Module 9b

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Acquisition of Jaguar & Rover by Tata

Model 9.2

विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण – 2

टाटा द्वारा जैगुआर और लैंड रोवर का अधिग्रहण

 

  टाटा समूह का हेलवुड संयंत्र

परिचय

जून 2008 में भारत स्थित टाटा मोटर्स लिमिटेड ने घोषणा की कि उसने 2.3 अरब अमरीकी डॉलर में दो प्रतिष्ठित ब्रिटिश ब्रान्ड का अधिग्रहण पूरा कर लिया अमेरिका स्थित फ़ोर्ड मोटर्स से जगुआर और लैंड रोवर (जे.एल.आर.) का।

   यह बड़ी आश्चर्य  की बात मानी जा रही थी कि एक भारतीय कम्पनी लक्ज़री ब्रान्ड की मालिक बन कर बाज़ार में आ गई है। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार कुछ मुद्दे टाटा मोटर्स के लिए यूरोपीय और अमेरिकी मार्केट परेशानी का कारण बन सकते थे जैसे वित्तीय संकट, मुद्रा संकट आदि। बाजार की स्थिति बड़ी ही नाज़ुक है विशेषतः अमरीकी बाज़ार की। जे.एल.आर. को लाभकारी स्थिति में लाने के लिए टाटा को और अधिक निवेश करने की ज़रूरत है। कुछ लोगों को शंका थी कि मन्दी की मार से जे.एल.आर. बाजार से कहीं साफ़ न हो जाये।

जगुआर लैंड रोवर

टाटा मोटर्स ने अपनी साख के लिए कई अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण किये। इसने टैली, साउथ कोरियन का डेवू (Daewoo) व्यावसायिक वाहन यूनिट एवं ऐंग्लो-डच स्टील बनाने वाली  कोरस का अधिग्रहण किया।

जगुआर लैंड रोवर पी.एल.सी. एक ब्रिटिश ऑटोमोटिव बहुराष्ट्रीय कंपनी है जिसका पूर्ण स्वामित्व अब टाटा मोटर्स इण्डिया के पास है। यह कंपनी प्रमुखतः जगुआर और लैंड रोवर वाहनेां का विकास, विक्रय एवं उत्पादन करती है। फ़ोर्ड कम्पनी ने 2002 में जगुआर कार एवं लैंड रोवर का व्यापार एक छत्र के नीचे सम्मिलित कर दिया था। फोर्ड कंपनी ने 1989 में जगुआर एवं सन् 2000 में लैंड रोवर को बी.एम.डब्लू. से अधिग्रहण किया था। 2008 में टाटा मोटर्स ने फ़ोर्ड कंपनी से जगुआर एवं लैंड रोवर व्यापार का अधिग्रहण करके जगुआर लैंड रोवर कंपनी की स्थापना की।

सितंबर 2011 में कंपनी ने इस बात की पुष्टि की कि मध्य इंगलैण्ड वोल्वहेम्पटन के पास 355 मिलियन पाउन्ड की लागत से चार सिलैण्डर वाले पेट्रोल इंजन एवं डीज़ल इंजन परिवार के उत्पाद के लिए एक नये इंजन प्लांट का निर्माण किया जाएगा। मार्च 2012 में जगुआर लैंड रोवर ने घोषणा की कि वह अपने हेलवुड संयंत्र के लिए 1000 अतिरिक्त कर्मचारी भर्ती करेगा और यह संयंत्र दिन के 24 घंटे सक्रिय रहकर कारों का निर्माण करेगा। इसी महीने इसी कंपनी ने चीन की एक कंपनी के साथ मिलकर एक नए कारोबार की स्थापना की जिसके तहत जगुआर और लैंड रोवर का विनिर्माण, नए इंजनों का विनिर्माण, एक शोध और विकास स्थल, एक नए वाहन मार्की का विनिर्माण और सब वाहनों का विक्रय व्यवस्थित किया।  

समझौते की प्रक्रिया

टाटा मोटर्स को जे.एल.आर. प्राप्त करने में दिलचस्पी थी जिससे कम्पनी की निर्भरता भारतीय बाजार पर कम हो सके, जोकि कंपनी की सेल का 90 प्रतिशत के आसपास था। मोरगन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया था कि जे.आर.एल. सौदा टाटा मोटर्स के लिए नकारात्मक था। टाटा मोटर्स ने 3 अरब डालर यानी करीब 12000 करोड़ रुपये का ऋण 15 महीने के लिए जिन बैंकों से लिया था उनमें जे.पी. मोरगन, सिटीग्रुप, और भारतीय स्टेट बैंक शामिल थे। टाटा कोरस का सौदा मुख्यतः टाटा नेनो प्रोजेक्ट के लिए लिया गया था जोकि भारी निवेश की वजह से नकदी संकट में घिर गया था। क्रेडिट रेटिंग कम्पनियों का भी इस सौदे के प्रति नकारात्मक रुख था क्योंकि इसको पूरा करने के लिए बड़े निवेश की ज़रूरत थी।

अधिग्रहण के पीछे कार्यनीतिक औचित्य

  1. टाटा मोटर्स की लम्बी अवधि की कार्यनीति के तहत अपनी स्थिति को भारतीय घरेलू बाजार में मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में विस्तार करके अपनी घरेलू क्षमता एवं उत्पादों पर लाभ को बढ़ाने की नीति है। टाटा मोटर्स कई मोर्चों  पर लाभ की स्थिति में है। पहला अधिग्रहण कम्पनी को मदद करता है अंतरराष्ट्रीय साख  बढ़ाने में और अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल बाजार के भीतर प्रवेश करने में। अधिग्रहण के बाद टाटा मोटर्स विश्व की सबसे सस्ती कार करीब  2500 अमेरिकी डॉलर की नैनो और ऐश्वर्य की निशानी जगुआर एवं लैंड रोवर बनाने वाले के रूप में प्रख्यात हुआ।
  2. टाटा को दो उन्नत डिजाइन स्टूडियो और तकनीक प्राप्त हुई इस सौदे से। टाटा मोटर्स ने आधुनिकतम तकनीक से भारत में बनने वाले उत्पादों को और उन्नत करने में इस तकनीक का इस्तेमाल किया, जैसे इण्डिका और सफ़ारी में आवाज़ और कम्पन की समस्या को दूर करने में।
  3. इस सौदे से टाटा को वैश्विक स्तर पर तुरन्त ख्याति मिली जिसे मिलने में वैसे कई वर्ष लग जाते।
  4. मूल्य प्रतिस्पर्धा में कोरस ऑटोमोटिव उच्च श्रेणी के स्टील को जे.एल.आर. के अतिरिक्त यू.एस.ए. एवं यूरोप के कई देशों को सप्लाई करने वाला मुख्य सप्लायर है।
  5. भविष्य में टाटा मोटर्स  को भारतीय बाजार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा जोकि कुछ ही वर्ष पहले उसकी करीब 90 प्रतिशत आय का स्रोत था। इसके साथ ही विभिन्न देशों में टाटा के पदार्पण से इसकी भौगोलिक निर्भरता में विविधता आयेगी।

विश्लेषकों का विचार था जे.एल.आर. का अधिग्रहण वैश्विक ब्रान्ड में टाटा की उपस्थिति को दर्ज करायेगा जिससे टाटा वैश्विक ऑटामोबाइल इन्डस्ट्री का प्रमुख खिलाड़ी बन जायेगा और अब हम देख रहे हैं कि यही सच उभर रहा है।

उपयोगी शब्दार्थ

( shabdkosh.com is a link for an onine H-E and E-H dictionary for additional help)

प्रतिष्ठित

उद्योग विश्लेषक m/f

मुद्दे m pl.

वित्तीय संकट m

मुद्रा संकट m

विशेषतः

लाभकारी स्थिति f

मन्दी f

साख f

बहुराष्ट्रीय

विक्रय m

सम्मिलित करना

पुष्टि करना

संयंत्र m

विनिर्माण m

शोध m

विकास स्थल m

निर्भरता f

ऋण m

मुख्यतः

नकदी संकट m

घिर जाना

नकारात्मक रुख  m

घरेलू बाजार

घरेलू क्षमता

आधुनिकतम

कम्पन

ख्याति

प्रतिस्पर्धा

स्रोत

विविधता

respected

industry analyst

issues

financial crisis

currency crisis

specially

profitable situation

economic depression

reputation

multinational

sale

to include

to confirm

factory

manufacturing

research

development venue

dependence

debt

mainly

cash crisis

to be surrounded

negative trend

domestic market

domestic capacity

most modern

shaking, trembling

fame

competition

source

diversity

Linguistic and Cultural Notes

1. Sociolinguistically Hindi and other Indian languages have suffered communicative deficiency due to their limited use in professional domains. Languages develop through use. If native speakers cannot find appropriate words in a language for new concepts, if its use sounds unnatural or less prestigious to native speakers, if such a language depends on another language for words or phrases, then one can conclude that the development of such a language was seriously hampered.

2. Business expansion through mergers and acquisitions have been a common feature of corporate structuring. In today’s globalized market, foreign acquisitions are a common feature of global expansion.  It brings local recognition to the company and offers opportunity for global competion. A healthy competition in this respect has driven many Indian companies to expand to foreign markets.

Language Development

The two following vocabulary categories are designed for you to enlarge and strengthen your vocabulary.  Extensive vocabulary knowledge sharpens all three modes of communication, With the help of dictionaries, the internet and other resources to which you have access, explore the meanings and contextual uses of as many words as you can in order to understand their many connotations.

Semantically Related Words

Here are words with similar meanings but not often with the same connotation.

प्रतिष्ठित

विशेषतः

लाभकारी

विक्रय

सम्मिलित करना

संयंत्र

शोध

ऋण

आधुनिकतम                           

ख्याति

प्रतिस्पर्धा

विविधता

इज़्ज़तदार

ख़ासकर

फ़ायदेमंद

बिक्री

शामिल करना

कारखाना

अनुसंधान

उधार

अत्याधुनिक

मशहूरी, प्रसिद्धि, नाम

स्पर्धा, प्रतिद्वन्द्विता, प्रतियोगिता, मुकाबला

वैविध्य

Structurally Related Words (Derivatives)

प्रतिष्ठा, प्रतिष्ठित

विशेष, विशेषता, विशेषज्ञ, विशेषज्ञता, विशिष्ट, विशिष्टता, वैशिष्ट्य

लाभ, लाभांश, लाभदायक,लाभप्रद, लाभकारी

मन्द, मन्दी      

विक्रय, विक्रेता, बिक्री

पुष्ट, पुष्टि, पुष्टिकारक, पौष्टिक

यंत्र, यांत्रिक, संयंत्र

विकास, विकसित, अविकसित, विकासशील

निर्भर, निर्भरता

ऋण, ऋणी

आधुनिक, आधुनिकता, आधुनिकतम, अत्याधुनिक, आधुनिकता, आधुनिकीकरण

मुख, मौखिक, मुख्य, मुख्यतः

ख्यात, ख्याति, प्रख्यात

Comprehension Questions

1. Who was apprehensive about Tata’s foreign acquisition of JLR?

a. Morgan Stanley

b. Industry Analysts

c. Credit Rating Companies

d. All of the above

      2. In the context of acquiring foreign companies, which of the following statements is not based on the text?

Tata was enthusiasic about foreign acquisitions

a. to establish itself internationally

b. to  benefit from their improved technology

c. to avert its financial problems at home

d. to decrease its dependence on the Indian market

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