the internet to bring more money into the remote parts of India which are generally disconnected from major cities and the rest of the world.

5.  Role play:  Have one person play the role of a farmer, and the other person a government official interested in building a dam for an energy project.  Debate the positive and negative consequences of the project for rural development.

6.  Infrastructure remains the biggest challenge in rural development.  Design a proposal for a private-sector backed rural infrastructure project and present it to the group.

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