Module 7

Module Seven – Case-Studies

केस-स्टडीज़

Case-Studies

Indian Life Insurace Corporation

Module 7.1

केस-स्टडीज़ – 1

भारतीय जीवन बीमा निगम

 


परिचय

भारतीय जीवन बीमा निगम ने वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर लाखों लोगों की दुनिया गुलज़ार कर दी और उनको ऐसी सुविधाएँ प्रदान की हैं जो उनकी हर ज़रूरत को पूरा करती रहेंगी इसने उनके रहने का तरीक़ा ही बदल दिया। सन् 2000 तक भारतीय जीवन बीमा निगम एक अकेली ऐसी कंपनी थी जो जीवन बीमा की सुविधा प्रदान करती थी। इसके 8 लाख एजेंट्स पूरे देश में काम को सँभालते थे और उन्होंने वितरण के लिए एक बहुत सफल नेटवर्क बनाया था। 2007 तक देश में इंश्युरेन्स कंपनी के एजेंट्स का 25 लाख का मजबूत आधार बन चुका था। इनमें 11 लाख के करीब भारतीय जीवन बीमा निगम के ही थे बाकी 14 लाख अन्य सभी निजी कंपनियों के।

कंपनी के बीमा एजेंट्स

भारत में यह चिंताजनक स्थिति थी कि उन दिनों बीमा आसानी से कोई करवाता नहीं था इसलिए एजेंट्स अगर अतिरिक्त मेहनत न करें तो उनकी कोई पहचान बननी मुश्किल होती थी। भारतीय जीवन बीमा निगम अपने एजेंट्स बढ़ाना चाहती थी पर हर वर्ष काम छोड़नेवालों की संख्या बढ़ रही थी क्योंकि वे अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर पा रहे थे। भारतीय जीवन बीमा निगम चाहती थी कि उस के एजेंट्स साल में कम से कम 12 इंश्योरेंस पॉलिसीज़ अवश्य बेचें। बाज़ार में कंपनी हर साल जिन 100 बीमा एजेंट्स की  भर्ती करती थी उनमें से पहले पाँच वर्षों में केवल 20-25 ही रुक पाते थे।

जीवन बीमा निगम की कार्यपद्धति

सच पूछिए तो अभी भी कुछ लोग ही बीमा के व्यवसाय को पूर्णकालिक व्यवसाय बनाना चाहते हैं। अधिकांश युवा इसे एक अच्छी नौकरी पाने के लिए एक सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करते हैं। इस प्रवृत्ति को कम करने के लिए निगम एक नई योजना लेकर आई जिसमें वे अपने एजेंट्स को थोड़ी और मुहलत देने लगे। पहले जहाँ उन्हें एक साल में न्यूनतम लक्ष्य पूरा करना होता था वहीं अब उन्हें तीन साल का समय दिया जाने लगा। अर्थात् जहाँ उन्हें एक साल में 12 बीमा कराने पड़ते थे वहाँ अब उनका लक्ष्य तीन साल में 36 बीमा का हो गया। इसके पीछे तर्क यह था कि अगर कोई नया कर्मचारी पहले साल में यह लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाता तो वह इसे तीन साल में मेहनत करके प्राप्त कर सकता है।

उस विकास अधिकारी के लिए (जो बीमा निगम एजेंट्स के काम देखता था) यह एक  प्रकार की प्रेरणा  थी कि उसके एजेंट्स एक लाभप्रद स्थिति में रहें। अपने अधीनस्थ एजेंट्स को लक्ष्य प्राप्ति के लिए थोड़ा और समय और प्रेरणा देकर उनका अच्छा प्रबंधन करने के लिए यह स्थिति थी। कंपनी के पास 24,000 विकास अधिकारी हैं और प्रत्येक लगभग 40-400 एजेंट्स के काम को देखते हैं |

बाज़ार में प्रतियोगिता को बढ़ता देख कर और अपना मार्केट शेयर बचाने के लिए निगम ने सोचा कि एजेंट्स की गुणवत्ता में और वृद्धि की जाए। इसके लिए एक  योजना के तहत प्रमुख बीमा सलाहकार का एक पद सृजित किया गया। इनके अनुभव का उपयोग करने की दृष्टि से कंपनी अपने सेवा-निवृत्त कर्मचारियों का भी इस्तेमाल करने लगी। इसी प्रकार अन्य निजी कंपनियाँ भी अपने सेवा-निवृत्त कर्मचारियों का लाभ उठा रही थीं। इस प्रकार वरिष्ठ और सेवा-निवृत्त एजेंट्स को प्रमुख बीमा सलाहकार बना कर एक नया अवसर दिया जाता था। उनका  काम होता था नए एजेंट्स की भर्ती करना।

2000 एजेंट्स ने प्रमुख बीमा सलाहकार बनने का विकल्प चुनानिगम ने यह योजना बनाई कि इस समय जो पहले से काम कर रहे हैं उनसे इनका टकराव न हो और इन्हें सामान्य एजेंट्स से ज़्यादा वेतन दिया जाए। 2008-9 इस योजना का पहला साल था और इसके माध्यम से कंपनी ने 1.35 लाख नए एजेंट्स अपने नेटवर्क में जोड़ लिए। इन नए एजेंट्स ने पहले ही साल में 11 लाख पॉलिसीज़ बाज़ार में बेचीं जिससे निगम को 1100 करोड़ का फ़ायदा हुआ। 2009-10 में उक्त अधिकारियों के  नेटवर्क ने 1200 करोड़ रुपए से भी ज़्यादा का प्रीमियम व्यापार निगम को दिया। अब बीमा निगम के पास 15 लाख से भी ज़्यादा एजेंट्स हैं जो लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। 

उपयोगी शब्दार्थ

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बीमा निगम m 

वित्तीय सुरक्षा f 

गुलज़ार m

निजी कंपनी f

चिंताजनक स्थिति f

अतिरिक्त मेहनत f

अपेक्षित सफलता f

कार्यपद्धति f

पूर्णकालिक 

अधिकांश

युवा m/f

प्रवृत्ति f

मुहलत f 

न्यूनतम

लक्ष्य m

तर्क m

प्रेरणा f

लाभप्रद स्थिति f 

अधीनस्थ

प्रबंधन m

विकास अधिकारी m/f            

प्रतियोगिता f 

सृजित करना 

अनुभव m 

उपयोग m

सेवा-निवृत्त

वरिष्ठ

विकल्प m

टकराव m

सामान्य 

वेतन m

माध्यम

insurance corporation

financial security

flower gardenvibrant (figuratively)

private company

worrying situation

extra labor

expected success

working style

full time

most

youth

trend, attitude

respite, break, breathing time

minimum

aim

argument

inspiration

profitable situation

subordinate

management

development officer            

contest

to create

experience

use

retired

senior

alternative

conflict

ordinary                                         

salary

medium

Linguistic and Cultural Notes

1. Sequence of Verb phrases – There are various verb collocations beyond the simple tense and aspect/modal formation of verbs. The following are examples from the lesson where such verb collocations have been used. These provide specialized aspectual meanings.

(पूरा) करते रहना (Vते – रहना) = to keep doing

बन चुकना (Verb stem – चुकना) = to be already finished

कर पाना, रुक पाना (Verb stem – पाना) = to be able to do

बनाना चाहना (Verb infinitive – चाहना) = to want to make

देने लगना, दिया जाने लगना, करने लगना (Verb infinitive – oblique लगना) = to begin to V

कराना पड़ना (Verb infinitive पड़ना) = to have to V

कर सकना (Verb stem – सकना) = can V

देख कर (Verb stem – कर) = having V (done/seen, etc.)/ after doing/seeing

2. A case study is a piece of research in which a specific aspect of an organizational activity is investigated in some detail. In Indian businesses such case studies are part of the modern business style and are almost exclusively done in English. However, very recently some studies have started appearing in Hindi also.

3.The concept of insurance is very old in India. It is mentioned in the form of contributions that should be utilized in the time of calamity. Sanskrit treatises such as manu-smriti, dharmashastras, and arthshastra have references to this concept. In modern India, insurance business was nationalized in 1956. In the year 2000, the insurance business was opened to foreign direct investment up to 26%, which was recently increased to 49%.                                                                                                

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

सुरक्षा

स्थिति 

मेहनत 

अपेक्षित

सफलता

कार्यपद्धति

युवा

लक्ष्य

प्रतियोगिता

सृजित करना

उपयोग

सामान्य

हिफ़ाज़त

हालत

परिश्रम, श्रम

आशानुकूल

कामयाबी

कार्यशैली

जवान, युवक

उद्देश्य, उद्दिष्ट

मुकाबला, स्पर्धा, प्रतिस्पर्धा, प्रतिद्वन्द्विता

सर्जन करना, उत्पन्न करना

प्रयोग, इस्तेमाल

साधारण, मामूली

Structurally Related Words (Derivatives)

वित्त, वित्तीय, वेतन, वैतनिक, अवैतनिक

अपेक्षा, अपेक्षित, अनपेक्षित, सापेक्ष, अपेक्षाकृत

अधिक, अधिकांश, अधिकता, आधिक्य

युवा, युवक, युवती

वृत्ति, प्रवृत्ति

न्यून, न्यूनता, न्यूनतम

तर्क, तर्क-वितर्क, कुतर्क, तर्क-संगत, तार्किक, अतार्किक         

लाभ, लाभांश, लाभदायक,लाभप्रद, लाभकारी

अधीन, अधीनस्थ, अधीनता

प्रबंध, प्रबंधन, प्रबंधक

अधिकार, अधिकारी, आधिकारिक, अधिकृत, प्राधिकृत

प्रतियोगी, प्रतियोगिता

उपयोग, उपयोगी, उपयोगिता     

Comprehension Questions

1. How many different ranks are mentioned within BJBN?

a. 1

b. 2

c. 3

d. 4

2. Which statement is not based on the text?

a. BJBN in the public sector competed well with private companies.

b. BJBN introduced two schemes to increase its number of agents.

c. BJBN agents did not find their jobs attractive enough to continue.

d. BJBN profits could not increase substantially over the years.

Bharat Petroleum Corp. Ltd.

Module 7.2

केस स्टडीज़ – 2

भारत पैट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटिड



परिचय

यह केस यह विवरण देने के लिए है कि भारतीय तेल की प्रमुख कंपनी भारत पैट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटिड (बी.पी.सी.एल.) के पेट्रोल-पम्प पेट्रोल के साथ साथ ग्राहकों की सुविधा का दूसरा फुटकर सामान बेचने के केन्द्रों में कैसे परिवर्तित हुए। यह मामला इस प्रकार के विस्तार के कारणों का परीक्षण करता है और कम्पनी द्वारा इन परिवर्तनों के लागू होने की प्रक्रिया का विवरण देता है।

प्रथम प्रयास

पेट्रोलपम्प व्यवसाय ने भारत में बहुत ही लम्बा और मुश्किलों भरा मार्ग तय किया है। जहाँ एक समय एक धूल-भरी अंधेरी-सी जगह पर एक अजीब से  व्यक्तित्व वाला आदमी काम किया करता था, वहीं अब वह इस सदी में वह जगह एक छोटी सी शॉपिंग मॉल में जैसे परिवर्तित हो चुकी है। बी.पी.सी.एल. भारत में तेल जगत का एक मुख्य व्यवसायी रहा है, जिसने पेट्रोल पम्प के साथ-साथ रिटेल तक के अपने हाल के परिवर्तन से ग्राहकों से बहुत प्रोत्साहन और प्रशंसा बटोरी है।

1990 के बीच में तेल जगत में एक ब्रांड विशेष की ज़रूरत महसूस की गयी। परिणामस्वरूप अपनी अलग पहचान या एक नया व्यापारिक चिह्न बनाने के लिए इस संस्था ने एक अलग तरह का मार्ग अपनाया जो ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही बनाया गया था। भारतीय तेल जगत में जो अव्यवस्था फैल रही थी वह अप्रैल 2002 से बदलने लगी और तेल जगत के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों ने महसूस किया कि उनको अब अपने ग्राहकों की ज़रूरतों पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए। इस दिशा में बी.पी.सी.एल. के प्रथम कदम का जोश के साथ स्वागत किया गया। 1990 के बीच यह नया परिवर्तन फुटकर व्यवसाय के क्षेत्र में एक मिसाल बन गया और तभी से दूसरी कम्पनियों ने भी इस दिशा में ज़्यादा दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी।

बी.पी.सी.एल. का पेट्रोलपंप के फुटकर व्यवसाय में पहला कदम अपने संयुक्त उद्यम भारत शैल लि. के माध्यम से था। शैल ने अपने पहले कन्वीनिएंस स्टोर को 1000 भिन्न भिन्न तरह के उत्पादों  के साथ बाजार में उतारा। स्टोर में खाने-पीने की चीजें, कॉपी, किताब, अखबार, मैगज़ीन, लाइट बल्ब, सी.डी., बच्चों के खिलौने आदि रखे गए और यह नया उद्यम भारतीय ग्राहकों के लिए एक सुखद अनुभव था और इसका व्यापक स्वागत हुआ। 2001 तक भारत के प्रमुख महानगरों में जहाँ भी पेट्रोल पम्प थे वहाँ साथ साथ अब रिटेल स्टोर भी खुल गए थे। बी.पी.सी.एल. अपने प्रतिद्वंद्वियों इंडियन ऑयल कार्पोरेशन और भारत पैट्रोलियम कंपनियों के मुकाबले में अब एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका था।

पृष्ठभूमि

बी.पी.सी.एल. का इतिहास 1951 में शुरू होता है जब भारत सरकार ने यू.के. की बरमा तेल कम्पनी और शैल पेट्रोलियम कंपनी के बर्मा शैल के साथ एक समझौता करके मुम्बई में एक तेल रिफ़ायनरी शुरू की। 1952 में इस समझौते ने एक वैधानिक रूप ले लिया और बरमा शैल तेल रिफ़ायनरी लि. जनवरी 1955 में  बॉम्बे में शुरू की गयी और 1962 में इस रिफ़ायनरी ने अंकलेश्वर (गुजरात) से कच्चा तेल निकालना शुरू कर दिया।

दिसम्बर 1975 में  भारत सरकार ने बरमा शैल के साथ एक अनुबंध किया और धीरे धीरे उसका सारा कार्य अपने हाथों में ले लिया फिर कम्पनी का नाम बदलकर भारत रिफ़ाइनरी कर दिया । शुरू में कम्पनी सिर्फ़ मिट्टी का तेल बेचा करती थी परंतु उसने धीरे-धीरे पेट्रोल बेचने के सर्विस स्टेशन भी शुरू कर दिए। अगस्त 1977 में  कम्पनी का नाम बदलकर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बी.पी.सी.एल.) रख दिया गया था।

बी.पी.सी.एल. में  सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब 1991 में भारत में आर्थिक सुधार लागू हुए। कम्पनी ने मार्केटिंग में एक अनुबंध किया – इंडो-बरमा पेट्रोलियम मद्रास रिफ़ाइनरी लि. और कोच्चि रिफ़ाइनरीस लि. के साथ। 1992 में सरकार ने बी.पी.सी.एल. का 30 प्रतिशत स्टॉक म्युचल फंड और आर्थिक संस्थाओं में लगा दिया था। दस रुपए के शेयर का 1,275 रुपए में खुलना सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का सर्वोच्च अंक था। बी.पी.सी.एल. मार्केट शेयर के मामले में भारत की दूसरे नंबर की तेल कंपनी बन कर उभरी।

ग्राहकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान

1992 में बी.पी.सी.एल ने अपने  ग्राहकों को सुधार-सेवा प्रदान करनी शुरू की ताकि वो अपने ग्राहकों की पसन्द और नापसन्द अच्छी तरह से जान सकें। इस सर्वेक्षण से पता चला कि ग्राहक क्रेडिट कार्ड के द्वारा सामान खरीदना चाहते थे और साथ ही यह भी कि उसी स्थान पर कोई पेय भी उपलब्ध हो। अगस्त 1995 में बी.पी.सी.एल भारत की पहली तेल कम्पनी थी जो बॉब कार्ड लि. का अनुबंधित को-ब्रैण्ड क्रेडिट कार्ड देती थी। इस कार्ड के द्वारा ग्राहक उस शहर में किसी भी पेट्रोल पम्प से पेट्रोल खरीद सकता था। इसके साथ-साथ बी.पी.सी.एल ने दूसरा अनुबंध पेप्सी कम्पनी के साथ किया जिसमें वह अपने ग्राहकों को पेप्सी कंपनी और पेप्सी सॉफ्ट ड्रिंक दोनों कम्पनियों के सभी पेय सही दामों में उपलब्ध कराते थे।

सबसे बड़ा बदलाव मार्केटिंग में तब आया था जब कम्पनी ने अपने रिटेल आउटलेट पर ज़्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया। 1990 में बी.पी.सी.एल ने 1,234 नए बिक्री केंद्र (आउटलेट्स)  खोल लिए जो उसके  बाज़ार की दृष्टि से महत्वपूर्ण थे। जुलाई 1999 तक बी.पी.सी.एल के 35 स्टोर पूरे देश में खुल चुके थे और जो “बाज़ार” के नाम से पूरे देश में सफलतापूर्वक चल रहे थे। अक्टूबर 2000 में  बी.पी.सी.एल एक  अनोखी क्रांति लेकर आया। जहाँ-जहाँ भी पेट्रोल पम्प खुले थे वहाँ-वहाँ उसके साथ मैक्डोनल्ड फास्ट फूड के आउटलेट भी खोल दिए गए। 2001 में बी.पी.सी.एल. का देश में रिटेल का एक बड़ा जाल फैल चुका था जिसमें 4500 बिक्री केंद्र (आउट्लेट्स) का  60 प्रतिशत हिस्सा कम्पनी के पास था।

स्टोर दूरसंचार सुविधा भी प्रदान करने लगे थे जिससे ग्राहक ऑनलाइन कहीं से कोई भी सामान खरीद और बेच सकते थे। एक और आधुनिक सुविधा जो बी.पी.सी.एल देने लगा था वह थी घरेलू गैस सिलेण्डर की। लोग पेट्रोल पम्प से गैस उठा सकते थे। मुख्य रूप से यह सुविधा उन शादीशुदा लोगों के लिए थी जहाँ  पति-पत्नी दोनों नौकरी  करते थे। बी.पी.सी.एल के अन्य प्रतिद्वंदियों ने भी अपने पेट्रोल पम्पों पर ध्यान देना और उनको नया रूप देना शुरू कर दिया और तेल जगत में इस बदलाव से जिसको सबसे ज्यादा फ़ायदा हुआ था वह था – ग्राहक।

उपयोगी शब्दार्थ

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विवरण m

फुटकर सामान m

केन्द्र m

परिवर्तित होना

मामला m

विस्तार m

परीक्षण m

प्रथम प्रयास m

व्यक्तित्व m

प्रोत्साहन m

प्रशंसा f

बटोरना 

परिणामस्वरूप

चिह्न m

संस्था f

अव्यवस्था f

मिसाल f 

भिन्न भिन्न

सुखद अनुभव m 

व्यापक स्वागत m 

प्रतिद्वंद्वी m/f

पृष्ठभूमि f              

वैधानिक

अनुबंध m

आर्थिक सुधार m

सार्वजनिक क्षेत्र m

सर्वोच्च अंक m

सर्वेक्षण m

पेय m

उपलब्ध

महत्वपूर्ण

अनोखी क्रांति f

दूरसंचार m

आधुनिक

description

retail goods

center

to change

matter, case

extension

test

first effort

personality

encouragement

praise

to gather

consequently

sign

institution

disorganization, disarray

example

various

comforting experience

extended welcome

contestant, competitor

background              

legislative

contract

economic reform

public sphere

highest marks

survey

drink

available

important

unique revolution

telecommunication

modern

Linguistic and Cultural Notes

1.Based on Hindi phonology, we can write English words like Shell (as in Bharat Shell Ltd.) and pet either as शैल or शेल and पैट or पेट. The first alternative is a little closer to the English pronunciation of such words. However, readers who know the correct pronunciation of English words pronounce them the English way no matter how they are represented in Hindi writing.

2. After the liberalization of economic policies in 1991, India swiftly turned to the modernization of business. Interaction with Western markets gave rise to new ideas. The introduction of computers, broadband connections, credit cards, a consumer-centered approach, and ideas based on new models of expansion in business started transforming big businesses in India.

1.  Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

परिवर्तित होना

विस्तार

प्रयास

व्यक्तित्व

प्रशंसा

परिणामस्वरूप

मिसाल 

भिन्न भिन्न

प्रतिद्वंद्वी

वैधानिक

उपलब्ध

बदलना

फैलाव

प्रयत्न, यत्न, कोशिश

शख़्सियत

तारीफ़, बड़ाई

परिणामतः, नतीजतन

उदाहरण

विभिन्न, अलग अलग

प्रतियोगी

कानूनी

प्राप्त

Structurally Related Words (Derivatives)

परिवर्तन, परिवर्तित

परीक्षा, परीक्षण, अन्वीक्षण

व्यक्ति, व्यक्तिगत, वैयक्तिक, व्यक्तित्व

चिह्न, चिह्नित 

संस्था , संस्थान

व्यवस्था, अव्यवस्था व्यवस्थापक, व्यवस्थित

मिसाल, मसलन 

भिन्न, भिन्नता, भिन्न भिन्न, विभिन्न, अभिन्न, अभिन्नता

सुख, सुखद, सुखदायी

द्वन्द्व,प्रतिद्वंद्वी, प्रतिद्वन्द्विता

विधान, वैधानिक           

Comprehension Questions

1. Which statement is based on the text?

a. BPCL was the first company to add convenience stores.

b. BPCL’s convenience store idea was originally not their own.

c. BPCL’s convenience store idea had limited success initially.

d. BPCL had many ups and downs during the course of its history.

2. How many times did BPCL change its name?

a. Once

b. Twice

c. Three Times

d. Four times

LG Electronics Pvt. Ltd.

Module 7.3

केस स्टडीज़ – 3

LG इलेक्ट्रोनिक्स प्रा. लि.

 

परिचय

LG की स्थापना 1997 में LG इलेक्ट्रोनिक्स प्रा. लि. के रूप में हुई और आज भारत में LG एक ऐसी प्रमुख कंपनी बन गई है जिसपर आज भारत का आम आदमी भरोसा कर सकता है। यह इलेक्ट्रोनिक्स, घरेलू उपकरण, जी.एस.एम. मोबाइल फ़ोन और आइ.टी. के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। यह केस हमें बताता है कि LG भारत में कैसे आया और एक विदेशी कम्पनी होते हुए भी कैसे उसने भारतीय लोगों का प्यार और विश्वास जीता।

भारत में पहला कदम

LG ने भारत में अपना कार्य 1997 में जब शुरू किया था उस समय उसके सामने सबसे बड़ी दो समस्याएँ थीं – पहली, उसको लोगों को यह विश्वास दिलाना था कि वह बाकी कोरियन कम्पनियों से कहीं ज्यादा अच्छी है और दूसरी, वितरकों को यह विश्वास दिलाना कि LG उत्पाद कहीं ज़्यादा अच्छे और विश्वसनीय हैं। मई 1997 तक उसने 5 विक्रेता शाखाएँ खोल दी थीं  और पाँच महीने के बाद 18 शाखा कार्यालयों में काम शुरू हो चुका था। पूरे भारत में अपना कार्य फैलाने में जहाँ उसको चार महीने लगे वहीं उसके प्रतिस्पर्धियों को केवल पूर्वी भारत में ही अपने पैर जमाने में साल भर लग गया।

भारतीय ग्राहक

‘‘LG  हर ग्राहक के लिए अपना उत्पाद बाजार में उतारना चाहता है, चाहे वह ग्राहक कहीं भी रहता हो। भारत के 35 नगरों में लगभग 10-10 लाख लोग रहते हैं और हर महानगर में लगभग 1 करोड़। क्योंकि आजकल ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के पास बहुत पैसा है और वे आज अच्छे से जीना चाहते हैं। जीवन के प्रति इस प्रकार की धारणा LG के लिए बहुत उत्साहवर्धक थी। क्योंकि घरेलू सामान की खरीद करने वाला है 25-30 के बीच का वर्ग, और इलेक्ट्रोनिक्स (मोबाइल और कंप्यूटर) की ख़रीद करता है 15-25 के बीच का आयुवर्ग। भारतीय जन मानस में उधार या किश्तों पर खरीद को बहुत अच्छी प्रवृत्ति नहीं माना जाता था पर  आधुनिक पीढ़ी किश्तों पर खरीद को बुरा नहीं मानती। मानसिकता में इस परिवर्तन से बाज़ार की सक्रियता में काफ़ी फर्क़ पड़ा है।   

उत्पाद की कार्यनीति

LG शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए अपने उत्पाद बाजार में लाना चाहता है – जिनके पास ज्यादा पैसा है उनके लिए भी और जिनके पास पैसा नहीं है उनके लिए भी। यह जानने के लिए ग्राहक क्या पसन्द करता है और क्या नहीं, LG ने अपने हर उत्पाद वर्ग के हिस्से को  नए मॉडल के साथ  बाजार में उतारना शुरू किया और किस उत्पाद की किस इलाके में माँग ज़्यादा है इसका भी हिसाब रखा।

LG को धीरे-धीरे यह महसूस होने लगा कि सबसे ज्यादा संभावनाएँ कस्बों या ग्रामीण क्षेत्रों में है। अभी तक इस बाजार के लिए कोई उत्पाद नहीं थे और फिर काफ़ी विदेशी कम्पनियों को तो यह पता भी नहीं था कि ये लोग किस तरह के उत्पाद पसन्द करते हैं।

2001 में LG ने सोचा कि ग्रामीण बाज़ार में उतरने के लिए थोड़ी थोड़ी दूरी पर अपने शाखा नेट्वर्क बनाए जाएँ। ये ऑफ़िस इसलिए बनाए गए कि वे अपने ग्राहकों की हर ज़रूरत को बहुत अच्छी तरह से जान सकें और अपने विक्रय अधिकारी के माध्यम से उन ग्राहकों से रिश्ता बना सकें। 2003 तक 40 शाखा-कार्यालय पूरे देश में खुल चुके थे और उन शाखाओं के 55 कार्यालय सुदूर क्षेत्रों में खुल चुके थे। 2003-04 में LG अपने मोबाइल फ़ोन और टी.वी. बाज़ार में ला चुका था। उसने लोगों  को अपनी  तरफ़ बहुत खींचा क्योंकि इसके उत्पादों की कीमतें कम थीं और आकार-प्रकार में भी ये अच्छे थे।

LG बहुत ही कम समय में पूरे भारतीय बाज़ार का एक मुख्य खिलाड़ी बन गया और भारत में उसके बहुत प्रतियोगी थे जैसे रेफ़्रिजरेटर और वाशिंग मशीन में व्हर्लपूल (Whirpool), ए.सी. और माइक्रोवेव ओवन में सैमसंग (Samsung)। इसलिए LG ने अपना पूरा ध्यान अपने उत्पादों पर लगाना शुरू कर दिया और अपने उत्पाद बाज़ार में बेचने के लिए भारत के सबसे अच्छे वितरकों की सेवाएँ लीं।

अपने शुरुआत के दिनों में LG ने बहुत किफ़ायत और सावधानी से पैसा लगाया क्योंकि भारतीय बाज़ार में वह अपने आप को एक विशेष प्रकार के वितरक के रूप में स्थापित करना चाहता था। 2000 में उसने हेल्थउत्पाद के रूप में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी क्योंकि वह अपने आप को हेल्थ प्रोडक्ट के रूप में स्थापित करना चाहता था। इसके लिए कम्पनी ने टी.वी. में गोल्डन आई की मदद ली जो अपने आप स्वतः पर्दे का रंग, प्रकाश और तीव्रता सैट करता था। इससे टी.वी. देखने वालों की आँखों की थकावट कम होती है और यह बात दर्शकों को पसंद आई। वाशिंग मशीन में एक नई व्यवस्था धागे की सुरक्षा के लिए लगाई गई और ए.सी. को बाज़ार में हेल्थ एयर के साथ उतारा जो ग्राहकों  को बैक्टीरिया मुक्त हवा देता था।

2003 में LG ने वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को प्रायोजित किया जिससे लोगों ने अपने आप को LG से ज़्यादा जुड़ा हुआ महसूस किया। प्रमोशनल गतिविधियों पर LG ने सबसे ज़्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया था। दो तरह से थीं ये प्रमोशनल गतिविधियाँ – एक दिवाली जैसे त्योहारों पर भेंट देना और दूसरी ऑफ़-सीज़न में कीमतों में कटौती करना। पर इस विज्ञापन-योजना ने LG को हिला दिया था। इसका परिणाम यह हुआ कि LG ने अपना ध्यान विज्ञापन से हटा कर विक्रय की तरफ लगाया जिसकी वजह से LG के उत्पादों की कीमत बाज़ार में कम हो गयी और इस तरह वह एक आम आदमी का ब्रांड बन गया। LG भारत के लोगों की पहली पसन्द बन गया था क्योंकि उसने बहुत करीब से जाना कि  ग्राहक उससे क्या अपेक्षा करता है और उसकी जरूरतों को कैसे पूरा किया जा सकता है। LG ने लोगों को भरोसा दिलाया ‘‘हम हमेशा लोगों को कुछ नया करके देते रहेंगे जो उनके जीवन को खुशियों से भरता रहेगा।’’

उपयोगी शब्दार्थ

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स्थापना f

भरोसा m

घरेलू उपकरण m

अग्रणी 

विश्वास m                              

समस्या f

वितरक m/f 

विश्वसनीय

विक्रेता शाखा f

प्रतिस्पर्धी m/f 

पैर जमाना

महानगर m

ग्रामीण क्षेत्र m

उत्साहवर्धक

आयुवर्ग m

जन मानस m

किश्त f  

प्रवृत्ति f

मानसिकता f

परिवर्तन m

सक्रियता f                           

उत्पाद m

कार्यनीति m

संभावना f

कस्बा m

विक्रय अधिकारी  m/f 

माध्यम m

सुदूर क्षेत्र m

आकार-प्रकार m

प्रतियोगी m/f

किफ़ायत f

सावधानी f

प्रायोजित

भेंट f

अपेक्षा f

establishment

trust

home appliance

leading

trust, confidence                              

problem

distributor

trustworthy

seller outlet (lit. branch)

competitor

to gain a foothold

metropolitan city

rural area

encouraging

age group

popular mind

installment

tendency, trend, attitude

mentality

change

activitymovement                          

product

strategy

possibility, probability

town

sales officer

medium

far-flung area

form and type

competitor, rival

thriftiness

care

sponsored

gift

expectation

Linguistic and Cultural Notes

1. The notion of logical/semantic subject is stronger and more relevant than the notion of grammatical subject in Hindi grammar. While the subject is structurally co-related with its verb, an logical subject (often a sentient being) is the doer of the action and is semantically related to the action expressed by the verb of the same sentence. However, in the current unit, when we see sentences like LG लाना चाहता है, LG को धीरे-धीरे यह महसूस होने लगा, we can infer that LG refers to the officers and people who work for the company. This notion of agent is especially useful in understanding sentences like LG को धीरे-धीरे यह महसूस होने लगा.  Here the agent  has the postposition को afer it. Sentences with a reflexive pronoun like LG को अपना (and not उसका) भविष्य उज्जवल दीखने लगा follow the reflexive pronoun rule. This rule states that if the possessive pronoun and the agent of the same sentence refer to the same person then the possessive pronoun will be the reflexive pronoun. सस

2. Korean companies jumped into the Indian market immediately after the liberalization of economic policies in 1991. South Korean companies LG, Samsung, and Hyundai are among the most successful companies in India with a strong commercial performance. South Korea is a keen investor with confidence in India’s future. Very often, Koreans who come to India for business try to learn Hindi before coming and that seems to have helped them in establishing a closer and more convivial relationship with the Indian market within a short period of time.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

भरोसा

विश्वसनीय

प्रतिस्पर्धी

ग्रामीण

परिवर्तन

कार्यनीति

विश्वास

भरोसेमंद

प्रतिद्वन्द्वी, प्रतियोगी

देहाती

बदल, बदलाव

रणनीति

Structurally Related Words (Derivatives)

स्थापना, स्थापक

घर, घरेलू

विश्वास, विश्वसनीय                               

वितरण, वितरक

विक्रय, विक्रेता, बिक्री

स्पर्धा, प्रतिस्पर्धा , प्रतिस्पर्धा

नगर, महानगर, नागरिक, नगरी

गांव, ग्राम, ग्रामीण, ग्राम्य

क्रिया, प्रक्रिया, प्रतिक्रिया, प्रतिक्रियात्मक, सक्रिय, सक्रियता, निष्क्रिय, निष्क्रियता

प्रतियोगी, प्रतियोगिता

किफ़ायत, किफ़ायती

सावधान, सावधानी

आयोजन, आयोजित, समायोजित, प्रायोजित

Comprehension Questions

1.What is true of LG Electronics?

a. least expensive

b. best in quality

c. extensive advertising

d. All of the above

2. What is not true of LG Electronics?

a. created a network of sale centers

b. extensive outreach in rural areas

c. bigger discounts to retailers

d. media advertising

Dr. Reddy Labs.

Module 7.4

केस स्टडीज़ – 4

डॉ. रेड्डी लैब्स


परिचय     

भारत में डॉ. रेड्डी लैब तीसरी सबसे बड़ी फ़र्मा कम्पनी है। इस कम्पनी के पास वे सारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं जो किसी को एक मजबूत कम्पनी बनाती हैं। थोक ड्रग से लेकर ड्रग संबंधी शोध और बायोटेक्नॉलोजी तक इसका शोध विभाग बहुत मजबूत है। इस केस-स्टडी में हम देखेंगे है कि डॉ. रेड्डी लैब ने विश्व बाज़ार  में अपनी पहचान कैसे बनाई और नित्य नई-नई तकनीकें इस्तेमाल करके दुनिया के बदलते वातावरण में अपने आप को इसके अनुरूप कैसे ढाला।  

डा. रेड्डी की दूरदृष्टि

डा. अंजी रेड्डी ने अपना कैरियर हैदराबाद के सरकारी विभाग आइ.डी.पी.एल. के क्वालिटी कंट्रोल वैज्ञानिक के रूप में शुरू किया। यह उनकी दूरदृष्टि थी जिसकी वजह से 1984 में डी.आर.एल. की स्थापना हुई। डी.आर.एल. थोक ड्रग बनाने में और आसान व शोध के अलग तरीके अपनाने में भी हमेशा अग्रणी रहा। इसमें उन्होंने कई साल और लाखों डॉलर खर्च कर दिए थे। 1990 में सिप्राफ्लैक्सिअसिन नामक थोक दवा के कारण डी.आर.एल. को बहुत प्रसिद्धि मिली।

डी.आर.एल. में सन् 2012 में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 15,200 थी, साल की कुल बिक्री 1857.4 मिलियन डालर थी, और कंपनी का कुल मुनाफ़ा 273.8 मिलियन डालर था। वर्ष 2012 में 2011 के मुकाबले में कुल कर्मचारियों की संख्या में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी थी और मुनाफ़ा भी 12.6 प्रतिशत अधिक था। कंपनी की सफलता में नेफ्रोलॉजी  और नेत्र-चिकित्साविज्ञान (ऑप्थल्मॉलॉजी) क्षेत्रों से संबंधित उत्पादों का बहुत बड़ा हाथ रहा।

आज डा. रेड्डी लैब (डी.आर.एल.) भारत में ग्लेक्सो और रैनबेक्सी के बाद तीसरी सबसे बड़ी कम्पनी है। आज डी.आर.एल. ने एक रिसर्च कम्पनी के रूप में बाज़ार में अच्छी पहचान बना ली है। आज यह बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार भारत की  20 कम्पनियों में प्रमुख स्थान रखती है। बहुत सारे उत्पादों की सूची में आज कम्पनी के अनेक प्रथम उत्पाद हैं जिनके कारण यह व्यावसायिक क्षेत्र में पहचानी जाती है।

डी.आर.एल. का सामाजिक योगदान

डा. रेड्डी ने 1994  में मानव-निर्मित मोलेक्युल में शोध की ओर कदम बढ़ाए और हैदराबाद से 20 किलोमीटर दूर अपने अंगूर के बगीचे में 1996 में डा. रेड्डी फ़ाउंडेशन (डी.आर.एफ.) की स्थापना की। यह बाद में डी.आर.एल. की नॉन-प्रॉफ़िट सह-संस्था बन गई। यह संस्थान समाज में कार्य-प्रशिक्षण, आय-संवर्धन और जन-सामान्य की जीवन-गुणवत्ता बढ़ाने के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए कटिबद्ध है।

डा. रेड्डी लैब में शोध  

रेड्डी का दूसरा सबसे बड़ा कदम था स्टैंडर्ड आर्गनिक्स का जो कंपनी उन्होंने एक व्यवसायी चन्द्रशेखर रेड्डी के साथ बनाई थी। लेकिन यह साझेदारी ज्यादा दिन नहीं चल पाई थी। उनका कहना था कि मेरा साझीदार वह करना चाहता था जो बाज़ार चाहता है, वहीं मैं बिल्कुल उलटा था। मै कुछ नया करना चाहता था जहाँ दूसरे लोग हमारा अनुकरण करें

शोध इस  कम्पनी की सबसे बड़ी ताकत और केन्द्रबिन्दु है। आज डी.आर.एल.के कर्मचारियों में 230 वैज्ञानिक हैं जिसमें 33 के पास डॉक्टरेट है। साल भर के मुनाफ़े का 2.6 प्रतिशत 26 करोड़ रुपये शोध पर खर्च होते हैं और इसको 6 प्रतिशत तक करने का विचार चल रहा हैं। इसके रिसर्च नेटवर्क में विदेशी संस्थाएँ भी हैं जैसे नोवो नॉरडिस्क, अमेरिका की नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट। भारतीय संस्थाओं में आइ.आइ.एस.सी. बैंगलोर और आइ.आइ.सी.टी. हैदराबाद हैं। शोध एक खर्चीला क्षेत्र है। डी.आर.एल. ने दो मॉलेक्युल्स की प्री-क्लिनिकल ट्रायल्ज़ पर 8 मिलियन अमरीकी डालर खर्च किए।

विदेशी बाज़ार पर नज़र

कम्पनी के ध्यान का केन्द्र अमेरिका का बाजार था। पिछले साल 750 करोड़ रुपए की डॉ. रेड्डी लैब  (डी.आर.एल.) अमेरिका की केमिनार ड्रग लि. से मिल गयी । इसका मतलब था कि अब यह कंपनी एक सही मददगार बन गयी और अमेरिका के बाज़ार में इसकी बिक्री बढ़ाने में काफ़ी सहायक साबित हुई। और तो और, समस्या-ग्रस्त अमेरिकन रिमेडीज़ लि. (ARL) में विलयन के बाद 2000-2001 में डी.आर.एल. का टर्नओवर 1,000 करोड़ रुपए हो गया। डी.आर.एल. के अध्यक्ष डा. रेड्डी का कहना है कि विदेशी कंपनियों के साथ विलयन हमको एक ताकतवर वैश्विक फर्मा कंपनी बनाता है और साथ में हर एक कदम पर एक ताकतवर शृंखला में हिस्सा लेने में समर्थ बनाता है।

डी.आर.एल. ने विदेशों में जिस किसी भी बाज़ार में अपना मार्केट बनाना चाहा वहाँ अपने उत्पादों को उस बाज़ार की जरूरतों के अनुसार स्थानीय बनाना चाहा जिससे वहाँ वह एक कदम आगे बढ़ सकें। इसके लिए उन्होंने ब्रांडेड उत्पादों से कम कीमतों वाले अपने उत्पाद बाज़ार में उतारने शुरू किए। उन्होंने  कुछ स्थानों पर स्थानीय विक्रय केंद्र भी खोले, जैसे वेनेजुएला, म्यांमार और वियतनाम जहाँ कंपनी का विक्रय एक मिलियन डालर से भी ज़्यादा हो चुका है।
उपयोगी शब्दार्थ

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

सुविधाएँ f pl.

उपलब्ध

मजबूत

शोध m

पहचान f

वातावरण m

के अनुरूप

ढालना

दूरदृष्टि  f

वैज्ञानिक

अपनाना

प्रसिद्धि f

बिक्री f

मुनाफ़ा m

बढ़ोत्तरी f

नेत्र-चिकित्सा f

व्यावसायिक

सामाजिक योगदान m

मानव-निर्मित

सह-संस्था f

कार्य-प्रशिक्षण m

आय-संवर्धन m

जन-सामान्य m pl.

जीवन-गुणवत्ता f 

सकारात्मक

सामाजिक परिवर्तन m

कटिबद्ध

साझीदार

अनुकरण करना

केन्द्रबिन्दु m

खर्चीला

मददगार

अध्यक्ष  m/f

वैश्विक

शृंखला  f

facilities

available

strong

research

recognition, identity

environment

in tune with, according to

to mold

far-sightedness

scientist

to adopt

fame

sale

profit

increase

ophthalmology

commercial, business-related

social contribution

man-made

sister organization

training for work

income enhancement

common people

life quality

positive

social change

determined

partner

to emulate, copy

focal point

expensive

helpful

president, chairman

global

chain

Linguistic and Cultural Notes

1. India, among the top five emerging pharmaceutical markets, has grown at an estimated compound annual growth rate (CAGR) of 13 per cent during FY 2009–2013. According to the report titled ‘India Pharma 2020’ by McKinsey & Co the Indian pharmaceutical market is poised to grow to US$ 55 billion by 2020 from the 2009 levels of US$ 12.6 billion.

2. Research & Development and philanthropy are standard practices and are an integral part of all large corporations. Retailers and wholesalers are not often part of this culture. Emphasis on creating new knowledge or developing new products varies from company to company. Companies that uncover new techniques command a distinct respect and credibility in the world. India is catching up with international companies in this respect.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

सुविधा

उपलब्ध

मजबूत

शोध

के अनुरूप

प्रसिद्धि

मुनाफ़ा

बढ़ोत्तरी

नेत्र

चिकित्सा

व्यावसायिक

मानव

आय

जीवन

अनुकरण

मददगार

अध्यक्ष

वैश्विक

शृंखला

सहूलियत

प्राप्त

सशक्त

अनुसंधान

के अनुसार, के मुताविक

मशहूरी

लाभ

इज़ाफ़ा

आँख, नयन

इलाज, उपचार

व्यापारिक

मनुष्य

आमदनी

ज़िंदगी

नकल

सहायक

सभापति

सार्वभौमिक

कड़ी

Structurally Related Words (Derivatives)

ज्ञान, विज्ञान, वैज्ञानिक, वैज्ञानिकता

व्यवसाय, व्यवसायी, व्यवसायक, व्यवसायिक, व्यावसायिक

शिक्षा, शिक्षक, शिक्षिका, शिक्षण, प्रशिक्षण, शिक्षित, सुशिक्षित, अशिक्षित, शैक्षिक

साझा, साझीदार

खर्च, खर्चीला

मदद, मददगार

अध्यक्ष, अध्यक्षता

Comprehension Questions

1. Which of the following is not based on the text?

a. DRL was known for its research and development.

b. DRL is a part of a network for sharing research findings.

c. DRL’s major strategy was to create new products.

d. DRL’s number of qualified personnel exceeded its competitors.

2. Which of the following is not mentioned as DRL’s accomplishements?

a. Their products were know for quality and lower prices.

b. DRL products are quite popular in the United States.

c. DRLs function was to distribute free medincines among the poor.

d. DRL’s profits have increased consistently over the years.

Supplementary Materials Module 7

Reading

1. LIC  Case Studies

https://www.google.co.in/search?q=lic+case+study&oq=lic&aqs=chrome.1.69i57j69i59j69i60l3j0&sourceid=chrome&ie=UTF-8

2. LG’s Growth Strategies in Indiahttp://www.icmrindia.org/casestudies/catalogue/Marketing/MKTG115.htm 3.How LG surpassed Samsung in India –case studyhttp://mba.yonsei.ac.kr/eng/news/issue/index.html?do=view&sn=116

4.LG India’s Y.V. Verma: A Global Strategy That Keeps Local People at the Tohttp://knowledge.wharton.upenn.edu/article/lg-indias-y-v-verma-a-global-strategy-that-keeps-local-people-at-the-top/  

5 .Business and Financial Aspects of BPL http://www.arrl.org/business-and-financial-aspects-of-bpl

Listening

1.LIC-An Introduction-A case Study

http://www.slideshare.net/musicoholic/lic-india-a

2.LG Case Studyhttps://www.youtube.com/watch?v=EYQqtE90zKs 

3.SDL LG Case Studyhttps://www.youtube.com/watch?v=amKB6oMhC7M

 4.LG – CASE STUDY RURAL MARKETING  Slideshare

Arveen ShaheelB 050Case Study –Rural Marketing Approach

 http://www.slideshare.net/arveen/lg-case-study-rural-marketing

5.BPL colour tv -case study Slideshare

http://www.slideshare.net/sumandas19d/bpl-colour-tv-28610799

6.DRL case study -Slideshare

http://www.slideshare.net/royalnirankar/dr-reddy-lab

7.Dr. reddy’s social media case study 1280×720 WAT
https://www.youtube.com/watch?v=zA5LMNA_iNo

Discussion Ideas Module 7

1.  Select one of the four companies covered in this module. Identify one growth opportunity you see for the company (e.g. entering a new region or selling a new product). Develop a strategy to build on that opportunity.

2.  Select one of the four companies studied here. Pitch the company’s stocks to potential investors. 

3.  Pick one of the four companies listed and create a presentation on why it will play an integral role in Indian commerce and society for the next 20 years? (For example, India’s oil consumption will grow x% and thus Bharat Petroleum will grow proportionately, or Dr Reddy’s Labs will help address India’s healthcare situation).

4.  Do you agree that very few Indian companies are truly innovative?स Debate with another person why you think that although India produces engineers and scientists through its reputable universities, there is little technological innovation in India. Why do companies like LG, Samung, Sony, and Apple flourish without any reaction from Indian industry?

5.  Present a new case study of another company that exemplifies an aspect of Indian business.  Include a description of that aspect.

6.  Find recent news articles about one of the company case studies.  Present the latest developments to the group.

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